ट्विशा शर्मा मौत मामला: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पति समर्थ सिंह का वकालत लाइसेंस तत्काल निलंबित किया
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल में मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 22 मई 2025 को एक निर्णायक कानूनी कदम उठाते हुए आरोपी वकील और ट्विशा के पति समर्थ सिंह का वकालत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस अंतरिम आदेश के बाद समर्थ सिंह अगले आदेश तक किसी भी अदालत, ट्रिब्यूनल या कानूनी मंच पर पेश नहीं हो सकेंगे।
मामले की पृष्ठभूमि
ट्विशा शर्मा की मौत मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित ससुराल में शादी के कुछ ही महीनों बाद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। बार काउंसिल के संज्ञान में लाया गया कि समर्थ सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ दहेज मृत्यु, क्रूरता और संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। परिषद को यह भी जानकारी मिली कि समर्थ सिंह फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
बार काउंसिल का आदेश और तर्क
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया कि आरोप अत्यंत गंभीर हैं और इनका सीधा असर कानूनी पेशे की गरिमा, अनुशासन और सार्वजनिक छवि पर पड़ता है। परिषद ने रेखांकित किया कि एक वकील केवल निजी व्यक्ति नहीं, बल्कि अदालत का अधिकारी और एक विनियमित पेशे का सदस्य होता है।
आदेश में कहा गया कि पत्नी की मौत में कथित भूमिका, आपराधिक मामला दर्ज होना और आरोपी का फरार होना — इन तीन परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल अंतरिम निलंबन जारी करना अनिवार्य हो गया था, ताकि न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रहे।
निलंबन की शर्तें
आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान समर्थ सिंह किसी भी अदालत, ट्रिब्यूनल, प्राधिकरण या अन्य कानूनी मंच पर न तो पेश हो सकेंगे और न ही किसी मामले में वकालतनामा दाखिल कर पाएंगे। बार काउंसिल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अंतरिम आदेश है और मामले को आगे उचित अनुशासनात्मक समिति या सक्षम वैधानिक निकाय के समक्ष रखा जाएगा, जहाँ कानून के अनुसार सुनवाई होगी।
बार काउंसिल अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने इस आदेश को कानूनी पेशे की शुचिता और अनुशासन बनाए रखने के हित में उठाया गया आवश्यक कदम बताया। उनका कहना है कि बार काउंसिल की जिम्मेदारी है कि किसी भी वकील का आचरण न्याय व्यवस्था में लोगों के भरोसे को कमज़ोर न करने पाए।
आगे की कार्रवाई
यह मामला अब अनुशासनात्मक प्रक्रिया के अगले चरण में जाएगा, जहाँ आवश्यकता पड़ने पर आदेश में संशोधन, पुष्टि या अन्य निर्णय लिया जा सकता है। इस बीच, पुलिस समर्थ सिंह की तलाश जारी रखे हुए है। यह मामला कानूनी बिरादरी में पेशेवर जवाबदेही की बहस को नए सिरे से उठा रहा है।