केरल चुनाव: यूडीएफ का घोषणापत्र, 'मिशन समुद्र' के तहत ग्लोबल हब बनाने की योजना
सारांश
Key Takeaways
- मिशन समुद्र: केरल को वैश्विक समुद्री हब बनाना।
- रोजगार योजनाएं: 10,000 एमएसएमई को समर्थन।
- सामाजिक सुरक्षा: पेंशन 3,000 रुपए।
- महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं।
- स्वास्थ्य और शिक्षा: मुफ्त डायलिसिस और स्कॉलरशिप योजनाएं।
कोच्चि, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा चुनावों से पहले, कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने अपने घोषणापत्र को आज जारी किया। यह कार्यक्रम कोच्चि में आयोजित हुआ, जहां तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस दस्तावेज़ का विमोचन किया। इस अवसर पर गठबंधन के कई प्रमुख नेता भी उपस्थित थे। यह मेनिफेस्टो चुनाव में एक मजबूत दावेदारी का संकेत देता है।
केरल में 9 अप्रैल को 140 सीटों के लिए मतदान होने जा रहा है। इस संदर्भ में, यूडीएफ ने विकास और जनकल्याण पर जोर देते हुए अपनी रणनीति बनाई है।
इस घोषणापत्र का मुख्य आकर्षण है 'मिशन समुद्र'। यह एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य केरल को एक वैश्विक समुद्री हब में परिवर्तित करना है। राज्य की 600 किलोमीटर लंबी तटरेखा, 44 नदियों और बंदरगाहों के नेटवर्क का उपयोग कर जल परिवहन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना के तहत कार्गो, यात्री सेवाएं और पर्यटन को मिलाकर एक सशक्त तटीय लॉजिस्टिक्स सिस्टम विकसित किया जाएगा।
यूडीएफ ने एविएशन क्षेत्र में भी विस्तार की योजनाओं की घोषणा की है। इसमें एयरपोर्ट रनवे और टर्मिनल का विस्तार, मेंटेनेंस-रिपेयर हब (एमआरओ), लॉजिस्टिक्स पार्क और नई उड़ानों को बढ़ावा देने जैसी योजनाएं शामिल हैं।
रोजगार और उद्यमिता पर विशेष ध्यान दिया गया है। घोषणापत्र में वादा किया गया है कि 10,000 एमएसएमई यूनिट्स को 100 करोड़ रुपए से अधिक वार्षिक टर्नओवर तक पहुंचाने में सहायता दी जाएगी। इसके लिए रिवॉल्विंग फंड, टेक्नोलॉजी फंड और वेंचर सपोर्ट जैसे वित्तीय साधनों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, 'जॉब वॉच टावर' की स्थापना की जाएगी, जो वैश्विक रोजगार रुझानों पर नजर रखेगा और शिक्षा को उसी दिशा में ढालने का प्रयास करेगा।
यूडीएफ ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 3,000 रुपए करने का वादा किया है। इसके अतिरिक्त, करुण्य बेनेवोलेंट फंड को पुनः प्रारंभ करने, सस्ती राशन व्यवस्था को बढ़ाने और 'इंदिरा कैंटीन' जैसी योजनाएं लाने का भी उल्लेख किया गया है, जिससे लोगों को सस्ता भोजन मिल सके। करुण्य बेनेवोलेंट फंड के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए जरूरतमंदों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं भी बनाई गई हैं। कुल योजना बजट का 5 प्रतिशत युवाओं की पहल के लिए सुरक्षित किया जाएगा और महिलाओं के रोजगार व सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण वादे किए गए हैं। गरीब परिवारों के लिए मुफ्त डायलिसिस, नए मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य खर्च कम करने के उपाय और शिक्षा में एंटी-रैगिंग कानून, छात्र एक्सचेंज प्रोग्राम और देश-विदेश में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप शामिल हैं।
किसानों और मछुआरों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, जैसे उचित मूल्य, रबर के लिए समर्थन मूल्य, मछुआरों को डीजल सब्सिडी और उनके अधिकारों को कानूनी सुरक्षा।
विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने कहा कि यदि यूडीएफ सरकार बनती है, तो हर महीने बैठक कर घोषणापत्र के वादों की समीक्षा की जाएगी।