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राशन माफिया पर UP सरकार का सख्त एक्शन, मंत्री मनोज पांडेय बोले — कालाबाजारी करने वाले जाएंगे जेल

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राशन माफिया पर UP सरकार का सख्त एक्शन, मंत्री मनोज पांडेय बोले — कालाबाजारी करने वाले जाएंगे जेल

सारांश

उत्तर प्रदेश के खाद्य मंत्री मनोज पांडेय ने राशन माफिया को सीधी चेतावनी दी — कालाबाजारी और घटतौली करने वाले जेल जाएंगे। अधिकारी भी जवाबदेही से नहीं बचेंगे। गरीबों के हक की रक्षा के लिए राज्य सरकार ने व्यापक अभियान का संकेत दिया है।

मुख्य बातें

खाद्य मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने 22 मई 2025 को PDS समीक्षा बैठक में राशन माफिया के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की।
कालाबाजारी, घटतौली, जमाखोरी और अवैध वसूली में दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की चेतावनी।
विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी लापरवाही और दोषियों को संरक्षण देने पर जवाबदेही की चेतावनी।
बैठक में पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति की भी समीक्षा; ऑयल एजेंसियों को पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश।
सरकार का लक्ष्य गरीब, किसान, मजदूर और पात्र लाभार्थियों को समय पर उनका हक दिलाना।

उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने 22 मई 2025 को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की समीक्षा बैठक में राशन माफिया के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कालाबाजारी, घटतौली, जमाखोरी और अवैध वसूली में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा — चाहे वह दुकानदार हो, अधिकारी हो या कर्मचारी। गरीबों के राशन अधिकार की रक्षा के लिए सरकार ने व्यापक अभियान चलाने के संकेत दिए हैं।

मंत्री की सख्त चेतावनी

मंत्री मनोज पांडेय ने बैठक में अधिकारियों को सीधे निर्देश देते हुए कहा कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर जेल भी भेजा जाएगा। उनका यह बयान उन तत्वों के लिए सीधी चुनौती है जो सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुँचाते रहे हैं।

अधिकारियों को भी जवाबदेही की चेतावनी

केवल बाहरी माफिया ही नहीं, मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि लापरवाही, भ्रष्टाचार, शिकायतों की अनदेखी या दोषियों को संरक्षण देने की स्थिति में संबंधित कर्मियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। यह कदम उन आलोचनाओं के बीच आया है जिनमें कहा जाता रहा है कि PDS में गड़बड़ी अक्सर अंदरूनी मिलीभगत से होती है।

पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति की भी समीक्षा

बैठक में पेट्रोलियम पदार्थों और गैस आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने ऑयल एजेंसियों को निर्देश दिया कि खपत के अनुसार सभी आउटलेट और गैस एजेंसियों पर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति में कोई बैकलॉग न बने और उपभोक्ताओं को समय पर सेवा मिल सके।

सरकार की प्राथमिकता: पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था

मंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता एक ऐसी व्यवस्था स्थापित करना है जो पारदर्शी, ईमानदार और जवाबदेह हो। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, मजदूर और सभी पात्र लाभार्थियों को उनका हक समय पर मिलना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में PDS में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में इसका असर करोड़ों परिवारों पर पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्रियान्वयन कितना होगा — उत्तर प्रदेश में PDS अनियमितताओं की शिकायतें नई नहीं हैं, और पिछली 'सख्त कार्रवाई' की घोषणाएँ अक्सर बैठकों तक सीमित रही हैं। अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने का संकल्प सराहनीय है, लेकिन बिना स्वतंत्र निगरानी तंत्र के यह महज़ एक और प्रशासनिक निर्देश बनकर रह सकता है। करोड़ों गरीब परिवारों के लिए PDS उनकी खाद्य सुरक्षा की रीढ़ है — इसलिए इस मामले में शब्दों से ज़्यादा ज़मीनी परिणाम मायने रखते हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में राशन माफिया के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
खाद्य मंत्री मनोज पांडेय के अनुसार, कालाबाजारी, घटतौली और जमाखोरी में दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर जेल भेजा जाएगा। यह निर्देश 22 मई 2025 को आयोजित PDS समीक्षा बैठक में दिए गए।
क्या UP के सरकारी अधिकारी भी इस कार्रवाई के दायरे में आएंगे?
हाँ, मंत्री पांडेय ने स्पष्ट किया कि लापरवाही, भ्रष्टाचार, शिकायतों की अनदेखी या दोषियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। दोषी पाए जाने पर किसी को राहत नहीं मिलेगी।
UP सरकार की PDS व्यवस्था सुधारने की क्या प्राथमिकता है?
सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी, ईमानदार और जवाबदेह खाद्य वितरण व्यवस्था स्थापित करना है, ताकि गरीब, किसान, मजदूर और पात्र लाभार्थियों को उनका हक समय पर मिल सके। इसके लिए व्यापक अभियान चलाने के संकेत दिए गए हैं।
बैठक में पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति पर क्या निर्देश दिए गए?
मंत्री ने ऑयल एजेंसियों को निर्देश दिया कि खपत के अनुसार सभी आउटलेट और गैस एजेंसियों पर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उद्देश्य यह है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति में कोई बैकलॉग न बने।
UP में PDS में गड़बड़ी की शिकायत कहाँ करें?
उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद विभाग में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। मंत्री पांडेय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिकायतों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर शिकायत पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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