27 जुलाई 2026
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प्रकाश चिक बराइक का TMC से इस्तीफा आदिवासी राजनीति में बदलाव का संकेत: बाबूलाल मरांडी

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प्रकाश चिक बराइक का TMC से इस्तीफा आदिवासी राजनीति में बदलाव का संकेत: बाबूलाल मरांडी

सारांश

TMC राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे को BJP नेता बाबूलाल मरांडी ने आदिवासी समाज की बदलती राजनीतिक सोच का प्रतीक बताया। उनका दावा है कि पूर्वी भारत में आदिवासी मतदाता तुष्टिकरण की राजनीति से मुँह मोड़कर BJP की ओर बढ़ रहे हैं।

मुख्य बातें

बाबूलाल मरांडी ने 11 जून को एक्स पर TMC सांसद प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे को आदिवासी राजनीति में बदलाव का संकेत बताया।
मरांडी के अनुसार, यह इस्तीफा पश्चिम बंगाल में BJP के प्रति बढ़ते आदिवासी समर्थन का प्रतीक है।
BJP नेता ने दावा किया कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज को पहली बार व्यापक राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिला है।
मरांडी ने TMC पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी से लगातार इस्तीफे जनता के घटते भरोसे की निशानी हैं।
TMC की ओर से इस्तीफे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे को आदिवासी समाज की बदलती राजनीतिक सोच का प्रतिबिंब बताया है। 11 जून को अपने बयान में मरांडी ने कहा कि यह घटनाक्रम दर्शाता है कि आदिवासी समाज अब तुष्टिकरण और परिवारवाद की राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और विकास की राजनीति की ओर बढ़ रहा है।

मरांडी का एक्स पर बयान

बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे से यह स्पष्ट होता है कि पश्चिम बंगाल की जनता का जनादेश BJP के पक्ष में है। उन्होंने इसे महज एक सांसद का इस्तीफा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के भीतर BJP के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया।

आदिवासी अस्मिता और भाजपा का दावा

मरांडी ने कहा कि झारखंड का आदिवासी समाज भी यह देख रहा है कि जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर BJP ही वास्तविक संघर्ष कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज को पहली बार व्यापक सम्मान और पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिला है। गौरतलब है कि यह दावा BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह पूर्वी भारत में आदिवासी मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।

TMC पर निशाना

BJP नेता ने तृणमूल कांग्रेस पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर लगातार हो रहे इस्तीफे इस बात का संकेत हैं कि जनता का भरोसा TMC से उठता जा रहा है। मरांडी के अनुसार, यह राजनीतिक बदलाव आने वाले समय में पूर्वी भारत की राजनीति को नई दिशा देगा।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और संदर्भ

प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में विभिन्न प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। BJP इसे अपने पक्ष में एक सकारात्मक राजनीतिक संकेत के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जबकि TMC की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच आदिवासी बहुल क्षेत्रों में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है।

आगे की राजनीतिक दिशा

मरांडी ने दावा किया कि आदिवासी समाज की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी और BJP के प्रति उसका समर्थन क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का आधार बनेगा। उनके अनुसार, आने वाले वर्षों में पूर्वी भारत की राजनीति में आदिवासी शक्ति BJP के साथ मिलकर नई दिशा तय करेगी। हालाँकि, इन दावों की पुष्टि के लिए ज़मीनी राजनीतिक समीकरणों पर नज़र रखना आवश्यक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें BJP पूर्वी भारत में आदिवासी पहचान की राजनीति पर अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। लेकिन एक सांसद के इस्तीफे को पूरे आदिवासी समाज की 'बदलती सोच' बताना अतिव्याख्या है — जब तक कि ज़मीनी चुनावी आँकड़े इसकी पुष्टि न करें। झारखंड और पश्चिम बंगाल दोनों में आदिवासी मतदाता विभाजित रहे हैं, और TMC के भीतर की आंतरिक कलह के कारण भी इस्तीफे होते रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस दावे को चुनौती देने से चूक जाती है कि 'जल, जंगल, जमीन' के मुद्दों पर BJP का रिकॉर्ड आदिवासी संगठनों की नज़र में कितना विश्वसनीय है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रकाश चिक बराइक कौन हैं और उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया?
प्रकाश चिक बराइक पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद हैं। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मची है, हालाँकि इस्तीफे के विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं।
बाबूलाल मरांडी ने इस इस्तीफे को किस रूप में देखा?
BJP नेता बाबूलाल मरांडी ने इसे आदिवासी समाज के भीतर BJP के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह पश्चिम बंगाल की जनता के BJP के पक्ष में जनादेश को दर्शाता है।
TMC के भीतर इस्तीफों का क्या राजनीतिक महत्व है?
मरांडी के अनुसार, TMC में लगातार हो रहे इस्तीफे जनता के घटते भरोसे का संकेत हैं। हालाँकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी की आंतरिक कलह और व्यक्तिगत कारण भी इस्तीफों में भूमिका निभाते हैं।
पूर्वी भारत में आदिवासी राजनीति की दिशा क्या है?
BJP का दावा है कि झारखंड और पश्चिम बंगाल में आदिवासी मतदाता उसकी ओर झुक रहे हैं। मरांडी ने कहा कि आने वाले वर्षों में आदिवासी शक्ति पूर्वी भारत की राजनीति को नई दिशा देगी, हालाँकि यह दावा अभी चुनावी परिणामों से सत्यापित होना बाकी है।
क्या TMC ने इस इस्तीफे पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएँ जारी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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