तमिलनाडु में ऑटो-रिक्शा किराया संशोधित: न्यूनतम चार्ज ₹50, रात को 50% सरचार्ज लागू
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने 28 अक्टूबर 2026 को चेन्नई मेट्रोपॉलिटन एरिया सहित राज्य के अन्य हिस्सों में ऑटो-रिक्शा के किराए में आधिकारिक संशोधन किया है। नए टैरिफ ढाँचे के तहत पहले 1.8 किलोमीटर की यात्रा के लिए न्यूनतम किराया ₹50 निर्धारित किया गया है, जबकि इससे अधिक दूरी पर ₹25 प्रति किलोमीटर की दर लागू होगी। यह संशोधन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 67 के तहत जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से प्रभावी हुआ है।
नया किराया ढाँचा: मुख्य घटनाक्रम
सामान्य टैरिफ के अनुसार, 1.8 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए यात्री को ₹50 का आधार किराया देना होगा। इससे अधिक की प्रत्येक किलोमीटर पर ₹25 अलग से जुड़ेगा। वेटिंग चार्ज के रूप में ₹1 प्रति मिनट की दर तय की गई है। उदाहरण के तौर पर, 3.8 किलोमीटर की यात्रा का कुल किराया — बिना इंतजार के — ₹100 होगा, जिसमें ₹50 आधार किराया और अतिरिक्त 2 किलोमीटर के लिए ₹50 शामिल हैं।
रात्रि सफर और घाट रोड पर अतिरिक्त शुल्क
रात 10 बजे से सुबह 5 बजे के बीच यात्रा करने पर यात्रियों से सामान्य किराए का डेढ़ गुना यानी 50% अतिरिक्त सरचार्ज वसूला जाएगा। इसका व्यावहारिक अर्थ यह है कि यदि दिन में किसी यात्रा का किराया ₹100 है, तो रात में वही सफर ₹150 का पड़ेगा।
घाट रोड यात्राओं के लिए अलग और उच्चतर दरें निर्धारित की गई हैं। इन मार्गों पर न्यूनतम किराया ₹60 रखा गया है — जो सामान्य आधार दर का 1.2 गुना है। अतिरिक्त दूरी के लिए किराया ₹30 प्रति किलोमीटर होगा, जबकि सामान्य मार्गों पर यह ₹25 है। कुल मिलाकर, घाट रोड की दोनों दरें — न्यूनतम और प्रति किलोमीटर — सामान्य दरों से 20% अधिक हैं।
सरकार और परिवहन प्राधिकरणों को निर्देश
राजपत्र अधिसूचना में राज्य परिवहन प्राधिकरण और संबंधित क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों को इस संशोधित किराए को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है। अधिसूचना में शुरुआती दूरी, अतिरिक्त किलोमीटर, वेटिंग शुल्क और विशेष परिस्थितियों (रात की यात्रा व घाट रोड) पर लागू दरों की विस्तृत सूची दी गई है।
आम यात्रियों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य शहरों में ऑटो चालक और यात्री संगठन लंबे समय से किराया संशोधन की माँग कर रहे थे। गौरतलब है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों और परिचालन लागत में वृद्धि को देखते हुए चालक संगठनों ने बार-बार दरें बढ़ाने की अपील की थी। यात्रियों के लिए अंतिम देय राशि तय दूरी, वेटिंग समय और विशेष सरचार्ज के संयोजन पर निर्भर करेगी।
क्या होगा आगे
परिवहन अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे मीटर अंशांकन और नई दर सूची को लागू करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें। यात्री और चालक दोनों वर्गों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में इस संशोधन की व्यावहारिक स्वीकार्यता तय करेगी।