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टी-सीरीज टैंक ओवरहाल परियोजना: जबलपुर में राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन, रक्षा आत्मनिर्भरता को मिलेगी मजबूती

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टी-सीरीज टैंक ओवरहाल परियोजना: जबलपुर में राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन, रक्षा आत्मनिर्भरता को मिलेगी मजबूती

सारांश

जबलपुर की वाहन निर्माणी में टी-सीरीज टैंक ओवरहाल परियोजना का भूमिपूजन भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम है। जनवरी 2026 में दो टी-72 टैंकों की सफल ओवरहालिंग के बाद अब यह क्षमता टी-90 तक विस्तारित होगी, जिससे विदेशी निर्भरता घटेगी और सेना की तैयारी मजबूत होगी।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 27 अगस्त 2026 को जबलपुर में टी-सीरीज टैंक ओवरहाल परियोजना का भूमिपूजन करेंगे।
परियोजना आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (AVCNL) की वाहन निर्माणी जबलपुर में स्थापित की जा रही है, जिसकी स्थापना 1969 में हुई थी।
इसका उद्देश्य टी-90 और टी-72 टैंकों की ओवरहालिंग एवं रखरखाव क्षमता को देश के भीतर ही विकसित करना है।
जनवरी 2026 में जबलपुर निर्माणी ने पहले दो टी-72 टैंकों को ओवरहाल कर सेना को सौंपा था।
यह परियोजना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की नीति के अंतर्गत एक रणनीतिक पहल मानी जा रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में टी-सीरीज टैंक ओवरहाल परियोजना के भूमिपूजन समारोह में शामिल होंगे। आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (AVCNL) के अंतर्गत स्थापित की जा रही यह परियोजना भारतीय सेना के टी-90 और टी-72 जैसे अग्रिम पंक्ति के टैंकों की ओवरहालिंग क्षमता को देश के भीतर ही सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। इसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

परियोजना का उद्देश्य और महत्व

इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य भारतीय सेना के टी-सीरीज टैंकों की मरम्मत, रखरखाव और उन्हें पुनः युद्ध के लिए तैयार करने की क्षमता को घरेलू स्तर पर विकसित करना है। अब तक इस प्रकार की ओवरहालिंग के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी निर्भरता बनी हुई थी। नई फैसिलिटी के शुरू होने से यह निर्भरता कम होगी और टैंकों की परिचालन तैयारी में भी सुधार आएगा।

गौरतलब है कि वाहन निर्माणी जबलपुर की स्थापना 1969 में हुई थी और यह दशकों से सशस्त्र बलों के लिए विभिन्न सैन्य वाहनों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। टी-72 टैंकों की ओवरहालिंग में यह संस्था पहले से ही अपनी दक्षता प्रमाणित कर चुकी है।

पूर्व उपलब्धियाँ और नई शुरुआत

जनवरी 2026 में वाहन निर्माणी जबलपुर द्वारा ओवरहाल किए गए पहले दो टी-72 टैंकों को भारतीय सेना को सौंपा गया था। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जबलपुर की यह इकाई जटिल सैन्य उपकरणों के पुनरुद्धार में सक्षम है। नई परियोजना इसी क्षमता को और विस्तार देगी और टी-90 श्रेणी के उन्नत टैंकों को भी इसके दायरे में लाएगी।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार रक्षा उत्पादन में 'मेक इन इंडिया' के तहत घरेलू क्षमताओं को प्राथमिकता दे रही है। टैंक ओवरहालिंग जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं को स्वदेशी बनाना इस नीति का व्यावहारिक विस्तार है।

समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

भूमिपूजन समारोह में रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव, विभाग की संयुक्त सचिव और आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी साझा करते हुए कहा, 'मैं आज जबलपुर (मध्य प्रदेश) में रहूंगा। मैं व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट के लिए भूमि पूजन समारोह में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।'

आगे की राह

इस परियोजना के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद जबलपुर की रक्षा उत्पादन क्षमता को नया विस्तार मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू स्तर पर टैंक ओवरहालिंग की क्षमता न केवल लागत में कमी लाएगी, बल्कि सेना की परिचालन तत्परता को भी बढ़ाएगी। यह कदम भारत के रक्षा निर्यात महत्वाकांक्षाओं के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह सुविधा बड़े पैमाने पर और तय समय-सीमा में उत्पादन दे सकती है। रक्षा उत्पादन में 'मेक इन इंडिया' के तहत कई घोषणाएँ हुई हैं जो क्रियान्वयन की धीमी गति के कारण अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकीं। इस परियोजना की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि AVCNL कितनी जल्दी और कितनी संख्या में टैंकों को युद्ध-तैयार स्थिति में वापस ला सकती है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टी-सीरीज टैंक ओवरहाल परियोजना क्या है?
यह जबलपुर की वाहन निर्माणी में स्थापित की जा रही एक रणनीतिक रक्षा परियोजना है, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना के टी-90 और टी-72 टैंकों की ओवरहालिंग और रखरखाव क्षमता को देश के भीतर ही विकसित करना है। यह आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (AVCNL) के अंतर्गत संचालित होगी।
जबलपुर में भूमिपूजन कब और किसके द्वारा किया जाएगा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 27 अगस्त 2026 को जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री में इस परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। समारोह में रक्षा उत्पादन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और AVCNL के CMD भी उपस्थित रहेंगे।
वाहन निर्माणी जबलपुर ने पहले टी-72 टैंकों की ओवरहालिंग कब की थी?
जनवरी 2026 में वाहन निर्माणी जबलपुर ने पहले दो टी-72 टैंकों को ओवरहाल कर भारतीय सेना को सौंपा था। यह इस इकाई की तकनीकी दक्षता का पहला बड़ा प्रमाण था।
इस परियोजना से भारतीय सेना को क्या फायदा होगा?
इस परियोजना से टैंकों के रखरखाव और उन्हें पुनः युद्ध के लिए तैयार करने की प्रक्रिया देश में ही संपन्न होगी, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी और परिचालन तत्परता बढ़ेगी। साथ ही लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।
यह परियोजना 'आत्मनिर्भर भारत' से कैसे जुड़ी है?
घरेलू स्तर पर टैंक ओवरहालिंग क्षमता विकसित करना रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भरता की नीति का व्यावहारिक विस्तार है। यह भारत को अपने सबसे महत्वपूर्ण ज़मीनी युद्धक उपकरणों के रखरखाव में स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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