तमिलनाडु में खनिज ट्रकों के लिए GPS अनिवार्य, 1 नवंबर से बिना AIS 140 डिवाइस नहीं मिलेगा परमिट
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के भूविज्ञान और खनन विभाग ने 1 नवंबर 2026 से राज्य में खनिज परिवहन करने वाले सभी ट्रकों के लिए AIS 140 मानक का GPS डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया है। इस नियम के तहत बिना GPS डिवाइस के अब कोई भी वाहन ट्रांसपोर्ट परमिट या ट्रांजिट पास प्राप्त नहीं कर सकेगा। 31 अक्टूबर 2026 को अंतिम बढ़ी हुई समय सीमा समाप्त होने के बाद यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
नियम की मुख्य शर्तें
विभाग के निर्देशों के अनुसार, खनिज ढोने वाले वाहनों के मालिकों को केवल डिवाइस लगाना पर्याप्त नहीं है — उन्हें AIS 140 मानक का GPS उपकरण स्थापित करने के साथ-साथ उसे विभाग के मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम (MIMAS) ऑनलाइन पोर्टल से भी जोड़ना होगा। यानी इंस्टॉलेशन और ऑनलाइन इंटीग्रेशन — दोनों शर्तें एक साथ पूरी करनी होंगी।
जो वाहन मालिक इन दोनों शर्तों को पूरा नहीं करते, उन्हें ट्रांसपोर्ट दस्तावेज़ जारी नहीं होंगे। यह व्यवस्था परिवहन अनुमति को प्रत्यक्ष रूप से GPS अनुपालन से जोड़ती है।
उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध GPS डिवाइस और परमिट के खनिज परिवहन करते पाए गए वाहनों को जब्त किया जाएगा। इसके अलावा संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।
विभाग ने प्रवर्तन को लेकर किसी तरह की ढील की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है। अधिकारियों ने इस नियम को अवैध खनन एवं अनाधिकृत खनिज आवाजाही पर अंकुश लगाने के व्यापक अभियान का अहम हिस्सा बताया है।
कई बार बढ़ाई गई थी समय सीमा
यह नियम एकाएक नहीं आया — इसकी पृष्ठभूमि में कई महीनों की प्रक्रिया रही है। GPS डिवाइस लगाने की मूल समय सीमा 31 मार्च 2026 निर्धारित थी। इसके बाद सरकार ने 1 सितंबर 2026 से बिना उपकरण वाले वाहनों को ट्रांजिट पास देना बंद करने की योजना बनाई थी।
हालाँकि, वाहन मालिकों को डिवाइस लगाने और पोर्टल-लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी करने का अतिरिक्त समय देने के लिए अनुपालन की समय सीमा पहले 30 सितंबर और फिर 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
डिजिटल निगरानी से बदलेगी व्यवस्था
तमिलनाडु सरकार का लक्ष्य खनिज परिवहन की पूरी श्रृंखला को एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। MIMAS पोर्टल से जुड़ा GPS ट्रैकिंग सिस्टम विभाग को वाहनों की रियल-टाइम लोकेशन, परमिट की स्थिति और खनिज की मात्रा पर नज़र रखने में सक्षम बनाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और राज्य के राजस्व रिसाव को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण है। आने वाले हफ्तों में विभाग द्वारा प्रवर्तन की स्थिति और अनुपालन दर की समीक्षा अपेक्षित है।