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यूपी में ड्रेस कोड अनिवार्य: मुजफ्फरनगर के छात्र-शिक्षक बोले — समानता और अनुशासन का सही कदम

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यूपी में ड्रेस कोड अनिवार्य: मुजफ्फरनगर के छात्र-शिक्षक बोले — समानता और अनुशासन का सही कदम

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यपाल के निर्देश पर सभी विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों में ड्रेस कोड अनिवार्य किया। मुजफ्फरनगर में छात्र, प्राचार्य और शिक्षक एकमत — यह नियम भेदभाव मिटाएगा, अनुशासन बढ़ाएगा।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में ड्रेस कोड अनिवार्य करने का निर्णय लिया।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इस नीति की आधिकारिक घोषणा की।
श्रीराम कॉलेज, मुजफ्फरनगर की प्रधानाचार्या प्रेरणा मित्तल और डीन डॉ.
विनीत कुमार शर्मा ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनके संस्थान में यह व्यवस्था पहले से लागू है।
छात्रा ममता यादव सहित कई छात्रों ने कहा कि ड्रेस कोड से आर्थिक भेदभाव और असमानता की भावना समाप्त होती है।
यह नीति शिक्षा में अनुशासन, समानता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के व्यापक सरकारी एजेंडे का हिस्सा है।

उत्तर प्रदेश सरकार के स्कूलों और कॉलेजों में ड्रेस कोड अनिवार्य करने के फैसले को मुजफ्फरनगर के शिक्षकों, प्राचार्यों और छात्र-छात्राओं ने व्यापक समर्थन दिया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में यह नियम लागू किया जाएगा। यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

शिक्षण संस्थानों की प्रतिक्रिया

श्रीराम कॉलेज, मुजफ्फरनगर की प्रधानाचार्या प्रेरणा मित्तल ने कहा कि उनके संस्थान में पहले से ही ड्रेस कोड लागू है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा, 'ड्रेस कोड से सभी बच्चे एक जैसे होते हैं, समानता की भावना आती है और अनुशासन मजबूत होता है।' उन्होंने इसे सरकार का 'काफी अच्छा कदम' बताया।

श्रीराम कॉलेज के डीन डॉ. विनीत कुमार शर्मा ने इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि ड्रेस कोड लागू होने से अमीरी-गरीबी का भेदभाव प्रदर्शित नहीं हो पाता और छात्रों में सुरक्षा की भावना भी प्रबल होती है। उन्होंने बताया कि उनके कॉलेज ने छात्र-छात्राओं के हित में यह व्यवस्था पहले से ही अपनाई हुई है।

छात्रों की राय

श्रीराम कॉलेज की छात्रा ममता यादव ने कहा कि ड्रेस कोड से विद्यार्थियों में भेदभाव की भावना समाप्त होती है और उनका मानना है कि हर स्कूल-कॉलेज में यह व्यवस्था होनी चाहिए। एक अन्य छात्र ने कहा कि इस फैसले से शिक्षण संस्थानों में अनुशासन बढ़ेगा और आर्थिक असमानता का प्रदर्शन नहीं होगा।

सरकार का उद्देश्य

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य किया जाएगा। यह नीति सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और शैक्षणिक माहौल को अधिक अनुशासित बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।

आगे क्या होगा

इस नीति के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी सरकारी और अनुदानित विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को ड्रेस कोड की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसे सुसंगत तरीके से लागू किया गया तो यह छात्रों के व्यवहार और शैक्षणिक वातावरण पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह निर्णय महज एक प्रशासनिक परिपत्र बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में ड्रेस कोड किसके निर्देश पर लागू होगा?
यह नीति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार लागू की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य होगा।
यूपी में ड्रेस कोड लागू होने से छात्रों को क्या फायदा होगा?
शिक्षकों और छात्रों के अनुसार ड्रेस कोड से आर्थिक असमानता का प्रदर्शन नहीं होता, सभी विद्यार्थी एक जैसे दिखते हैं और अनुशासन की भावना मजबूत होती है। श्रीराम कॉलेज के डीन डॉ. विनीत कुमार शर्मा ने यह भी कहा कि इससे सुरक्षा की भावना प्रबल होती है।
क्या मुजफ्फरनगर के कॉलेजों में पहले से ड्रेस कोड लागू था?
हाँ, श्रीराम कॉलेज, मुजफ्फरनगर में पहले से ही ड्रेस कोड लागू है। प्रधानाचार्या प्रेरणा मित्तल ने बताया कि उनके संस्थान में शुरू से ही यह व्यवस्था अपनाई गई है और इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
यूपी सरकार की ड्रेस कोड नीति किन संस्थानों पर लागू होगी?
उच्च शिक्षा मंत्री के अनुसार यह नीति प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों पर लागू होगी। स्कूल स्तर पर भी इसी दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
क्या छात्रों ने यूपी के ड्रेस कोड फैसले का विरोध किया?
मुजफ्फरनगर से सामने आई प्रतिक्रियाओं में छात्र-छात्राओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। छात्रा ममता यादव सहित अन्य विद्यार्थियों ने कहा कि ड्रेस कोड भेदभाव मिटाता है और हर संस्थान में होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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