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टीबी मरीजों का आहार: उपचार के दौरान थाली में शामिल करें ये पोषक तत्व, रिकवरी होगी तेज़

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टीबी मरीजों का आहार: उपचार के दौरान थाली में शामिल करें ये पोषक तत्व, रिकवरी होगी तेज़

सारांश

टीबी के इलाज में दवाएँ अकेली काफी नहीं — NHM और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दालें, मिलेट्स, मौसमी सब्जियाँ और दूध-दही जैसे पोषक तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर रिकवरी को तेज़ करते हैं। सही थाली ही सबसे बड़ी दवा है।

मुख्य बातें

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार टीबी उपचार के दौरान संतुलित पोषण रिकवरी में निर्णायक भूमिका निभाता है।
मक्का, ज्वार, बाजरा, गेहूँ जैसे अनाज और मिलेट्स दीर्घकालिक ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं।
चना, राजमा, मसूर, पनीर, सोया जैसे प्रोटीन स्रोत मांसपेशियों की मरम्मत में सहायक हैं।
मौसमी फल और हरी सब्जियाँ विटामिन व मिनरल्स देकर इम्युनिटी मज़बूत करती हैं।
दिन में कम से कम 3 बार पौष्टिक भोजन और भरपूर पानी पीना ज़रूरी है।
जंक फूड, अत्यधिक तला-भुना और बाहर का खाना टीबी उपचार के दौरान पूरी तरह टालें ।

क्षय रोग (टीबी) के उपचार में दवाओं के साथ-साथ संतुलित और पोषण युक्त आहार की भूमिका उतनी ही अहम है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सही खानपान मरीज के शरीर को आवश्यक ऊर्जा देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करता है और स्वस्थ होने की प्रक्रिया को तेज़ करता है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने भी इस बात पर जोर दिया है कि टीबी के इलाज के दौरान पोषण की अनदेखी रिकवरी को धीमा कर सकती है।

टीबी उपचार में पोषण क्यों जरूरी है

NHM के दिशानिर्देशों के अनुसार, टीबी के उपचार के दौरान शरीर काफी कमज़ोर हो जाता है और उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। ऐसे में पौष्टिक आहार शरीर को न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी मज़बूत बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं के साथ सही पोषण अपनाने से इलाज का असर बेहतर होता है और संक्रमण से बचाव में भी सहायता मिलती है।

अनाज और मिलेट्स: ऊर्जा का मुख्य स्रोत

मक्का, चावल, ज्वार, बाजरा और गेहूँ जैसे अनाज शरीर को दीर्घकालिक ऊर्जा प्रदान करते हैं। ये कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं और टीबी मरीज़ की दैनिक ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक हैं। मिलेट्स विशेष रूप से फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्वों से समृद्ध होते हैं।

दालें और प्रोटीन: मांसपेशियों की मरम्मत के लिए

मटर, बीन्स, मसूर, चना और राजमा जैसी दालें प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत हैं। ये मांसपेशियों को मज़बूत बनाती हैं और शरीर की टूट-फूट की मरम्मत में सहायता करती हैं। पनीर या सोया को भी आहार में शामिल करने की सलाह दी जाती है, जो शाकाहारी मरीज़ों के लिए प्रोटीन का अच्छा विकल्प है।

फल, सब्जियाँ और अन्य ज़रूरी चीजें

मौसमी फल और हरी सब्जियाँ विटामिन, मिनरल्स और फाइबर का समृद्ध स्रोत हैं, जो प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, पर्याप्त मात्रा में खाद्य तेल, घी, गुड़, दूध और दही का सेवन भी लाभकारी बताया गया है। दिन में कम से कम 3 बार पौष्टिक भोजन और बीच-बीच में हेल्दी स्नैक्स लेने की सलाह दी जाती है।

परहेज़ और सावधानियाँ

स्वास्थ्य विशेषज्ञ टीबी उपचार के दौरान ताज़ा और घर का बना भोजन खाने पर ज़ोर देते हैं। अत्यधिक तला-भुना, जंक फूड और बाहर का खाना पूरी तरह से टालना चाहिए। भरपूर पानी पीना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएँ समय पर लेना भी उतना ही ज़रूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही आहार और नियमित दवाओं का संयोजन ही टीबी से पूर्ण और तेज़ रिकवरी की कुंजी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि भारत में टीबी के सबसे अधिक मरीज़ उन्हीं तबकों से आते हैं जहाँ पौष्टिक भोजन की पहुँच सीमित है। सरकार की 'निक्षय पोषण योजना' के तहत मरीज़ों को ₹500 प्रति माह की सहायता दी जाती है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह राशि संतुलित आहार के लिए पर्याप्त नहीं है। आहार-संबंधी सलाह तभी कारगर होगी जब उसे आर्थिक सहायता और सामुदायिक स्वास्थ्य ढाँचे से जोड़ा जाए — केवल जागरूकता अभियान से काम नहीं चलेगा।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीबी के इलाज के दौरान कौन-से खाद्य पदार्थ खाने चाहिए?
टीबी उपचार के दौरान दालें, मिलेट्स, मौसमी फल, हरी सब्जियाँ, दूध, दही और घी जैसे पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना चाहिए। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और रिकवरी को तेज़ करते हैं।
टीबी मरीज़ को किन चीज़ों से परहेज़ करना चाहिए?
टीबी के उपचार के दौरान अत्यधिक तला-भुना खाना, जंक फूड और बाहर का खाना पूरी तरह टालना चाहिए। ताज़ा और घर का बना भोजन ही सबसे उपयुक्त माना जाता है।
टीबी उपचार में प्रोटीन क्यों ज़रूरी है?
टीबी के कारण शरीर की मांसपेशियाँ कमज़ोर हो जाती हैं और ऊतकों की मरम्मत ज़रूरी होती है। चना, राजमा, मसूर, पनीर और सोया जैसे प्रोटीन स्रोत मांसपेशियों को मज़बूत बनाते हैं और शरीर को जल्दी ठीक होने में मदद करते हैं।
NHM का टीबी पोषण के बारे में क्या कहना है?
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार टीबी उपचार के दौरान पौष्टिक आहार शरीर को ताकत देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और संक्रमण से बचाव में सहायक होता है। NHM दिन में कम से कम 3 बार पौष्टिक भोजन और भरपूर पानी पीने की सलाह देता है।
क्या टीबी मरीज़ के लिए मिलेट्स फायदेमंद हैं?
हाँ, ज्वार, बाजरा और मक्का जैसे मिलेट्स फाइबर, सूक्ष्म पोषक तत्वों और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं। ये शरीर को दीर्घकालिक ऊर्जा प्रदान करते हैं और टीबी उपचार के दौरान शरीर को सक्रिय रखने में मदद करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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