BIT मेसरा स्थापना दिवस: राज्यपाल संतोष गंगवार बोले — तकनीकी संस्थान बनें नवाचार और सामाजिक समाधान के केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 15 जुलाई 2026 को रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा के स्थापना दिवस समारोह में कहा कि देश के तकनीकी संस्थानों को पारंपरिक शिक्षा की सीमाएँ तोड़कर नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप और समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान का केंद्र बनना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे युवा गढ़ना है जो स्वयं रोज़गार के अवसर सृजित करें।
सात दशक की यात्रा और BIT मेसरा की भूमिका
राज्यपाल गंगवार ने BIT मेसरा की सात दशकों से अधिक की शैक्षणिक यात्रा को रेखांकित करते हुए इसे देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों में स्थान दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। BIT मेसरा के पूर्व छात्र आज देश-विदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और प्रौद्योगिकी कंपनियों में महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।
उभरती प्रौद्योगिकियों में उद्योग-अकादमिक सहयोग की ज़रूरत
राज्यपाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, हरित ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में तेज़ी से हो रहे बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में आगे बने रहने के लिए तकनीकी संस्थानों को उद्योग-अकादमिक सहयोग मज़बूत करना होगा और अनुसंधान-आधारित नवाचार को प्राथमिकता देनी होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे बहुविषयक, कौशल-आधारित और नवाचार-केंद्रित शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
राष्ट्रीय पहलों से जोड़ने का आह्वान
गंगवार ने 'विकसित भारत-2047', 'आत्मनिर्भर भारत', 'स्टार्टअप इंडिया', 'डिजिटल इंडिया', 'मेक इन इंडिया' और 'इंडिया एआई मिशन' जैसी राष्ट्रीय पहलों का ज़िक्र करते हुए युवाओं से अपील की कि वे नई तकनीकों के केवल उपभोक्ता न बनें, बल्कि उनके विकास और वैश्विक नेतृत्व में सक्रिय भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि यह ऐसे समय में विशेष रूप से प्रासंगिक है जब भारत वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
झारखंड की संभावनाएँ और स्थानीय समाधान
राज्यपाल ने झारखंड की विशिष्ट संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खनन, इस्पात, ऊर्जा, कृषि, वन, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और तकनीकी नवाचार की व्यापक गुंजाइश है। उनका आग्रह था कि BIT मेसरा अपनी वैज्ञानिक क्षमता का उपयोग राज्य की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक समाधान विकसित करने में करे। गौरतलब है कि झारखंड खनिज-समृद्ध होने के बावजूद तकनीकी नवाचार के मामले में अपनी पूरी क्षमता का दोहन अभी तक नहीं कर पाया है।
आगे की राह
राज्यपाल गंगवार ने विश्वास जताया कि BIT मेसरा आने वाले वर्षों में ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। संस्थान से अपेक्षा जताई गई कि वह NEP-2020 की भावना के अनुरूप वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नए मानक स्थापित करे।