26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

टेक्सटाइल PLI स्कीम: तीसरे राउंड में 22 नई कंपनियाँ शामिल, ₹2,339 करोड़ निवेश और 36,000 नौकरियों का लक्ष्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
टेक्सटाइल PLI स्कीम: तीसरे राउंड में 22 नई कंपनियाँ शामिल, ₹2,339 करोड़ निवेश और 36,000 नौकरियों का लक्ष्य

सारांश

केंद्र सरकार ने टेक्सटाइल PLI के तीसरे राउंड में 22 नई कंपनियों को मंजूरी देकर स्कीम में कुल भागीदारी 96 पर पहुँचाई। ₹2,339 करोड़ का नया निवेश और 36,000 से अधिक नौकरियों का अनुमान — MMF और टेक्निकल टेक्सटाइल में भारत की वैश्विक स्थिति मज़बूत करने की कोशिश।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 10 जून 2026 को टेक्सटाइल PLI स्कीम के तीसरे राउंड में 22 नई कंपनियों को मंजूरी दी।
नई मंजूरी से ₹2,339.14 करोड़ का निवेश और 36,217 रोज़गार के अवसर अनुमानित हैं।
इन परियोजनाओं से ₹15,561.34 करोड़ का टर्नओवर होने का अनुमान है।
स्कीम में अब कुल 96 कंपनियाँ शामिल; संयुक्त निवेश ₹12,822.67 करोड़ , अनुमानित टर्नओवर ₹58,294.18 करोड़ ।
मंजूरी पाने वाली कंपनियाँ MMF कपड़े , MMF फैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

केंद्र सरकार ने बुधवार, 10 जून 2026 को टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इन्सेंटिव (PLI) स्कीम के तीसरे राउंड के तहत 22 नए आवेदनों को मंजूरी दी, जिससे ₹2,339.14 करोड़ के निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा और 36,000 से अधिक रोज़गार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस मंजूरी के साथ टेक्सटाइल PLI में शामिल कंपनियों की कुल संख्या 96 हो गई है।

नई मंजूरी में क्या शामिल है

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस राउंड में स्वीकृत 22 परियोजनाओं से नोटिफाइड टेक्सटाइल उत्पादों के ज़रिये ₹15,561.34 करोड़ का टर्नओवर अनुमानित है और टेक्सटाइल वैल्यू चेन में 36,217 रोज़गार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। मंजूरी पाने वाली कंपनियाँ मुख्यतः मैन-मेड फाइबर (MMF) कपड़े, MMF फैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में काम करती हैं।

समग्र PLI स्कीम की स्थिति

तीनों राउंड मिलाकर अब तक 96 कंपनियों ने संयुक्त रूप से ₹12,822.67 करोड़ का निवेश किया है। इन सभी परियोजनाओं से ₹58,294.18 करोड़ का संयुक्त टर्नओवर होने की संभावना व्यक्त की गई है। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि स्कीम के प्रति उद्योग जगत की रुचि क्रमशः बढ़ रही है।

सरकार का लक्ष्य और रणनीति

अधिकारियों ने कहा कि टेक्सटाइल PLI स्कीम का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण क्षमता को मज़बूत करना, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना और बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित करना है। सरकार का मानना है कि MMF और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में विस्तार से भारत को वैश्विक टेक्सटाइल आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

आत्मनिर्भर भारत से जुड़ाव

यह पहल सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' विज़न के अनुरूप है, जिसके तहत घरेलू उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाकर आयात निर्भरता कम करने और निर्यात को प्रोत्साहित करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि भारत वैश्विक टेक्सटाइल निर्यात में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जबकि बांग्लादेश और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देश इस क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।

आगे की राह

अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित निवेश और उत्पादन क्षमता से एक सक्षम और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल इकोसिस्टम विकसित होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि PLI स्कीम के तहत मंजूरी के इस नए दौर से उन क्षेत्रों में निवेश प्रवाह तेज़ होगा जहाँ निर्यात की व्यापक संभावनाएँ हैं और मूल्य-संवर्धन अधिक होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि अनुमानित 36,217 नौकरियाँ वास्तव में कितनी और कब सृजित होती हैं — क्योंकि PLI स्कीमों में 'अनुमानित रोज़गार' और 'वास्तविक रोज़गार' के बीच का अंतर अक्सर बड़ा रहा है। भारत का टेक्सटाइल निर्यात वैश्विक बाज़ार में बांग्लादेश और वियतनाम की तुलना में पिछड़ रहा है, और MMF व टेक्निकल टेक्सटाइल में यह स्कीम सही दिशा में कदम है। परंतु ₹58,294 करोड़ के टर्नओवर के दावे तब तक महज़ आँकड़े हैं, जब तक उत्पादन मील के पत्थरों से जुड़ी स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टेक्सटाइल PLI स्कीम के तीसरे राउंड में क्या हुआ?
केंद्र सरकार ने 10 जून 2026 को टेक्सटाइल PLI स्कीम के तीसरे राउंड में 22 नई कंपनियों को मंजूरी दी। इससे ₹2,339.14 करोड़ का निवेश और 36,217 रोज़गार के अवसर सृजित होने का अनुमान है।
अब तक टेक्सटाइल PLI स्कीम में कितनी कंपनियाँ शामिल हैं?
तीनों राउंड मिलाकर अब कुल 96 कंपनियाँ टेक्सटाइल PLI स्कीम का हिस्सा हैं। इन सभी का संयुक्त निवेश ₹12,822.67 करोड़ है और अनुमानित टर्नओवर ₹58,294.18 करोड़ बताया गया है।
टेक्सटाइल PLI स्कीम में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है?
स्कीम में मुख्य रूप से मैन-मेड फाइबर (MMF) कपड़े, MMF फैब्रिक और टेक्निकल टेक्सटाइल को प्राथमिकता दी गई है। ये वे क्षेत्र हैं जहाँ निर्यात की व्यापक संभावनाएँ हैं और मूल्य-संवर्धन अधिक होता है।
टेक्सटाइल PLI स्कीम का उद्देश्य क्या है?
इस स्कीम का उद्देश्य घरेलू टेक्सटाइल विनिर्माण को बढ़ावा देना, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना और बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित करना है। यह 'आत्मनिर्भर भारत' विज़न के तहत भारत को वैश्विक टेक्सटाइल आपूर्ति श्रृंखला में प्रमुख केंद्र बनाने की कोशिश का हिस्सा है।
नई मंजूरी से कितने रोज़गार पैदा होंगे?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, तीसरे राउंड में मंजूर 22 परियोजनाओं से टेक्सटाइल वैल्यू चेन में 36,217 रोज़गार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। हालाँकि ये अनुमानित आँकड़े हैं और वास्तविक रोज़गार सृजन परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले