इमरान मसूद का TMC टूट पर तीखा हमला: 'अलग गुट BJP का प्रॉक्सी, उन्हें अलग मत समझिए'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 6 जून 2026 को नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर उभरी दरार पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि TMC का अलग हुआ गुट वास्तव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का 'प्रॉक्सी' है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों को कमज़ोर करने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर ख़तरा है।
मुख्य आरोप: 'प्रॉक्सी की राजनीति'
मसूद ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'उन्हें BJP से अलग मत समझिए। वे BJP के ही लोग हैं।' उनका आरोप था कि जब भी BJP पर राजनीतिक दबाव बढ़ता है, वह विरोधी दलों में 'प्रॉक्सी' खड़े करके अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश करती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC के भीतर गुटबाज़ी की ख़बरें तेज़ हो रही हैं।
तमिलनाडु का उदाहरण: BJP की नई रणनीति
कांग्रेस सांसद ने तमिलनाडु का हवाला देते हुए कहा कि जहाँ BJP सीधे तौर पर अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाती, वहाँ वह नए प्रयोगों के ज़रिये जगह बनाने की कोशिश करती है। गौरतलब है कि तमिलनाडु में BJP की पकड़ ऐतिहासिक रूप से सीमित रही है और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) का वर्चस्व बना हुआ है।
नफ़रत और विभाजन की राजनीति पर चिंता
मसूद ने देश में बढ़ती नफ़रत और विभाजन की राजनीति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति लोकतांत्रिक ढाँचे को कमज़ोर करती है और समाज में दूरियाँ पैदा करती है। आलोचकों का कहना है कि विपक्षी दलों में तोड़-फोड़ की यह प्रवृत्ति हाल के वर्षों में कई राज्यों में देखी गई है।
संजय राउत के बयान पर सहमति
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने हाल ही में कहा था कि कांग्रेस छोड़कर गए दलों को फिर से एकजुट होना चाहिए। इस पर मसूद ने सहमति जताते हुए कहा कि इससे बेहतर और क्या हो सकता है — यह बयान विपक्षी एकता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राहुल गांधी को लेकर दावा
मसूद ने कहा कि देश की जनता अब यह समझ रही है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी किस तरह संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश को ईमानदारी से नेतृत्व देने की क्षमता राहुल गांधी में है और फ़िलहाल उन्हें किसी अन्य नेता में यह क्षमता नज़र नहीं आती। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएँ जारी हैं।