तेलंगाना RTC का मानवीय फैसला: 6.5 फीट लंबे बस कंडक्टर अमीन अहमद को मिली वैकल्पिक ड्यूटी
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) ने 6 मई 2026 को हैदराबाद के मेहदीपट्टनम डिपो में कार्यरत बस कंडक्टर अमीन अहमद अंसारी को वैकल्पिक पद पर तैनाती की अनुमति दे दी है। 198 सेमी (6.5 फीट) की असाधारण ऊँचाई के कारण अंसारी बस के भीतर अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभा पा रहे थे, जिससे उन्हें गर्दन और पीठ में गंभीर दर्द की समस्या हो रही थी। निगम के इस संवेदनशील निर्णय की व्यापक सराहना हो रही है।
क्या है पूरा मामला
TSRTC की बसों की अधिकतम आंतरिक ऊँचाई केवल 6.4 फीट है, जबकि अंसारी की लंबाई 6.5 फीट है। इस एक इंच के अंतर के कारण उन्हें प्रतिदिन कम से कम पाँच ट्रिप और 10 घंटे की शिफ्ट के दौरान लगातार झुककर काम करना पड़ता था। टिकट जारी करने और बस के भीतर आवाजाही में भी उन्हें काफी कठिनाई होती थी। यह शारीरिक दबाव उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रहा था।
राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप
अंसारी ने संबंधित अधिकारियों से वैकल्पिक जिम्मेदारी देने का अनुरोध किया था। परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने उनकी स्थिति को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के संज्ञान में लाया और उन्हें निगम में उपयुक्त वैकल्पिक ड्यूटी देने का सुझाव दिया। इसके बाद निगम ने पहले अंसारी को एक वर्ष के लिए पदनाम से अलग (आउट ऑफ डेजिग्नेशन) ड्यूटी प्रदान की थी।
नया आदेश और राहत
यह अस्थायी व्यवस्था 28 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गई थी। अब TSRTC ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए कहा है कि आवश्यकता के अनुसार अंसारी की सेवाएँ निगम के किसी भी बस पास सेक्शन या राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में ली जा सकती हैं। यह कदम उनके लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
अंसारी की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि अंसारी को 2021 में उनके पिता की मृत्यु के बाद संवेदनात्मक आधार पर यह नौकरी दी गई थी। उनके पिता काचीगुड़ा डिपो में कंडक्टर के पद पर कार्यरत थे। यह मामला इसलिए भी मार्मिक है क्योंकि परिवार की आजीविका के लिए मिली नौकरी ही उनकी शारीरिक पीड़ा का कारण बन गई थी।
सोशल मीडिया पर सराहना
निगम के इस मानवीय और संवेदनशील निर्णय की सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना हो रही है। कई लोग इसे एक आदर्श उदाहरण बता रहे हैं कि सरकारी संस्थाएँ किस प्रकार अपने कर्मचारियों की अनूठी समस्याओं को समझकर उनका समाधान निकाल सकती हैं। यह फैसला भविष्य में ऐसे अन्य मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता है।