यूपीएमआरसी का ऐतिहासिक कदम: मेट्रो टेक्नोलॉजी के अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू, भारत में पहली बार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने 29 जुलाई 2026 को मेट्रो क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू कर एक नया इतिहास रचा है। इस पहल के साथ यूपीएमआरसी देश का पहला मेट्रो संगठन बन गया है जिसने मेट्रो टेक्नोलॉजी में ऑनलाइन तकनीकी प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। लखनऊ से संचालित यह पहल केंद्र सरकार के स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप वैश्विक स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बुधवार को इन ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्सों का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं और तकनीकी पेशेवरों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। पहले चरण में एक दर्जन से अधिक ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए गए हैं।
इन पाठ्यक्रमों में रोलिंग स्टॉक, सिग्नलिंग, ट्रैक मेंटेनेंस और ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) सहित मेट्रो संचालन से जुड़े कई तकनीकी विषय शामिल हैं। आने वाले समय में मेट्रो योजना, निर्माण, संचालन, रखरखाव, सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों से संबंधित अतिरिक्त पाठ्यक्रम भी जोड़े जाएंगे।
कौन ले सकता है भाग
इन कोर्सों में इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ, कंसल्टेंट, ठेका कंपनियों के कर्मचारी, इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्र और मेट्रो सेक्टर में करियर बनाने के इच्छुक युवा दुनिया के किसी भी हिस्से से ऑनलाइन भाग ले सकते हैं। भारतीय और विदेशी — दोनों प्रतिभागियों के लिए नामांकन की सुविधा उपलब्ध है।
फीस संरचना को किफायती रखा गया है: भारतीय प्रतिभागियों के लिए प्रति कोर्स शुल्क ₹200 और विदेशी प्रतिभागियों के लिए 100 अमेरिकी डॉलर निर्धारित किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी यूपीएमआरसी की आधिकारिक वेबसाइट के 'ऑनलाइन कोर्स' अनुभाग के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
भारत का मेट्रो विस्तार और वैश्विक माँग
इस समय भारत के 26 शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं और देश का परिचालित मेट्रो नेटवर्क 1,095 किलोमीटर से अधिक लंबा हो चुका है। इसके साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन गया है। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी देशों सहित दुनिया के कई हिस्सों में नई मेट्रो परियोजनाओं के तेज विस्तार के कारण प्रशिक्षित इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की माँग लगातार बढ़ रही है।
गौरतलब है कि यूपीएमआरसी की यह पहल केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है — यह वैश्विक मेट्रो बाज़ार में भारतीय तकनीकी विशेषज्ञता को स्थापित करने की दिशा में एक रणनीतिक प्रयास है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
प्रबंध निदेशक सुशील कुमार के अनुसार, 'भारत और दुनिया में मेट्रो नेटवर्क जिस गति से विस्तार कर रहा है, उसे देखते हुए विशेष तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव वाले प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।' उन्होंने आगे कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्सों के माध्यम से यूपीएमआरसी अपनी तकनीकी विशेषज्ञता वैश्विक स्तर तक पहुँचाएगा।
आगे की राह
यूपीएमआरसी की योजना है कि आने वाले चरणों में मेट्रो योजना, निर्माण और सुरक्षा से जुड़े और अधिक पाठ्यक्रम जोड़े जाएंगे। यह पहल स्किल इंडिया मिशन को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ भविष्य की मेट्रो परियोजनाओं के लिए बड़ी संख्या में प्रमाणित पेशेवर तैयार करने का मार्ग प्रशस्त करती है।