30 जून 2026
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तेलंगाना: पैगंबर टिप्पणी मामले में विधायक टी. राजा सिंह बरी, स्पेशल कोर्ट का फैसला

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तेलंगाना: पैगंबर टिप्पणी मामले में विधायक टी. राजा सिंह बरी, स्पेशल कोर्ट का फैसला

सारांश

हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट ने गोशामहल विधायक टी. राजा सिंह को 2022 के पैगंबर टिप्पणी मामले में बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा। राजा सिंह करीब 77 दिन जेल में रहे थे और अब इसे 'सच्चाई की जीत' बता रहे हैं।

मुख्य बातें

हैदराबाद एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 30 जून 2026 को विधायक टी.
राजा सिंह को पैगंबर टिप्पणी मामले में बरी किया।
अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
राजा सिंह को 25 अगस्त 2022 को पीडी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लगभग 77 दिन जेल में रखा गया था।
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पुलिस कमिश्नर का आदेश रद्द कर 9 नवंबर 2022 को रिहाई दी थी।
राजा सिंह ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है और अन्य कथित मामलों में भी बरी होने का भरोसा जताया है।

हैदराबाद की एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार, 30 जून 2026 को गोशामहल विधायक टी. राजा सिंह को पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी के सिलसिले में 2022 में दर्ज मामले से बरी कर दिया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा।

मुख्य घटनाक्रम

राजा सिंह के अधिवक्ता के. करुणा सागर ने बताया कि स्पेशल कोर्ट ने साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को निर्विवाद रूप से सिद्ध नहीं कर सका, जिसके आधार पर विधायक को दोषमुक्त घोषित किया गया। यह मामला पिछले चार वर्षों से एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट में विचाराधीन था।

गिरफ्तारी और रिहाई की पृष्ठभूमि

तत्कालीन हैदराबाद पुलिस कमिश्नर सी.वी. आनंद द्वारा प्रिवेंटिव डिटेंशन (पीडी) एक्ट लागू किए जाने के बाद राजा सिंह को 25 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया गया था। वे कथित तौर पर लगभग 77 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहे। इसके बाद तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पुलिस कमिश्नर के आदेश को रद्द कर जमानत दी, जिससे उन्हें 9 नवंबर 2022 को रिहाई मिली।

विधायक की प्रतिक्रिया

राजा सिंह ने कोर्ट के फैसले को 'सच्चाई, न्याय और कानून की जीत' करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा — 'उस मुश्किल समय में मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। जेल से बाहर आने के बाद, मैंने कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया... आज कोर्ट में मुझ पर लगाए गए सभी आरोप झूठे साबित हुए हैं।' विधायक ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के दबाव में तत्कालीन सरकार ने पीडी एक्ट का इस्तेमाल किया। राजा सिंह ने कहा कि मौजूदा कांग्रेस के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार के अंतर्गत भी उन पर कई मामले दर्ज किए गए हैं, और उन्हें हर मामले में बरी होने का पूरा भरोसा है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

टिप्पणी विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजा सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया था। हालाँकि, 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनावों से पूर्व भाजपा ने उनका निलंबन वापस लेकर उन्हें गोशामहल निर्वाचन क्षेत्र से पुनः उम्मीदवार बनाया, और वे फिर से विधायक चुने गए। बाद में, तेलंगाना भाजपा इकाई के प्रमुख पद के चुनाव में नामांकन दाखिल करने की अनुमति न मिलने की खबरों के बाद राजा सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

आगे क्या

राजा सिंह ने संकेत दिया है कि वे न्यायपालिका का सम्मान करते हुए लोगों की सेवा और संविधान के दायरे में काम करना जारी रखेंगे। उन पर दर्ज अन्य कथित मामलों की सुनवाई अभी संबंधित अदालतों में जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मामला उस व्यापक पैटर्न की ओर भी इशारा करता है जहाँ विवादास्पद बयानों पर दर्ज मामले वर्षों तक खिंचते हैं और अभियोजन पक्ष साक्ष्य की कसौटी पर खरा नहीं उतर पाता। पीडी एक्ट जैसे निवारक हिरासत कानूनों का उपयोग — जिसे उच्च न्यायालय ने बाद में रद्द किया — यह सवाल उठाता है कि क्या इन प्रावधानों का इस्तेमाल न्यायोचित था। साथ ही, भाजपा द्वारा निलंबन के बाद पुनः उम्मीदवारी देना और फिर राजा सिंह का पार्टी छोड़ना — यह दर्शाता है कि विवादास्पद नेताओं के मामले में पार्टी अनुशासन और चुनावी व्यावहारिकता के बीच की रेखा कितनी धुंधली हो सकती है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विधायक टी. राजा सिंह को किस मामले में बरी किया गया?
टी. राजा सिंह को पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में 2022 में दर्ज मामले में हैदराबाद की एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 30 जून 2026 को बरी किया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
राजा सिंह को कब और क्यों गिरफ्तार किया गया था?
राजा सिंह को 25 अगस्त 2022 को हैदराबाद पुलिस कमिश्नर सी.वी. आनंद द्वारा प्रिवेंटिव डिटेंशन (पीडी) एक्ट लागू करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। वे कथित तौर पर लगभग 77 दिनों तक जेल में रहे, जब तक तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पुलिस कमिश्नर का आदेश रद्द नहीं कर दिया।
राजा सिंह का भाजपा से क्या संबंध है?
विवादास्पद टिप्पणियों के बाद भाजपा ने राजा सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया था, लेकिन 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनावों से पहले उनका निलंबन वापस लेकर उन्हें गोशामहल से उम्मीदवार बनाया गया और वे जीते। बाद में, तेलंगाना भाजपा इकाई के प्रमुख पद के नामांकन में कथित तौर पर अनुमति न मिलने के बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
इस फैसले पर राजा सिंह ने क्या कहा?
राजा सिंह ने कोर्ट के फैसले को 'सच्चाई, न्याय और कानून की जीत' बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि उन्हें हमेशा न्यायपालिका पर भरोसा था और उन्होंने संविधान के दायरे में रहकर अपना पक्ष रखा।
क्या राजा सिंह पर अन्य मामले भी हैं?
राजा सिंह के अनुसार, मौजूदा कांग्रेस नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार के अंतर्गत भी उन पर कई मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने हर मामले में बरी होने का भरोसा जताया है, हालाँकि इन मामलों की सुनवाई अभी संबंधित अदालतों में जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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