तमिलनाडु में 100 से अधिक अल्पकालिक निविदाएं रद्द, मुख्यमंत्री विजय सरकार का पारदर्शिता अभियान
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD), विद्युत विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और नगर प्रशासन विभाग सहित कई प्रमुख विभागों में जारी की गई 100 से अधिक अल्पकालिक निविदाएं रद्द कर दी हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नवगठित तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) सरकार ने यह कदम सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के व्यापक प्रशासनिक सुधार के तहत उठाया है।
मुख्य घटनाक्रम
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 13 मई से 22 मई 2026 के बीच विभिन्न विभागों में जारी की गई अल्पकालिक निविदाओं की पहचान कर उन्हें रद्द किया गया है। प्रभावित विभागों में ग्रामीण विकास विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, चेन्नई नगर निगम, नगर प्रशासन विभाग और जल आपूर्ति विभाग शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय प्रशासनिक कारणों से लिया गया है, हालांकि प्रभावित परियोजनाओं की कुल वित्तीय राशि का तत्काल खुलासा नहीं किया गया।
अल्पकालिक निविदाएं क्यों बनी समस्या
अल्पकालिक निविदाएं सामान्यतः तत्काल या आपातकालीन आवश्यकताओं के लिए जारी की जाती हैं, जिनमें सामान्य बोली अवधि को घटा दिया जाता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य कार्यों को शीघ्र गति देना होता है, परंतु आलोचकों का कहना है कि इसके दुरुपयोग से प्रतिस्पर्धा सीमित होती है और अनुबंध आवंटन में अनियमितताओं की आशंका बढ़ती है। TVK सरकार ने सत्ता संभालते ही स्पष्ट किया था कि अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर इस प्रक्रिया का उपयोग नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
सरकार ने केवल निविदाएं रद्द करने तक ही सीमित नहीं रही — चेन्नई नगर निगम और ग्रामीण विकास विभाग में सरकारी निर्देशों के बावजूद कथित तौर पर अल्पकालिक निविदाएं जारी करने वाले अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई स्पष्ट करती है कि नई सरकार खरीद दिशानिर्देशों के उल्लंघन को गंभीरता से ले रही है।
आम जनता और परियोजनाओं पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाएं प्रगति पर हैं। निविदाओं के रद्द होने से कुछ कार्यों में देरी की आशंका है, हालांकि सरकार का कहना है कि मानक खरीद प्रक्रिया के ज़रिए इन्हें पुनः जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रभावित विभाग सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति, जल वितरण और नगरीय सेवाओं जैसे नागरिक-केंद्रित क्षेत्रों से जुड़े हैं।
क्या होगा आगे
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि भविष्य में खरीद गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि निर्धारित प्रक्रियाओं से विचलन को रोका जा सके। रद्द की गई निविदाओं को अब मानक बोली प्रक्रिया के माध्यम से पुनः जारी किए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नीति निरंतर लागू रही, तो तमिलनाडु में सार्वजनिक अनुबंधों की गुणवत्ता और जवाबदेही में सुधार आ सकता है।