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इंडिया ब्लॉक नेतृत्व पर टीएस सिंहदेव: सभी सहयोगी दल मिलकर करें फैसला, राहुल गांधी की कार्यशैली की सराहना

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इंडिया ब्लॉक नेतृत्व पर टीएस सिंहदेव: सभी सहयोगी दल मिलकर करें फैसला, राहुल गांधी की कार्यशैली की सराहना

सारांश

छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने साफ कहा — इंडिया ब्लॉक का नेता कौन हो, यह किसी एक का फैसला नहीं। साथ ही राम जन्मभूमि दान मामले में एसआईटी जाँच को संवेदनशील बताते हुए निष्पक्ष जाँच की माँग की।

मुख्य बातें

टीएस सिंहदेव ने 16 जून को अंबिकापुर में कहा कि इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व का फैसला सभी सहयोगी दलों को मिलकर करना चाहिए।
राहुल गांधी की कार्यशैली की सराहना — कभी पद के लिए स्वयं आगे नहीं आते, लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हैं।
राम जन्मभूमि दान मामले में गठित एसआईटी को अत्यंत संवेदनशील बताया; भ्रष्टाचार की आशंका को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर आघात बताया।
तिरुपति लड्डू विवाद का हवाला देते हुए धार्मिक भावनाओं के साथ छेड़छाड़ न होने की अपील।
अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष और गहन जाँच की माँग।

कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने 16 जून को अंबिकापुर में इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व प्रश्न पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि गठबंधन का नेतृत्व किसी एक व्यक्ति या दल का विशेषाधिकार नहीं है — यह निर्णय इंडिया ब्लॉक के सभी घटक दलों को सामूहिक रूप से लेना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकतांत्रिक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे कभी भी पद या नेतृत्व के लिए स्वयं आगे नहीं आते।

नेतृत्व प्रश्न पर सिंहदेव का रुख

सिंहदेव ने कहा कि इंडिया ब्लॉक में नेतृत्व का सवाल केवल किसी पद का मामला नहीं, बल्कि देश के राजनीतिक भविष्य और समूची व्यवस्था से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार, राहुल गांधी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हैं और ऐसी परिस्थितियों में भी स्वयं पहल नहीं करते जहाँ उनसे नेतृत्व की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे राहुल गांधी हों, कांग्रेस हो या कोई अन्य नेता — नेतृत्व का निर्णय गठबंधन के सभी सहयोगी दलों की सहमति से होना चाहिए।

राम जन्मभूमि दान मामले में एसआईटी पर प्रतिक्रिया

सिंहदेव ने राम जन्मभूमि दान मामले में गठित एसआईटी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने इस मुद्दे को अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक बताया। उनके अनुसार, भगवान राम से जुड़े मामले पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला करोड़ों लोगों की आस्था के आधार पर आया था। ऐसे में यदि वहाँ किसी प्रकार की भ्रष्टाचार या अनियमितता सामने आती है, तो यह देश के लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास पर सीधा आघात होगा।

तिरुपति लड्डू विवाद का संदर्भ

सिंहदेव ने तिरुपति लड्डू और उसमें इस्तेमाल होने वाले घी को लेकर उठे विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लोगों की धार्मिक भावनाओं और आस्था के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता को लेकर देशभर में बहस तेज हो रही है।

निष्पक्ष जाँच की माँग

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं संज्ञान लेकर ऐतिहासिक फैसला दिया था, इसलिए राम जन्मभूमि दान मामले में भी निष्पक्ष और गहन जाँच सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विषय अत्यंत संवेदनशील है और इसकी सच्चाई सामने आना देशहित में आवश्यक है। गौरतलब है कि इस मामले पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ आने वाले दिनों में और तीखी हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ परोक्ष रूप से यह संकेत भी कि नेतृत्व का प्रश्न अभी खुला है। राम जन्मभूमि दान मामले में एसआईटी पर उनकी प्रतिक्रिया सावधानी से संतुलित है — न पूर्ण समर्थन, न विरोध — जो दर्शाता है कि विपक्ष इस संवेदनशील मुद्दे पर धार्मिक भावनाओं से टकराने से बचना चाहता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीएस सिंहदेव ने इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व पर क्या कहा?
टीएस सिंहदेव ने कहा कि इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व किसी एक व्यक्ति या पार्टी को नहीं, बल्कि गठबंधन के सभी सहयोगी दलों को मिलकर तय करना चाहिए। उन्होंने इसे देश के राजनीतिक भविष्य से जुड़ा बड़ा विषय बताया।
सिंहदेव ने राहुल गांधी की कार्यशैली के बारे में क्या कहा?
सिंहदेव ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हैं और कभी भी पद या नेतृत्व के लिए खुद पहल नहीं करते। उन्होंने इसे राहुल गांधी की विशेषता बताया।
राम जन्मभूमि दान मामले में एसआईटी पर सिंहदेव का क्या रुख है?
सिंहदेव ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील बताया और कहा कि यदि वहाँ भ्रष्टाचार या अनियमितता सामने आती है तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा आघात होगा। उन्होंने निष्पक्ष और गहन जाँच की माँग की।
सिंहदेव ने तिरुपति लड्डू विवाद का जिक्र क्यों किया?
उन्होंने तिरुपति लड्डू में घी को लेकर उठे विवाद का उल्लेख यह बताने के लिए किया कि धार्मिक भावनाओं और आस्था के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। यह संदर्भ राम जन्मभूमि मामले की संवेदनशीलता को रेखांकित करने के लिए दिया गया।
इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व का फैसला कब और कैसे होगा?
सिंहदेव के अनुसार, यह फैसला गठबंधन के सभी घटक दलों की सामूहिक सहमति से होना चाहिए। अभी तक कोई आधिकारिक तारीख या प्रक्रिया तय नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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