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तमिलनाडु चुनाव: डीएमके गठबंधन वार्ता में गतिरोध, सीपीआई-एम की छह सीटों पर जोर

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तमिलनाडु चुनाव: डीएमके गठबंधन वार्ता में गतिरोध, सीपीआई-एम की छह सीटों पर जोर

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए डीएमके और सीपीआई-एम के बीच सीटों के बंटवारे पर बातचीत में गतिरोध बना हुआ है। सीपीआई-एम ने छह सीटों की मांग को लेकर अपनी स्थिति मजबूत की है।

मुख्य बातें

सीपीआई-एम की मांग: छह सीटें डीएमके और सीपीआई-एम के बीच गतिरोध 2021 चुनाव में दो सीटों पर जीत आगे की रणनीति पर चर्चा जारी गठबंधन में नए सहयोगियों का दबाव

चेन्नई, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर बातचीत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी (सीपीआई-एम) अपनी छह सीटों की मांग पर अड़ी हुई है, जिसके कारण बातचीत में फिलहाल गतिरोध उत्पन्न हो गया है।

2021 के विधानसभा चुनावों में, सीपीआई-एम ने डीएमके गठबंधन का हिस्सा बनते हुए छह सीटों पर चुनाव लड़ा और दो सीटों पर जीत प्राप्त की।

जैसे-जैसे 2026 के चुनावों की तैयारियां बढ़ रही हैं, पार्टी नेतृत्व अपनी पिछली हिस्सेदारी को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है; उनका तर्क है कि जमीनी स्तर पर उनकी उपस्थिति और कार्यकर्ताओं की ताकत इस मांग के लिए उपयुक्त है।

हालांकि, डीएमडीके और मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) जैसे नए गठबंधन सहयोगियों के आगमन से सीटों के बंटवारे पर दबाव बढ़ गया है, जिससे डीएमके नेतृत्व ने मौजूदा सहयोगियों को दी जाने वाली सीटों की संख्या में कमी का प्रस्ताव रखा है।

इस मुद्दे पर शनिवार को सीपीआई-एम के भीतर गहन आंतरिक चर्चाएँ हुईं। पार्टी ने सबसे पहले सुबह चार घंटे तक राज्य कार्यसमिति की बैठक की, जिसके बाद दोपहर 3 बजे से रात 10.30 बजे तक राज्य समिति की एक विस्तारित बैठक हुई। इस सत्र के दौरान, आम सहमति पर पहुंचने के लिए सदस्यों से व्यक्तिगत राय ली गई। चूंकि मतभेद बने रहे, इसलिए नेतृत्व ने देर रात दो घंटे की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक के माध्यम से चर्चाओं का एक और दौर आयोजित किया।

सूत्रों ने बताया कि कार्यकारिणी समिति इस बात पर सहमत थी कि पार्टी को अपने पिछले चुनावी समझौते के अनुसार छह सीटों पर ही चुनाव लड़ना चाहिए।

इसके बाद नेतृत्व ने इस स्थिति को सीधे डीएमके नेतृत्व तक पहुंचाने का निर्णय लिया। बाद में, सीपीआई-एम के राज्य सचिव शनमुगम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अन्ना अरिवलयम में मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन से मुलाकात की।

बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए शनमुगम ने कहा कि पार्टी ने प्रारंभ में अधिक सीटों की मांग की थी, लेकिन राज्य समिति के फैसले के आधार पर छह सीटों पर सहमत होने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री स्टालिन ने सीपीआई-एम से पांच सीटें स्वीकार करने पर विचार करने का आग्रह किया है, और इसके पीछे गठबंधन में नए सहयोगियों के शामिल होने से उत्पन्न हुई मजबूरियों का हवाला दिया है।

सीपीआई-एम नेतृत्व ने कहा है कि वह इस प्रस्ताव को अपनी राज्य कार्यकारिणी समिति के सामने रखेगा और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लेगा। आशा है कि पार्टी रविवार देर रात या सोमवार तक अपने निर्णय की घोषणा कर देगी; यह एक ऐसा कदम होगा जो चुनावों से पहले डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के अंतिम स्वरूप और एकता को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भविष्य के गठबंधन की स्थिरता पर भी सवाल उठा रहा है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीपीआई-एम ने कितनी सीटों की मांग की है?
सीपीआई-एम ने छह सीटों की मांग की है।
डीएमके का गठबंधन किसके साथ है?
डीएमके का गठबंधन सीपीआई-एम सहित अन्य दलों के साथ है।
सीपीआई-एम ने 2021 के चुनावों में कितनी सीटें जीती थीं?
सीपीआई-एम ने 2021 के चुनावों में दो सीटें जीती थीं।
इस मुद्दे पर आगे क्या होने की उम्मीद है?
सीपीआई-एम ने अपने प्रस्ताव को राज्य कार्यकारिणी समिति के सामने रखने का निर्णय लिया है।
क्या सीपीआई-एम ने अपनी सीटों की संख्या पर सहमति दी है?
सीपीआई-एम ने छह सीटों पर सहमत होने की बात की है।
राष्ट्र प्रेस
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