क्या यूपी में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रची गई?
सारांश
मुख्य बातें
मुजफ्फरनगर, 2 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में ककरौली थाना पुलिस ने कावड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के आरोप में शनिवार को मदरसों में पढ़ाने वाले दो मौलानाओं को गिरफ्तार किया। पुलिस ने ऐसे मामलों में पिछले 12 दिनों में अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुजफ्फरनगर देहात एसपी आईपीएस आदित्य बंसल ने बताया, "पुलिस और कई जांच एजेंसियां इस मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं। मौलानाओं की पहचान इमरान, निवासी मुरादाबाद, और हाफिज दानिश, निवासी मुजफ्फरनगर, के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से बरामद फोन को 'एफएसएल' (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) जांच के लिए भेज दिया है।"
उन्होंने बताया, "आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुपों में पाकिस्तान की वीडियो को यूपी के मुरादाबाद की बताते हुए वायरल किया था। गिरफ्तार मौलाना इमरान मध्य प्रदेश में मदरसे में पढ़ाता है, वहीं हाफिज दानिश भी मदरसे में पढ़ाने का कार्य करता है।"
इससे पहले मुजफ्फरनगर में कावड़ यात्रा के दौरान डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में दंगा भड़काने की एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया था। व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए पाकिस्तान की एक पुरानी सनसनीखेज वीडियो को वायरल किया गया था। इस वीडियो को मुरादाबाद के शाहपुर गांव का बताया गया था। इसके साथ एक ऑडियो भी वायरल किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि मंसूरपुर सहित आसपास के गांवों में मुसलमानों के साथ हिंसा की गई।
इस मामले में पुलिस ने 21 जुलाई को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।