क्या शक्सगाम घाटी को लेकर टीएस सिंहदेव ने सरकार की विफलता का आरोप लगाया?

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क्या शक्सगाम घाटी को लेकर टीएस सिंहदेव ने सरकार की विफलता का आरोप लगाया?

सारांश

टीएस सिंहदेव ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए शक्सगाम घाटी के निर्माण पर चिंता जताई। उन्होंने भारत-चीन सीमा विवाद, अमेरिका-ईरान व्यापार टैरिफ और अयोध्या राम मंदिर जैसे मुद्दों पर भी विचार व्यक्त किए। क्या यह सरकार की विफलता है?

Key Takeaways

  • टीएस सिंहदेव ने शक्सगाम घाटी पर भारत-चीन तनाव का उल्लेख किया।
  • उन्होंने सरकार की विफलता पर प्रश्न उठाया।
  • अमेरिका-ईरान व्यापार टैरिफ पर ट्रंप की आलोचना की।
  • अयोध्या राम मंदिर को लेकर राहुल गांधी के बयान पर टिप्पणी की।

नई दिल्ली, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने मंगलवार को भारत-चीन सीमा विवाद, अमेरिका-ईरान व्यापार टैरिफ, अमेरिका-भारत संबंधों और अयोध्या राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर सरकार के कार्यों पर प्रश्न उठाए।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित शक्सगाम घाटी पर भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के संदर्भ में टीएस सिंहदेव ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि यदि भारतीय जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण हो रहा है, तो भारत को उस स्थिति को रोकने में सक्षम होना चाहिए था।

उन्होंने यह भी प्रश्न किया कि किसी अन्य देश का व्यक्ति भारत की सीमा में कैसे प्रवेश कर सकता है और वहां निर्माण कार्य कैसे कर सकता है। सिंहदेव ने कहा कि यदि यह जानकारी सही है, तो यह सरकार की एक बड़ी विफलता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसी जानकारी को देश से छिपाना एक गंभीर कमी है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर लगाए गए टैरिफ पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। टीएस सिंहदेव ने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि ट्रंप खुले तौर पर टैरिफ लागू कर रहे हैं। किसी देश के राष्ट्रपति का इस तरह पूरी दुनिया के साथ धौंस जमाने वाला रुख अपनाना पूरी तरह से अनुचित, अनैतिक और अस्वीकार्य है।

भारत-अमेरिका संबंधों पर नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएस सिंहदेव ने कहा, "राष्ट्रपति कुछ और कहते हैं तो राजदूत कुछ और। इनमें से कोई भी पूरी तरह विश्वसनीय नहीं है। यह किस प्रकार का सिस्टम है? यह विश्वास से परे है।"

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के अयोध्या राम मंदिर दर्शन की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएस सिंहदेव ने कहा कि उन्होंने खुद भी वहां नहीं गए हैं। अब इस स्थान को एक प्रकार का तमाशा बना दिया गया है।

टीएस सिंहदेव ने करीब ३१ वर्ष पहले एक राष्ट्रीय समाचार पत्र की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए बताया कि राम जन्मभूमि स्थल पर पहले ६०-७० अलग-अलग चबूतरे हुआ करते थे, जहां लोग राम जन्मभूमि और भगवान राम के जन्मस्थान में आस्था रखते थे। ये स्थल गहरी श्रद्धा के केंद्र थे, जहां जाकर भगवान राम के जन्म से जुड़े पहलुओं को समझा जा सकता था। बाद में ये सभी मुद्दे एक अलग विवाद में उलझ गए और मूल आस्था पीछे छूट गई। कोई नहीं चाहता कि आस्था को दिखावे की चादर ओढ़ाने की कोशिश की जाए।

Point of View

यह स्पष्ट है कि टीएस सिंहदेव का बयान सरकार की नीतियों पर गंभीर प्रश्न उठाता है। शक्सगाम घाटी का मुद्दा न केवल सीमाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देश की आंतरिक राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

टीएस सिंहदेव ने किस मुद्दे पर बात की?
टीएस सिंहदेव ने शक्सगाम घाटी, भारत-चीन सीमा विवाद, अमेरिका-ईरान व्यापार टैरिफ, और अयोध्या राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर बात की।
क्या टीएस सिंहदेव ने सरकार की विफलता का आरोप लगाया?
हाँ, उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जमीन पर निर्माण हो रहा है, तो यह सरकार की बड़ी विफलता है।
सिंहदेव ने अमेरिका के राष्ट्रपति के बारे में क्या कहा?
उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा ईरान पर लगाए गए टैरिफ के बारे में तीखी आलोचना की।
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