तेलंगाना RTC का मानवीय फैसला: 6.5 फीट लंबे बस कंडक्टर अमीन अहमद को मिली वैकल्पिक ड्यूटी

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तेलंगाना RTC का मानवीय फैसला: 6.5 फीट लंबे बस कंडक्टर अमीन अहमद को मिली वैकल्पिक ड्यूटी

सारांश

6.5 फीट लंबे कंडक्टर अमीन अहमद अंसारी के लिए बस की 6.4 फीट की छत रोज़ की यातना थी — झुककर काम, गर्दन-पीठ का दर्द, और 10 घंटे की शिफ्ट। TSRTC ने न सिर्फ उनकी सुनी, बल्कि मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक का हस्तक्षेप हुआ और अब उन्हें बस पास सेक्शन या हवाई अड्डे में वैकल्पिक ड्यूटी मिल गई है।

मुख्य बातें

अमीन अहमद अंसारी , TSRTC के मेहदीपट्टनम डिपो में कार्यरत बस कंडक्टर, की ऊँचाई 198 सेमी (6.5 फीट) है जबकि बस की आंतरिक ऊँचाई केवल 6.4 फीट है।
लगातार झुककर काम करने के कारण उन्हें गर्दन और पीठ में दर्द की गंभीर समस्या हो रही थी।
परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने मामला मुख्यमंत्री ए.
रेवंत रेड्डी के सामने रखा और वैकल्पिक ड्यूटी का सुझाव दिया।
एक वर्ष की अस्थायी व्यवस्था 28 अप्रैल 2026 को समाप्त होने के बाद अब स्थायी वैकल्पिक तैनाती का आदेश जारी किया गया।
अंसारी को बस पास सेक्शन या राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में सेवाएँ देने की अनुमति मिली।
अंसारी को 2021 में पिता की मृत्यु के बाद संवेदनात्मक आधार पर नौकरी मिली थी।

तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) ने 6 मई 2026 को हैदराबाद के मेहदीपट्टनम डिपो में कार्यरत बस कंडक्टर अमीन अहमद अंसारी को वैकल्पिक पद पर तैनाती की अनुमति दे दी है। 198 सेमी (6.5 फीट) की असाधारण ऊँचाई के कारण अंसारी बस के भीतर अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभा पा रहे थे, जिससे उन्हें गर्दन और पीठ में गंभीर दर्द की समस्या हो रही थी। निगम के इस संवेदनशील निर्णय की व्यापक सराहना हो रही है।

क्या है पूरा मामला

TSRTC की बसों की अधिकतम आंतरिक ऊँचाई केवल 6.4 फीट है, जबकि अंसारी की लंबाई 6.5 फीट है। इस एक इंच के अंतर के कारण उन्हें प्रतिदिन कम से कम पाँच ट्रिप और 10 घंटे की शिफ्ट के दौरान लगातार झुककर काम करना पड़ता था। टिकट जारी करने और बस के भीतर आवाजाही में भी उन्हें काफी कठिनाई होती थी। यह शारीरिक दबाव उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रहा था।

राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप

अंसारी ने संबंधित अधिकारियों से वैकल्पिक जिम्मेदारी देने का अनुरोध किया था। परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने उनकी स्थिति को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के संज्ञान में लाया और उन्हें निगम में उपयुक्त वैकल्पिक ड्यूटी देने का सुझाव दिया। इसके बाद निगम ने पहले अंसारी को एक वर्ष के लिए पदनाम से अलग (आउट ऑफ डेजिग्नेशन) ड्यूटी प्रदान की थी।

नया आदेश और राहत

यह अस्थायी व्यवस्था 28 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गई थी। अब TSRTC ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए कहा है कि आवश्यकता के अनुसार अंसारी की सेवाएँ निगम के किसी भी बस पास सेक्शन या राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में ली जा सकती हैं। यह कदम उनके लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

अंसारी की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि अंसारी को 2021 में उनके पिता की मृत्यु के बाद संवेदनात्मक आधार पर यह नौकरी दी गई थी। उनके पिता काचीगुड़ा डिपो में कंडक्टर के पद पर कार्यरत थे। यह मामला इसलिए भी मार्मिक है क्योंकि परिवार की आजीविका के लिए मिली नौकरी ही उनकी शारीरिक पीड़ा का कारण बन गई थी।

सोशल मीडिया पर सराहना

निगम के इस मानवीय और संवेदनशील निर्णय की सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना हो रही है। कई लोग इसे एक आदर्श उदाहरण बता रहे हैं कि सरकारी संस्थाएँ किस प्रकार अपने कर्मचारियों की अनूठी समस्याओं को समझकर उनका समाधान निकाल सकती हैं। यह फैसला भविष्य में ऐसे अन्य मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल भी उठता है कि भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक अनुकूलता की जाँच क्यों नहीं की गई — खासकर तब जब अंसारी की ऊँचाई बस की आंतरिक ऊँचाई से अधिक थी। संवेदनात्मक आधार पर नौकरी देना मानवीय है, लेकिन उसके साथ भूमिका की उपयुक्तता सुनिश्चित करना भी उतना ही ज़रूरी है। यह मामला TSRTC को अपनी भर्ती नीति में शारीरिक आवश्यकताओं और पद की व्यावहारिक माँगों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का अवसर देता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमीन अहमद अंसारी को TSRTC में वैकल्पिक ड्यूटी क्यों दी गई?
अमीन अहमद अंसारी की ऊँचाई 198 सेमी (6.5 फीट) है जबकि TSRTC बसों की आंतरिक ऊँचाई केवल 6.4 फीट है। इस कारण उन्हें लगातार झुककर काम करना पड़ता था, जिससे गर्दन और पीठ में दर्द की समस्या हो गई और उन्होंने वैकल्पिक जिम्मेदारी का अनुरोध किया।
TSRTC ने अंसारी को कहाँ तैनात किया है?
निगम ने आदेश जारी किया है कि अंसारी की सेवाएँ बस पास सेक्शन या राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में ली जा सकती हैं। यह व्यवस्था उनकी शारीरिक सीमाओं को ध्यान में रखते हुए की गई है।
अंसारी को TSRTC में नौकरी कैसे मिली थी?
अमीन अहमद अंसारी को 2021 में उनके पिता की मृत्यु के बाद संवेदनात्मक आधार पर नौकरी दी गई थी। उनके पिता काचीगुड़ा डिपो में TSRTC कंडक्टर के पद पर कार्यरत थे।
इस मामले में किन नेताओं ने हस्तक्षेप किया?
परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने अंसारी की स्थिति को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के संज्ञान में लाया और उन्हें उपयुक्त वैकल्पिक ड्यूटी देने का सुझाव दिया। इसके बाद निगम ने आधिकारिक आदेश जारी किए।
TSRTC की पहली अस्थायी व्यवस्था कब समाप्त हुई?
निगम ने पहले अंसारी को एक वर्ष के लिए पदनाम से अलग (आउट ऑफ डेजिग्नेशन) ड्यूटी दी थी, जो 28 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गई। इसके बाद नई स्थायी वैकल्पिक तैनाती का आदेश जारी किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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