तंबाकू छोड़ने के 1 साल में हृदय रोग का खतरा आधा: WHO की हेल्थ एडवाइजरी
सारांश
मुख्य बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 31 मई 2025 को विश्व तंबाकू निरोध दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण हेल्थ एडवाइजरी जारी की, जिसमें बताया गया कि तंबाकू छोड़ने के मात्र 1 साल के भीतर हृदय रोग का खतरा आधा हो जाता है। WHO के अनुसार, दुनियाभर में तंबाकू सेवन करने वाले लगभग 60 प्रतिशत लोग इसे छोड़ना चाहते हैं — यह संख्या 75 करोड़ है।
तंबाकू छोड़ने के स्वास्थ्य लाभ
WHO ने अपनी एडवाइजरी में तंबाकू छोड़ने के चरणबद्ध स्वास्थ्य लाभों का विवरण दिया। संगठन के अनुसार, धूम्रपान बंद करने के मात्र 20 मिनट के भीतर हृदय गति सामान्य होने लगती है। 2 से 12 हफ्तों में फेफड़ों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखा जाता है। और 1 साल पूरा होते-होते हृदय रोग का जोखिम पहले की तुलना में आधा रह जाता है।
WHO ने यह भी स्पष्ट किया कि तंबाकू की लत से छुटकारा पाना संभव है और इसके लिए सहयोग एवं सहायता उपलब्ध है।
किशोरों में बढ़ता तंबाकू सेवन: चिंताजनक आँकड़े
29 मई 2025 को WHO के आधिकारिक बयान में यह खुलासा हुआ कि विश्वभर में 13 से 15 वर्ष की आयु के कम से कम 4 करोड़ बच्चे तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। गौरतलब है कि युवाओं में ई-सिगरेट और निकोटीन पाउच का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जो वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।
तंबाकू कंपनियों पर WHO की चेतावनी
WHO ने आगाह किया है कि तंबाकू और निकोटीन कंपनियाँ जानबूझकर अपने उत्पादों को अधिक आकर्षक, उपयोग में आसान और छोड़ने में कठिन बनाने के लिए उनमें बदलाव कर रही हैं।
WHO के स्वास्थ्य निर्धारक, संवर्धन और रोकथाम विभाग के निदेशक डॉ. एटियेन क्रुग ने कहा, 'तंबाकू लाखों लोगों की जान ले रहा है, फिर भी प्रमुख तंबाकू कंपनियाँ अपने व्यापार मॉडल को नया रूप दे रही हैं। घातक सिगरेट से मुनाफा कमाना जारी रखे हुए हैं, साथ ही अगली पीढ़ी को लत लगाने के उद्देश्य से फ्लेवर्ड ई-सिगरेट, निकोटीन पाउच और अन्य निकोटीन उत्पादों को आक्रामक रूप से बढ़ावा दे रही हैं।'
सरकारों से WHO की अपील
WHO ने दुनियाभर की सरकारों से आग्रह किया है कि वे नई पीढ़ी को तंबाकू और निकोटीन उत्पादों की लत से बचाने के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाएँ। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सहित कई देशों में युवाओं के बीच ई-सिगरेट का प्रचलन तेज़ी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियामकीय ढाँचे को इन नए उत्पादों के अनुरूप तत्काल अद्यतन करने की ज़रूरत है।