टीबी मरीजों का आहार: उपचार के दौरान थाली में शामिल करें ये पोषक तत्व, रिकवरी होगी तेज़
सारांश
मुख्य बातें
क्षय रोग (टीबी) के उपचार में दवाओं के साथ-साथ संतुलित और पोषण युक्त आहार की भूमिका उतनी ही अहम है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सही खानपान मरीज के शरीर को आवश्यक ऊर्जा देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करता है और स्वस्थ होने की प्रक्रिया को तेज़ करता है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने भी इस बात पर जोर दिया है कि टीबी के इलाज के दौरान पोषण की अनदेखी रिकवरी को धीमा कर सकती है।
टीबी उपचार में पोषण क्यों जरूरी है
NHM के दिशानिर्देशों के अनुसार, टीबी के उपचार के दौरान शरीर काफी कमज़ोर हो जाता है और उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। ऐसे में पौष्टिक आहार शरीर को न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी मज़बूत बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं के साथ सही पोषण अपनाने से इलाज का असर बेहतर होता है और संक्रमण से बचाव में भी सहायता मिलती है।
अनाज और मिलेट्स: ऊर्जा का मुख्य स्रोत
मक्का, चावल, ज्वार, बाजरा और गेहूँ जैसे अनाज शरीर को दीर्घकालिक ऊर्जा प्रदान करते हैं। ये कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं और टीबी मरीज़ की दैनिक ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक हैं। मिलेट्स विशेष रूप से फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्वों से समृद्ध होते हैं।
दालें और प्रोटीन: मांसपेशियों की मरम्मत के लिए
मटर, बीन्स, मसूर, चना और राजमा जैसी दालें प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत हैं। ये मांसपेशियों को मज़बूत बनाती हैं और शरीर की टूट-फूट की मरम्मत में सहायता करती हैं। पनीर या सोया को भी आहार में शामिल करने की सलाह दी जाती है, जो शाकाहारी मरीज़ों के लिए प्रोटीन का अच्छा विकल्प है।
फल, सब्जियाँ और अन्य ज़रूरी चीजें
मौसमी फल और हरी सब्जियाँ विटामिन, मिनरल्स और फाइबर का समृद्ध स्रोत हैं, जो प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, पर्याप्त मात्रा में खाद्य तेल, घी, गुड़, दूध और दही का सेवन भी लाभकारी बताया गया है। दिन में कम से कम 3 बार पौष्टिक भोजन और बीच-बीच में हेल्दी स्नैक्स लेने की सलाह दी जाती है।
परहेज़ और सावधानियाँ
स्वास्थ्य विशेषज्ञ टीबी उपचार के दौरान ताज़ा और घर का बना भोजन खाने पर ज़ोर देते हैं। अत्यधिक तला-भुना, जंक फूड और बाहर का खाना पूरी तरह से टालना चाहिए। भरपूर पानी पीना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएँ समय पर लेना भी उतना ही ज़रूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही आहार और नियमित दवाओं का संयोजन ही टीबी से पूर्ण और तेज़ रिकवरी की कुंजी है।