तेजस्वी यादव ने 'पीक ऑवर' में बढ़ी बिजली दरों पर बिहार सरकार को आड़े हाथों लिया, कहा- 'नीतीश- भाजपा ने फिर से पलटी खाई'
सारांश
Key Takeaways
- तेजस्वी यादव ने बिजली की दरों में वृद्धि की आलोचना की।
- नीतीश-भाजपा के वादों में धोखा का आरोप।
- भ्रष्टाचार का नया दौर शुरू होने की संभावना।
पटना, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में पीक ऑवर में बिजली की दरें बढ़ाने के निर्णय पर विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार की आलोचना की है। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा कि नीतीश और भाजपा ने फिर से अपने वादों से मुकर गए हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान मुफ़्त 125 यूनिट बिजली देने का वादा कर, 'चीटर मीटर' के तहत चार महीनों के भीतर जनता को लूटने का वास्तविक चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने एक बयान में कहा कि अब बिहार में शाम 11 बजे तक उच्चतम खपत वाले 6 घंटे के लिए बिजली बिल 8.10 रुपये प्रति यूनिट, रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक 10 घंटे के लिए 7.10 रुपये और शेष 8 घंटों के लिए 5.94 रुपये प्रति यूनिट वसूले जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा, 'जो लोग 10 हजारिया के फेर में आकर वोट गिरवी रख रहे हैं, उन्हें यह सरकार और भी कठिनाई दिखाएगी। नई सरकार का खजाना बिलकुल खाली है और जो कुछ बचा है, उसे भ्रष्ट अधिकारी अपने कब्जे में ले लेंगे।'
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की अनैतिकता और धोखाधड़ी के चलते लोकतंत्र को समाप्त करने के इरादे से यह चुनाव लड़ा गया, जिसमें 'भ्रष्ट भूंजा पार्टी' और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ ने चुनाव के अंतिम 35 दिनों में 41,000 करोड़ रुपये सरकारी खजाने का वितरण किया है, जिसकी वसूली आगामी पांच वर्षों में की जाएगी।
तेजस्वी ने कहा, "जिस थके-हारे चेहरे को साजिश के तहत मोहरा बनाया गया, उसी चेहरे को भ्रष्ट और डरपोक सिंडिकेट ने दरकिनार कर दिया है। यह लोकतांत्रिक कलंक और आसमानी वादों की विफलता भी उन्हीं के माथे मढ़ी जाएगी।"
उन्होंने यह भी कहा कि अब बिहार में पहले से ही बेकाबू रिश्वतखोरी, लूट और अनियंत्रित भ्रष्टाचार का एक नया दौर शुरू होगा।