तेजस्वी यादव ने बेरोज़गारी-कुशासन को बताया बिहार का 'दशानन', दशहरे पर किया दहन का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर बिहारवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए बेरोज़गारी, अशिक्षा, गरीबी, पलायन, अपराध, भ्रष्टाचार और कुशासन को प्रदेश का 'दशानन' करार दिया। उन्होंने जनता से इन दस बुराइयों को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लेने और पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, सुनवाई एवं कार्रवाई पर आधारित शासन-व्यवस्था की नींव रखने का आह्वान किया।
दशहरे का राजनीतिक संदेश
तेजस्वी यादव ने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने इस पर्व की प्रतीकात्मकता को बिहार की सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से जोड़ते हुए कहा कि बेरोज़गारी, अशिक्षा, गरीबी, पलायन, अपराध, भ्रष्टाचार, अफसरशाही, बाढ़, सुखाड़ और कुशासन रूपी दशानन प्रदेश को अंदर से खोखला कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज होती जा रही हैं।
आर्थिक पिछड़ेपन की तस्वीर
तेजस्वी यादव ने बिहार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार देश का सबसे पिछड़ा राज्य बना हुआ है। उनके अनुसार, प्रदेश का एक बड़ा तबका अच्छे स्कूल, सड़क और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं से आज भी वंचित है। सरकारी रिकॉर्ड का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि लगभग 4 करोड़ बिहारवासी हर साल रोज़गार की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन करते हैं।
पोषण और स्वास्थ्य की चुनौतियाँ
नेता प्रतिपक्ष ने पोषण की कमी को एक गंभीर संकट बताया। उन्होंने दावा किया कि बिहार की माताओं, बहनों और बेटियों में एनीमिया अर्थात खून की कमी की समस्या व्यापक है, और बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषण जनित बौनेपन के शिकार हैं। इन आँकड़ों को उन्होंने बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की माँग के आधार के रूप में प्रस्तुत किया।
कानून-व्यवस्था पर तीखा प्रहार
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सड़कों पर बेटियों के साथ हुई घटनाओं और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को पूरे देश ने देखा है। उन्होंने महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
क्या होगा आगे
तेजस्वी यादव ने बिहारवासियों से एकजुट होकर इन समस्याओं के विरुद्ध संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक ऐसी व्यवस्था स्थापित होनी चाहिए जिसमें हर हाथ को काम मिले और हर घर खुशहाल बने। गौरतलब है कि यह संदेश बिहार में सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ विपक्ष की रणनीतिक मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले चुनावी मौसम में राज्य की समस्याओं को केंद्र में रखने की कोशिश है।