मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कोयंबटूर में पारदर्शी मतदाता सूचियों को बताया लोकतंत्र की आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 1 अगस्त 2026 को कोयंबटूर स्थित अमृता विश्व विद्यापीठम के 30वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए स्पष्ट कहा कि पारदर्शी और सटीक मतदाता सूचियाँ देश में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों की बुनियाद हैं। उन्होंने स्नातक छात्रों, संकाय सदस्यों और आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए नागरिकों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता पर जोर
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता काफी हद तक मतदाता सूचियों की सटीकता और विश्वसनीयता पर टिकी होती है। उन्होंने रेखांकित किया कि पारदर्शी मतदाता रिकॉर्ड यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक पात्र नागरिक को चुनाव में भाग लेने का समान अवसर मिले। उनके अनुसार, सटीक मतदाता सूचियाँ बनाए रखना चुनावों की विश्वसनीयता की रक्षा करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के भरोसे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अनिवार्य कदम है।
युवाओं से लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का आग्रह
मुख्य चुनाव आयुक्त ने विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले और भावी मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपने चुनावी अधिकारों का जिम्मेदारीपूर्वक प्रयोग करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकता का अर्थ केवल मतदान केंद्र तक जाना नहीं है — सक्रिय भागीदारी, राजनीतिक जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
राष्ट्र निर्माण में युवा स्नातकों की भूमिका
ज्ञानेश कुमार ने दीक्षांत समारोह के मंच से युवा स्नातकों को याद दिलाया कि जैसे-जैसे वे पेशेवर और सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करते हैं, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक मामलों में उनकी भागीदारी देश की समग्र प्रगति में सीधा योगदान करती है। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने में नागरिक जिम्मेदारी की भूमिका को केंद्रीय विषय के रूप में प्रस्तुत किया।
दीक्षांत समारोह का संदर्भ
अमृता विश्व विद्यापीठम के कोयंबटूर परिसर का यह 30वाँ दीक्षांत समारोह था, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक विषयों के स्नातक छात्रों को डिग्रियाँ प्रदान की गईं। समारोह में संकाय सदस्य, विश्वविद्यालय अधिकारी और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब चुनाव आयोग मतदाता सूची की शुद्धता और समावेशिता को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान चला रहा है।
आगे की राह
मुख्य चुनाव आयुक्त की यह अपील ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत के कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। युवा मतदाताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए, चुनाव आयोग की यह पहल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।