शालीमार बाग मस्जिद बुलडोजर कार्रवाई पर उदित राज का आरोप: 'मंदिर का अवैध निर्माण रोका नहीं जाता'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता उदित राज ने 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के शालीमार बाग में मस्जिद के कथित अवैध विस्तार पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दिल्ली प्रशासन पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि यही संरचना किसी मंदिर की होती, तो प्रशासन उसे 'आस्था का मामला' बताकर अनदेखा कर देता।
मुख्य आरोप: भेदभावपूर्ण कार्रवाई
उदित राज ने अपने बयान में कहा, 'दिल्ली में अवैध निर्माण लगातार हो रहा है, यह एक आम बात है। अभी भी हजारों अवैध निर्माण हो रहे होंगे, जो पुलिस और कॉरपोरेशन की मिलीभगत से होते हैं। कोई इसे रोक नहीं सकता। लेकिन प्रशासन यह चुन सकता है कि किसे रोकना है और किसे नहीं।'
उन्होंने आगे कहा, 'चूंकि यह एक मस्जिद है और मुसलमानों की है, इसलिए इसे रोक दिया गया। अगर यह मंदिर होता तो इसे नहीं रोका जाता — वे कहते कि यह आस्था का मामला है। कानून की नजर में सभी बराबर होने चाहिए, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं है।'
बिहार कानून-व्यवस्था पर निशाना
बिहार के जमुई में हुए कथित छेड़छाड़ मामले को लेकर उदित राज ने राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घेरा। उन्होंने कहा कि चौधरी ने पहले कहा था कि यदि कोई रात 12 बजे तक खेत से सुरक्षित घर नहीं लौट पाता, तो वे इस्तीफा दे देंगे। उदित राज ने कहा, 'अब जब तेजस्वी यादव उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो सम्राट चौधरी को अपना वादा निभाते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।' उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि जब भाजपा की सरकार हो तो मीडिया 'जंगल राज' की जगह 'मंगल राज' कहता है।
दिल्ली में कानून-व्यवस्था और गृह मंत्री पर सवाल
दिल्ली में हाल ही में हुए रेप केस और उपराज्यपाल द्वारा 'पिंक फोर्स' के ज़रिए महिलाओं की सुरक्षा मज़बूत करने के निर्देश का हवाला देते हुए उदित राज ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उनके अनुसार, 'देश की राजनीति में चाणक्य कहे जाने वाले गृह मंत्री अमित शाह की प्राथमिकता खरीद-फरोख्त और पार्टी के अंदर समीकरण बनाना है — लॉ एंड ऑर्डर उनकी प्राथमिकता नहीं है।'
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर सवाल
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को जारी नोटिस पर सवाल उठाए जाने के प्रसंग में उदित राज ने कहा कि अदालत चुनाव आयोग को बचाती रहती है। उन्होंने बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ 27 लाख मतदाताओं को सूची से हटाकर चुनाव कराया गया और बाद में ट्रिब्यूनल की जाँच में लगभग एक लाख मामलों में से 92-93 प्रतिशत लोग सही पाए गए। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें भी नाम में 'मिसमैच' का नोटिस मिला है, जबकि वे बचपन से दिल्ली के निवासी हैं।
वंदे मातरम विवाद पर पार्टी का पक्ष
कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा वंदे मातरम मामले में अंतरिम स्टे देने से इनकार के बाद उदित राज ने कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी ने फैसला किया है कि हम दो अंतरे ही गाएंगे, क्योंकि देश को आज़ाद कराने वाले नेताओं ने यही तय किया था। हम अपनी आज़ादी की विरासत के साथ खड़े रहेंगे।'
उदित राज के इन बयानों के बाद अब सत्तापक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है, जो इस विवाद को और व्यापक राजनीतिक बहस में बदल सकती है।