10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तहसीन पूनावाला ने ट्रंप के बयान पर दी प्रतिक्रिया, 'ऑपरेशन सिंदूर में शहबाज शरीफ की जान को था खतरा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तहसीन पूनावाला ने ट्रंप के बयान पर दी प्रतिक्रिया, 'ऑपरेशन सिंदूर में शहबाज शरीफ की जान को था खतरा'

सारांश

तहसीन पूनावाला ने ट्रंप के हालिया बयान पर टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान शहबाज शरीफ के जीवन को खतरे में बताया। जानें इस पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

तहसीन पूनावाला का ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहबाज शरीफ की जान को खतरा था भारत ने स्वतंत्र रूप से ऑपरेशन चलाया सैन्य बलों की उत्कृष्टता की प्रशंसा पाकिस्तान को सख्त चेतावनी

पुणे, २६ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि ट्रंप द्वारा कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के दोनों सदनों को दी गई जानकारी भारत के लिए पहले से ही ज्ञात थी।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में assertion किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच मई २०२५ में हुए संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की जान को खतरा था, और यदि अमेरिका हस्तक्षेप नहीं करता तो स्थिति और बिगड़ सकती थी। उन्होंने कहा कि "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने स्वयं स्वीकार किया कि ३५ मिलियन लोग मर सकते थे" और उन्होंने युद्ध को रोका। हालांकि, भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से चलाया गया और इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था। संघर्ष सीधे दोनों देशों के डीजीएमओ (डायरेक्टर्स जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच बातचीत से १० मई को समाप्त हुआ।

तहसीन पूनावाला ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "हमें पता है कि १० मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को फोन कर ऑपरेशन सिंदूर रोकने की अपील की थी। ट्रंप का बयान इस बात की पुष्टि करता है कि भारत को पाकिस्तान की कमजोरी का पहले से ज्ञान था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहबाज शरीफ की जान भी जा सकती थी, क्योंकि भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए।"

उन्होंने भारतीय सेनाओं की सफलता की सराहना की। पूनावाला ने कहा, "चाहे हम किसी भी राजनीतिक विचारधारा के हों, सबसे पहले भारत की इंटेलिजेंस, वायुसेना, नौसेना, थल सेना और सभी सशस्त्र बलों को सलाम। ऑपरेशन सिंदूर में मिली सफलता अद्भुत थी। भारत ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया।"

पूनावाला ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी, "पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संदेश है—यदि आप हमारे देश में एक भी भारतीय की जान लेने की कोशिश करेंगे, तो भारत आपको माफ नहीं करेगा। हम आपके देश में घुसकर आपको जवाब देंगे।"

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि "गोली के बदले गोला मिलेगा।" पूनावाला ने जोड़ा, "यदि आप हमारे लोगों को मारेंगे, तो हम आपके वजीर-ए-आजम को नहीं छोड़ेंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक शत्रु देश के प्रधानमंत्री के जीवन की सुरक्षा के मुद्दे को उठाया। यह दर्शाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में घटनाओं का विश्लेषण किया जाता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य अभियान था, जिसे भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ चलाया।
तहसीन पूनावाला कौन हैं?
तहसीन पूनावाला एक राजनीतिक विश्लेषक और सार्वजनिक वक्ता हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने किस संदर्भ में शहबाज शरीफ का नाम लिया?
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान शहबाज शरीफ के जीवन को खतरे में बताया था।
ऑपरेशन सिंदूर का परिणाम क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को घुटने के बल ला दिया और इसे सफल माना गया।
क्या भारत ने इस ऑपरेशन में किसी तीसरे पक्ष की मदद ली थी?
भारत ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से चलाया गया था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले