30 जुलाई 2026
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टीएमसी सांसदों की बगावत पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार बोले — ममता की कार्यशैली जिम्मेदार

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टीएमसी सांसदों की बगावत पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार बोले — ममता की कार्यशैली जिम्मेदार

सारांश

बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने TMC सांसदों की बगावत की जड़ ममता बनर्जी की एकल-व्यक्ति कार्यशैली को बताया। साथ ही राबड़ी देवी के सरकारी आवास विवाद, RJD नेताओं की सुरक्षा कटौती और 18 जून को शपथ लेने वाले नए एमएलसी पर भी टिप्पणी की।

मुख्य बातें

बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने 13 जून 2026 को पटना में TMC सांसदों की बगावत के लिए ममता बनर्जी की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 'जंगलराज' और तानाशाही जैसी स्थिति के कारण TMC के सांसद व विधायक दोनों असंतुष्ट हैं।
राबड़ी देवी के सरकारी आवास खाली कराने पर कहा — नियमों का पालन ज़रूरी, लेकिन संवाद से समाधान संभव।
RJD नेताओं की सुरक्षा में कटौती पर स्पष्ट किया — सुरक्षा पूरी तरह नहीं हटाई गई, केवल संख्या में आंशिक कमी की गई है।
18 जून को शपथ लेने वाले नए एमएलसी को शुभकामनाएं; उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को एमएलसी न बनाए जाने पर कहा — छह महीने का समय अभी बाकी है।

बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने 13 जून 2026 को पटना में कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ सांसदों द्वारा पार्टी नेतृत्व से अलग रुख अपनाने के लिए ममता बनर्जी और पार्टी की कार्यशैली सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने और स्वतंत्र राजनीतिक निर्णय लेने का पूरा अधिकार है।

टीएमसी सांसदों की नाराज़गी पर प्रेम कुमार का बयान

पश्चिम बंगाल में TMC के कुछ सांसदों के पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट होकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की चर्चाओं पर प्रेम कुमार ने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वाभाविक हिस्सा है। उनके अनुसार, TMC में न केवल सांसद बल्कि कई विधायक भी पार्टी नेतृत्व से नाराज़ हैं।

प्रेम कुमार ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से 'जंगलराज' और तानाशाही जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी संगठन की जगह एक व्यक्ति विशेष का शासन दिखाई देता है, और यही नेताओं में बढ़ती नाराज़गी की मूल वजह है।

राबड़ी देवी के सरकारी आवास विवाद पर रुख

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने के निर्देश पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी आवासों को लेकर नियम और कानून पहले से तय हैं और उनका पालन होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार और संबंधित पक्षों के बीच संवाद के ज़रिए किसी भी विवाद का समाधान निकाला जा सकता है।

प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया कि उनका और सरकार का मुख्य उद्देश्य बिहार का विकास है, न कि आवास या वाहन जैसी सुविधाओं को लेकर राजनीति करना।

राजद नेताओं की सुरक्षा में कटौती का सवाल

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं की सुरक्षा घटाए जाने के मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा होती है और ज़रूरत के अनुसार उसे बढ़ाया या घटाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा पूरी तरह वापस नहीं ली गई है, बल्कि केवल संख्या में आंशिक कमी की गई है। सरकार को पूरे बिहार की सुरक्षा ज़रूरतों को ध्यान में रखकर फैसले लेने पड़ते हैं।

नए एमएलसी और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे का मामला

18 जून को शपथ लेने वाले नए विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) को प्रेम कुमार ने शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नए सदस्य बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाएंगे।

केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को एमएलसी न बनाए जाने के सवाल पर प्रेम कुमार ने कहा कि अभी कुछ भी बिगड़ा नहीं है। नियमों के तहत छह महीने का समय उपलब्ध है और पार्टी नेतृत्व भविष्य में इस विषय पर विचार कर सकता है।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर असंतोष की खबरें तेज़ हो रही हैं और बिहार में भी राजनीतिक हलचल बनी हुई है। प्रेम कुमार के इस बयान को भाजपा की ओर से TMC पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक अधिक लगता है — TMC के आंतरिक संकट को 'जंगलराज' की भाषा में पेश करना भाजपा की परिचित रणनीति है। असली सवाल यह है कि क्या TMC सांसदों की नाराज़गी संस्थागत असंतोष है या केवल चुनावी पुनर्गठन की कवायद। बिहार के विधानसभा अध्यक्ष का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर इस तरह टिप्पणी करना दिखाता है कि 2026 के बंगाल समीकरण में बिहार की भाजपा इकाई भी सक्रिय भूमिका में है। राबड़ी देवी और RJD सुरक्षा जैसे मुद्दों पर उनके बयान बिहार में सत्तारूढ़ NDA की आक्रामक विपक्ष-प्रबंधन नीति को भी रेखांकित करते हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रेम कुमार ने TMC सांसदों की बगावत पर क्या कहा?
बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि TMC सांसदों के अलग रुख अपनाने के लिए ममता बनर्जी और पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली जिम्मेदार है। उनके अनुसार, पार्टी संगठन की जगह एक व्यक्ति विशेष का शासन चलने से नेताओं में नाराज़गी बढ़ी है।
राबड़ी देवी के सरकारी आवास विवाद पर प्रेम कुमार का क्या रुख है?
प्रेम कुमार ने कहा कि सरकारी आवासों को लेकर नियम तय हैं और उनका पालन होना चाहिए। साथ ही उन्होंने संवाद के ज़रिए विवाद सुलझाने की वकालत की और कहा कि सरकार का उद्देश्य बिहार का विकास है, न कि आवास को लेकर राजनीति।
RJD नेताओं की सुरक्षा में कटौती क्यों की गई?
विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा होती है और ज़रूरत के अनुसार बदलाव किए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा पूरी तरह नहीं हटाई गई है, केवल संख्या में आंशिक कमी की गई है।
बिहार के नए एमएलसी कब शपथ लेंगे?
नए विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) 18 जून को शपथ लेंगे। प्रेम कुमार ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि NDA के नए सदस्य बिहार के विकास और प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाएंगे।
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को एमएलसी क्यों नहीं बनाया गया?
प्रेम कुमार ने इस पर कहा कि अभी कुछ भी बिगड़ा नहीं है और नियमों के तहत छह महीने का समय उपलब्ध है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी नेतृत्व भविष्य में इस विषय पर विचार कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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