13 जुलाई 2026
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बिहार टेंडर घोटाला: SVU ने ठेकेदार ऋषु श्री को गिरफ्तार किया, ₹2 करोड़ के जेवर जब्त; पटना हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार किया

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बिहार टेंडर घोटाला: SVU ने ठेकेदार ऋषु श्री को गिरफ्तार किया, ₹2 करोड़ के जेवर जब्त; पटना हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार किया

सारांश

बिहार में SVU ने ठेकेदार ऋषु श्री को टेंडर घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार किया। 15 घंटे की छापेमारी में ₹2 करोड़ के जेवर और 61 भूमि दस्तावेज मिले। पटना हाईकोर्ट ने राहत याचिका खारिज की; ED की PMLA जाँच भी जारी है और कई अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना है।

मुख्य बातें

SVU ने 28 मई 2026 को बिहार के ठेकेदार ऋषु श्री को सरकारी टेंडर अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया।
पटना स्थित आवास पर 15 घंटे की छापेमारी में ₹2 करोड़ के हीरे-जेवर, ₹2.5 लाख नकद और 61 भूमि दस्तावेज बरामद।
आरोप है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने टेंडर आवंटन प्रभावित किया और बदले में विदेश यात्राओं का खर्च उठाया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) PMLA के तहत समानांतर मनी लॉन्ड्रिंग जाँच कर रहा है।
पटना उच्च न्यायालय ने जारी जाँच में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए ऋषु श्री की राहत याचिका खारिज की।
जब्त साक्ष्यों की पुष्टि पर कई सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई संभव।

विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने 28 मई 2026 को बिहार के चर्चित ठेकेदार ऋषु श्री को सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले पटना स्थित उनके आवास पर करीब 15 घंटे तक चली छापेमारी में ₹2 करोड़ मूल्य के आभूषण, 61 भूमि दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड बरामद किए गए। इसी दिन पटना उच्च न्यायालय ने जारी जांच में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए ऋषु श्री की राहत याचिका खारिज कर दी।

छापेमारी में क्या-क्या मिला

SVU की टीम ने बुधवार को शुरू हुई तलाशी के दौरान ₹2 करोड़ मूल्य के हीरे, सोने और चाँदी के आभूषण, ₹2.5 लाख नकद, चाँदी के बर्तन, 61 भूमि संबंधी दस्तावेज, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए। SVU के एक अधिकारी के अनुसार, जब्त दस्तावेजों की गहन जाँच की जा रही है और इनसे कथित घोटाले के नेटवर्क से जुड़े अन्य अहम खुलासे हो सकते हैं।

आरोपों का विस्तार: अधिकारी और विदेश यात्राएँ

जाँच एजेंसियों का आरोप है कि ऋषु श्री ने लंबे समय तक विभिन्न सरकारी विभागों में टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित कर पक्षपात और मिलीभगत के ज़रिए अनुचित तरीके से सरकारी अनुबंध हासिल किए। जाँच में यह भी आरोप सामने आया है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने टेंडर आवंटन को प्रभावित किया और बदले में कुछ अधिकारियों तथा उनके परिजनों की विदेश यात्राओं का खर्च उठाया गया।

अब जाँच का दायरा उन विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों तक बढ़ाया जा रहा है, जिनके ठेकेदार से संबंध होने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ और जब्त साक्ष्यों की पुष्टि होने पर आने वाले दिनों में कई सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

ED की समानांतर जाँच

प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत इस मामले की स्वतंत्र जाँच कर रहा है। ED पहले ही ऋषु श्री के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार को लेकर जाँच एजेंसियाँ लगातार सक्रिय हैं।

पटना हाईकोर्ट का फैसला

गिरफ्तारी के बाद ऋषु श्री ने गुरुवार को पटना उच्च न्यायालय में राहत के लिए याचिका दायर की। अदालत ने जारी जाँच में हस्तक्षेप करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया, जिससे SVU और ED दोनों का पक्ष और मजबूत हो गया है। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद जाँच एजेंसियों ने विभिन्न विभागों में टेंडर आवंटन प्रक्रिया की पड़ताल और तेज कर दी है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह मामला केवल एक ठेकेदार तक सीमित नहीं रह गया है — जाँच का दायरा विभागीय स्तर तक पहुँच चुका है। आने वाले दिनों में जब्त दस्तावेजों के विश्लेषण के आधार पर और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। ED की PMLA जाँच अलग से चलती रहेगी, जिससे आरोपी पर कानूनी दबाव दोहरे मोर्चे पर बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अंतिम विश्वसनीयता आरोप-पत्र की गुणवत्ता पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ठेकेदार ऋषु श्री को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
ऋषु श्री को सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में SVU ने 28 मई 2026 को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने पक्षपात और मिलीभगत के ज़रिए लंबे समय तक सरकारी अनुबंध हासिल किए।
SVU की छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
पटना स्थित आवास पर 15 घंटे चली छापेमारी में ₹2 करोड़ मूल्य के हीरे, सोने और चाँदी के आभूषण, ₹2.5 लाख नकद, चाँदी के बर्तन, 61 भूमि संबंधी दस्तावेज और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
पटना हाईकोर्ट ने ऋषु श्री को राहत क्यों नहीं दी?
पटना उच्च न्यायालय ने जारी जाँच में हस्तक्षेप करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। अदालत ने माना कि इस स्तर पर जाँच में दखल देना उचित नहीं होगा, जिससे SVU और ED दोनों का पक्ष मजबूत हुआ है।
ED इस मामले में क्या भूमिका निभा रही है?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ऋषु श्री के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला पहले ही दर्ज कर चुकी है और SVU की जाँच के समानांतर अपनी स्वतंत्र पड़ताल जारी रखे हुए है।
क्या इस मामले में सरकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है?
सूत्रों के अनुसार, जब्त साक्ष्यों और पूछताछ की पुष्टि होने पर आने वाले दिनों में कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने टेंडर आवंटन प्रभावित किया और बदले में उनकी विदेश यात्राओं का खर्च उठाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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