तमिलनाडु की दो-भाषा नीति अटल रहेगी: टीवीके सरकार ने तीन-भाषा दबाव को किया खारिज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तमिलनाडु की दो-भाषा नीति अटल रहेगी: टीवीके सरकार ने तीन-भाषा दबाव को किया खारिज

सारांश

मुख्यमंत्री विजय की TVK सरकार ने पहली ही समीक्षा बैठक में साफ कर दिया — तमिलनाडु की दो-भाषा नीति अटल है। केंद्र का PM-SHRI के ज़रिए तीन-भाषा दबाव और दो साल से रुका SSA फंड, दोनों मुद्दे सतह पर आ गए हैं।

मुख्य बातें

शिक्षा मंत्री राजमोहन ने 19 मई 2026 को घोषणा की कि TVK सरकार के तहत दो-भाषा नीति (तमिल-अंग्रेजी) में कोई बदलाव नहीं होगा।
केंद्र सरकार की PM-SHRI योजना में शामिल होने पर निर्णय शर्तों की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।
तमिलनाडु को पिछले दो वर्षों से सर्व शिक्षा अभियान (SSA) का फंड नहीं मिला है।
मंत्री ने सिंगापुर और ली कुआन यू का उदाहरण देते हुए अंग्रेजी को वैश्विक अवसरों की कुंजी बताया।
महिलाओं के अधिकार और मिट्टी के अधिकार TVK सरकार के मूल आदर्श घोषित किए गए।

तमिलनाडु की नई तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार ने 19 मई 2026 को स्पष्ट कर दिया कि राज्य में दशकों से लागू दो-भाषा नीति — तमिल और अंग्रेजी — में कोई बदलाव नहीं होगा। शिक्षा मंत्री राजमोहन ने स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी पहली समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी।

मुख्य घोषणा

शिक्षा मंत्री राजमोहन ने कहा, "अंग्रेजी पर्याप्त है और TVK किसी भी तरह के अतिरिक्त दबाव नहीं झेलेगी। पार्टी के आदर्शों से कोई समझौता नहीं होगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिल राज्य के भीतर संवाद की प्राथमिक भाषा बनी रहेगी, जबकि अंग्रेजी वैश्विक अवसरों से जोड़ने का माध्यम बनी रहेगी। उनके अनुसार, "दो-भाषा नीति TVK का घोषित आदर्श है।"

केंद्र के तीन-भाषा दबाव की पृष्ठभूमि

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM-SHRI) जैसी योजनाओं के माध्यम से तीन-भाषा फॉर्मूले को बढ़ावा दे रही है। गौरतलब है कि तमिलनाडु ऐतिहासिक रूप से हिंदी थोपे जाने का विरोध करता रहा है और 1960 के दशक से ही दो-भाषा नीति पर कायम है। TVK सरकार का यह रुख उस लंबी राजनीतिक परंपरा की निरंतरता है।

PM-SHRI योजना पर तमिलनाडु का रुख

जब मंत्री राजमोहन से पूछा गया कि क्या तमिलनाडु PM-SHRI योजना में शामिल होगा, तो उन्होंने कहा कि राज्य पहले यह जाँचेगा कि कार्यक्रम की शर्तें राज्य के शैक्षणिक लक्ष्यों और प्राथमिकताओं से मेल खाती हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के बाद ही सरकार केंद्र प्रायोजित कार्यक्रमों में शामिल होने पर अंतिम निर्णय लेगी।

सर्व शिक्षा अभियान के फंड पर चिंता

मंत्री ने यह भी बताया कि तमिलनाडु को पिछले दो वर्षों से सर्व शिक्षा अभियान (SSA) का फंड नहीं मिला है। उन्होंने इसे छात्रों और शिक्षा विभाग के लिए गहरी चिंता का विषय बताया और जोर दिया कि यह धनराशि विद्यार्थियों के लिए है, न कि अधिकारियों के लिए।

वैश्विक उदाहरण और नीति का दर्शन

राजमोहन ने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए सिंगापुर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सिंगापुर के संस्थापक प्रधानमंत्री ली कुआन यू ने अंग्रेजी को वैश्विक संपर्क भाषा के रूप में अपनाकर एक गरीब देश को प्रमुख वैश्विक राष्ट्र में बदल दिया। उनके अनुसार, दो-भाषा ढाँचा केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि तमिल संस्कृति की रक्षा और छात्रों को राज्य से बाहर तथा विदेश में अवसर दिलाने की दिशा में राज्य की गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि महिलाओं के अधिकार और मिट्टी के अधिकार TVK सरकार के मूल आदर्श हैं।

आने वाले समय में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि तमिलनाडु PM-SHRI योजना की शर्तों पर केंद्र के साथ किस तरह की बातचीत करता है और SSA फंड का मामला कैसे सुलझता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताती है कि टकराव से ज़्यादा सौदेबाज़ी की संभावना है। यह देखना होगा कि नई TVK सरकार भाषाई अस्मिता की राजनीति और केंद्रीय वित्त पोषण की व्यावहारिक ज़रूरत के बीच संतुलन कैसे साधती है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु की दो-भाषा नीति क्या है?
तमिलनाडु की दो-भाषा नीति के तहत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में केवल तमिल और अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम रखा जाता है। यह नीति 1960 के दशक से लागू है और हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाने के केंद्र के प्रयासों का विरोध इसकी बुनियाद है।
TVK सरकार ने दो-भाषा नीति में बदलाव से क्यों इनकार किया?
शिक्षा मंत्री राजमोहन के अनुसार, दो-भाषा नीति TVK का घोषित आदर्श है और पार्टी किसी भी बाहरी दबाव के सामने नहीं झुकेगी। यह रुख केंद्र सरकार की PM-SHRI योजना के माध्यम से तीन-भाषा फॉर्मूले को बढ़ावा देने की कोशिशों के जवाब में आया है।
क्या तमिलनाडु PM-SHRI योजना में शामिल होगा?
अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। शिक्षा मंत्री राजमोहन ने कहा कि राज्य पहले PM-SHRI की शर्तों की समीक्षा करेगा और देखेगा कि वे तमिलनाडु के शैक्षणिक लक्ष्यों से मेल खाती हैं या नहीं।
सर्व शिक्षा अभियान का फंड तमिलनाडु को क्यों नहीं मिल रहा?
शिक्षा मंत्री राजमोहन ने बताया कि तमिलनाडु को पिछले दो वर्षों से SSA का फंड नहीं मिला है, हालाँकि उन्होंने इसके पीछे का कारण स्पष्ट नहीं किया। उन्होंने इसे छात्रों के लिए बड़ी चिंता का विषय बताया और कहा कि यह राशि विद्यार्थियों की है, अधिकारियों की नहीं।
TVK सरकार की भाषा नीति का छात्रों पर क्या असर होगा?
दो-भाषा नीति जारी रहने से तमिलनाडु के स्कूली छात्र तमिल और अंग्रेजी में शिक्षा पाते रहेंगे। मंत्री राजमोहन के अनुसार, यह ढाँचा एक ओर तमिल सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करता है और दूसरी ओर छात्रों को राज्य से बाहर और विदेश में अवसरों के लिए तैयार करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले