23 सितंबर 2026
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शालीमार बाग मस्जिद बुलडोजर कार्रवाई पर उदित राज का आरोप: 'मंदिर का अवैध निर्माण रोका नहीं जाता'

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शालीमार बाग मस्जिद बुलडोजर कार्रवाई पर उदित राज का आरोप: 'मंदिर का अवैध निर्माण रोका नहीं जाता'

सारांश

शालीमार बाग में मस्जिद पर बुलडोजर चला तो कांग्रेस नेता उदित राज ने सीधा सवाल दागा — क्या मंदिर होता तो भी यही होता? एक बयान में उन्होंने दिल्ली प्रशासन, गृह मंत्री अमित शाह, बिहार सरकार और चुनाव आयोग — सभी पर निशाना साधा।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता उदित राज ने 23 सितंबर 2026 को शालीमार बाग मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई को धार्मिक भेदभाव बताया।
उन्होंने कहा कि मंदिर का अवैध निर्माण होने पर प्रशासन उसे 'आस्था का मामला' बताकर छोड़ देता।
बिहार के जमुई छेड़छाड़ मामले पर उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की माँग की।
दिल्ली SIR प्रक्रिया में खुद को 'नाम मिसमैच' नोटिस मिलने का खुलासा किया; बंगाल में 27 लाख मतदाताओं के कथित विलोपन का हवाला दिया।
कर्नाटक हाईकोर्ट के वंदे मातरम मामले में कांग्रेस का पक्ष रखते हुए कहा — पार्टी दो अंतरे गाने की परंपरा पर कायम रहेगी।

कांग्रेस नेता उदित राज ने 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के शालीमार बाग में मस्जिद के कथित अवैध विस्तार पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दिल्ली प्रशासन पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि यही संरचना किसी मंदिर की होती, तो प्रशासन उसे 'आस्था का मामला' बताकर अनदेखा कर देता।

मुख्य आरोप: भेदभावपूर्ण कार्रवाई

उदित राज ने अपने बयान में कहा, 'दिल्ली में अवैध निर्माण लगातार हो रहा है, यह एक आम बात है। अभी भी हजारों अवैध निर्माण हो रहे होंगे, जो पुलिस और कॉरपोरेशन की मिलीभगत से होते हैं। कोई इसे रोक नहीं सकता। लेकिन प्रशासन यह चुन सकता है कि किसे रोकना है और किसे नहीं।'

उन्होंने आगे कहा, 'चूंकि यह एक मस्जिद है और मुसलमानों की है, इसलिए इसे रोक दिया गया। अगर यह मंदिर होता तो इसे नहीं रोका जाता — वे कहते कि यह आस्था का मामला है। कानून की नजर में सभी बराबर होने चाहिए, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं है।'

बिहार कानून-व्यवस्था पर निशाना

बिहार के जमुई में हुए कथित छेड़छाड़ मामले को लेकर उदित राज ने राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घेरा। उन्होंने कहा कि चौधरी ने पहले कहा था कि यदि कोई रात 12 बजे तक खेत से सुरक्षित घर नहीं लौट पाता, तो वे इस्तीफा दे देंगे। उदित राज ने कहा, 'अब जब तेजस्वी यादव उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो सम्राट चौधरी को अपना वादा निभाते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।' उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि जब भाजपा की सरकार हो तो मीडिया 'जंगल राज' की जगह 'मंगल राज' कहता है।

दिल्ली में कानून-व्यवस्था और गृह मंत्री पर सवाल

दिल्ली में हाल ही में हुए रेप केस और उपराज्यपाल द्वारा 'पिंक फोर्स' के ज़रिए महिलाओं की सुरक्षा मज़बूत करने के निर्देश का हवाला देते हुए उदित राज ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उनके अनुसार, 'देश की राजनीति में चाणक्य कहे जाने वाले गृह मंत्री अमित शाह की प्राथमिकता खरीद-फरोख्त और पार्टी के अंदर समीकरण बनाना है — लॉ एंड ऑर्डर उनकी प्राथमिकता नहीं है।'

SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर सवाल

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को जारी नोटिस पर सवाल उठाए जाने के प्रसंग में उदित राज ने कहा कि अदालत चुनाव आयोग को बचाती रहती है। उन्होंने बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ 27 लाख मतदाताओं को सूची से हटाकर चुनाव कराया गया और बाद में ट्रिब्यूनल की जाँच में लगभग एक लाख मामलों में से 92-93 प्रतिशत लोग सही पाए गए। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें भी नाम में 'मिसमैच' का नोटिस मिला है, जबकि वे बचपन से दिल्ली के निवासी हैं।

वंदे मातरम विवाद पर पार्टी का पक्ष

कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा वंदे मातरम मामले में अंतरिम स्टे देने से इनकार के बाद उदित राज ने कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी ने फैसला किया है कि हम दो अंतरे ही गाएंगे, क्योंकि देश को आज़ाद कराने वाले नेताओं ने यही तय किया था। हम अपनी आज़ादी की विरासत के साथ खड़े रहेंगे।'

उदित राज के इन बयानों के बाद अब सत्तापक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है, जो इस विवाद को और व्यापक राजनीतिक बहस में बदल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्वतंत्र जाँच के बिना तय नहीं होगा। SIR पर उनकी चिंता ज़्यादा ठोस है — बंगाल का ट्रिब्यूनल डेटा और उनका अपना नोटिस प्रणालीगत खामियों की ओर इशारा करता है। लेकिन जब तक कांग्रेस इन आरोपों को विधायी प्रस्ताव या अदालती चुनौती में नहीं बदलती, ये बयान राजनीतिक नैरेटिव से आगे नहीं जाएँगे।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शालीमार बाग मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई क्यों हुई?
दिल्ली के शालीमार बाग में मस्जिद के कथित अवैध विस्तार पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। कांग्रेस नेता उदित राज ने इस कार्रवाई को धार्मिक भेदभाव बताया है और कहा कि अवैध मंदिर निर्माण पर ऐसी कार्रवाई नहीं होती।
उदित राज ने सम्राट चौधरी से इस्तीफा क्यों माँगा?
बिहार के जमुई में छेड़छाड़ मामले के बाद उदित राज ने याद दिलाया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वादा किया था कि यदि कोई रात 12 बजे खेत से सुरक्षित घर नहीं लौट पाया तो वे इस्तीफा देंगे। तेजस्वी यादव की इस्तीफे की माँग के समर्थन में उदित राज ने कहा कि चौधरी को अपना वादा निभाना चाहिए।
दिल्ली SIR प्रक्रिया पर उदित राज की क्या आपत्ति है?
उदित राज ने कहा कि SIR के दौरान उन्हें खुद 'नाम मिसमैच' का नोटिस मिला, जबकि वे बचपन से दिल्ली के निवासी हैं। उन्होंने बंगाल का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि 27 लाख मतदाताओं को सूची से हटाया गया और बाद में जाँच में 92-93 प्रतिशत लोग सही पाए गए।
वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस का क्या रुख है?
उदित राज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस केवल दो अंतरे गाने की परंपरा पर कायम रहेगी, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं ने यही तय किया था। कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले में अंतरिम स्टे देने से इनकार किया है।
उदित राज ने गृह मंत्री अमित शाह पर क्या आरोप लगाए?
उदित राज ने कहा कि दिल्ली में बढ़ते अपराध के बावजूद मुख्यधारा मीडिया गृह मंत्री अमित शाह से कानून-व्यवस्था पर सवाल नहीं पूछती। उनके अनुसार, शाह की प्राथमिकता राजनीतिक समीकरण बनाना है, न कि कानून-व्यवस्था सुधारना।
राष्ट्र प्रेस
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