2 सितंबर 2026
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यूपी आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) का शुभारंभ आज, सीएम योगी देंगे आउटसोर्स कार्मिकों को सेवा-सुरक्षा की गारंटी

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यूपी आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) का शुभारंभ आज, सीएम योगी देंगे आउटसोर्स कार्मिकों को सेवा-सुरक्षा की गारंटी

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार आज लाखों आउटसोर्स कार्मिकों के लिए एक नई संस्थागत व्यवस्था — यूपीसीओएस — की नींव रख रही है। डिजिटल एकीकरण, न्यूनतम मानदेय और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी के साथ, यह पहल 'नए उत्तर प्रदेश' के उस वादे की परीक्षा है जो वर्षों से हाशिये पर रहे कार्मिकों से किया गया है।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2 सितंबर को लखनऊ में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) का शुभारंभ किया।
यूपीसीओएस का उद्देश्य आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन का डिजिटल एकीकरण , न्यूनतम मानदेय और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देना है।
आँगनवाड़ी, आशा वर्कर, रसोइया, ग्राम चौकीदार और कोटेदार के मानदेय में वृद्धि के लिए बजट में प्रावधान किया गया।
परिवहन निगम के 310 आउटसोर्स कार्मिकों (कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार, प्रोग्रामर) के मानदेय में जुलाई से 5% की वृद्धि लागू।
प्रोग्रामर का मानदेय ₹42,000 से बढ़कर ₹43,313 ; कंप्यूटर ऑपरेटर का ₹20,655 से ₹21,420 हुआ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार, 2 सितंबर को लखनऊ में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) का औपचारिक शुभारंभ करेंगे — यह कदम राज्य के आउटसोर्स कार्मिकों के हित-संरक्षण, सेवा-सुरक्षा और पारदर्शी मानव संसाधन प्रबंधन की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी संस्थागत पहल मानी जा रही है। इस अवसर पर यूपीसीओएस पोर्टल और वेबसाइट की लॉन्चिंग, संस्था के लोगो का अनावरण और आउटसोर्स कार्मिकों को चेक वितरण भी किया जाएगा।

यूपीसीओएस क्या है और इसका उद्देश्य

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यूपीसीओएस का गठन संपूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के डिजिटल एकीकरण के लिए किया गया है। इसके अंतर्गत प्रत्येक आउटसोर्सिंग कर्मी को न्यूनतम मानदेय और हर प्रकार की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने इसके लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था भी कर दी है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके साथ ही एक आउटसोर्सिंग आयोग का भी गठन किया है, जो नीति-निर्माण और क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में आउटसोर्स कार्मिकों की संख्या लाखों में है और उनके वेतन, सामाजिक सुरक्षा एवं सेवा-शर्तों को लेकर लंबे समय से माँगें उठती रही हैं।

सीएम योगी का एक्स पर संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, 'लखनऊ में आज संपूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के डिजिटल एकीकरण के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) का शुभारंभ होगा। साथ ही, यूपीसीओएस के पोर्टल और वेबसाइट की लॉन्चिंग, 'लोगो' का अनावरण व आउटसोर्स कार्मिकों को चेक वितरण भी किया जाएगा।'

उन्होंने आगे लिखा कि 'तकनीक से पारदर्शिता, व्यवस्था से सुरक्षा और प्रत्येक कार्मिक के श्रम को सम्मान — यही नए उत्तर प्रदेश की नई पहचान है।'

आँगनवाड़ी, आशा वर्कर और अन्य कार्मिकों को भी लाभ

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, रसोइया, ग्राम चौकीदार और कोटेदार — इन सभी के प्रोत्साहन राशि और मानदेय में वृद्धि के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। गौरतलब है कि ये वर्ग दशकों से न्यूनतम पारिश्रमिक पर काम करते आए हैं और उनके लिए संस्थागत सुरक्षा का अभाव रहा है।

परिवहन निगम में मानदेय वृद्धि

इससे पहले अगस्त माह में योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में जुलाई से 5 प्रतिशत की वृद्धि की थी। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के अनुसार, यह बढ़ोतरी कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर पदों पर लागू की गई।

इस वृद्धि का लाभ परिवहन निगम के 249 कंप्यूटर ऑपरेटरों को मिलेगा, जिनका मानदेय लगभग ₹20,655 से बढ़कर ₹21,420 हो जाएगा। 35 लेखाकार कम टैली ऑपरेटरों का वेतन वरिष्ठता के अनुसार ₹20,000 से ₹26,000 के बीच हो जाएगा। वहीं 26 प्रोग्रामरों का मानदेय ₹42,000 से बढ़कर ₹43,313 तक पहुँचेगा।

आगे की राह

यूपीसीओएस के शुभारंभ के साथ ही राज्य सरकार शीघ्र आगे की कार्यवाही करने का संकेत दे चुकी है। डिजिटल एकीकरण और पारदर्शी प्रबंधन की यह प्रणाली यदि प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कार्मिकों के लिए एक निर्णायक बदलाव साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — राज्य में आउटसोर्स कार्मिकों की संख्या लाखों में है और उनकी शिकायतें दशकों पुरानी हैं। डिजिटल एकीकरण और पारदर्शिता के वादे तब तक अधूरे हैं जब तक पोर्टल पर वास्तविक डेटा सार्वजनिक न हो और मानदेय वितरण में मध्यस्थों की भूमिका समाप्त न की जाए। परिवहन निगम में 5% की वृद्धि सांकेतिक है — ₹765 की बढ़ोतरी महँगाई के मुकाबले नाकाफी है। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि आउटसोर्सिंग आयोग के पास स्वतंत्र जाँच और प्रवर्तन की शक्ति होगी या नहीं।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) क्या है?
यूपीसीओएस उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक नई संस्था है, जिसका उद्देश्य राज्य के आउटसोर्स कार्मिकों के मानव संसाधन प्रबंधन को डिजिटल रूप से एकीकृत करना और उन्हें न्यूनतम मानदेय व सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देना है। इसका शुभारंभ 2 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में किया।
यूपीसीओएस से किन कार्मिकों को फायदा होगा?
यूपीसीओएस का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों को मिलेगा। इसमें आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, रसोइया, ग्राम चौकीदार, कोटेदार और परिवहन निगम के कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार व प्रोग्रामर जैसे पद शामिल हैं।
परिवहन निगम के आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में कितनी वृद्धि हुई?
अगस्त 2025 में योगी सरकार ने परिवहन निगम के आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में जुलाई से 5 प्रतिशत की वृद्धि की। कंप्यूटर ऑपरेटर का मानदेय ₹20,655 से बढ़कर ₹21,420, और प्रोग्रामर का ₹42,000 से बढ़कर ₹43,313 हो गया।
यूपीसीओएस पोर्टल और वेबसाइट कब लॉन्च होगी?
यूपीसीओएस पोर्टल और वेबसाइट का शुभारंभ 2 सितंबर को लखनऊ में यूपीसीओएस के उद्घाटन समारोह के दौरान ही किया जाएगा। इसके साथ संस्था के लोगो का अनावरण और आउटसोर्स कार्मिकों को चेक वितरण भी होगा।
उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग आयोग का क्या काम होगा?
उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग आयोग का गठन किया है, जो आउटसोर्स कार्मिकों के लिए न्यूनतम मानदेय और सामाजिक सुरक्षा नीतियों के निर्माण और क्रियान्वयन की देखरेख करेगा। सरकार ने इसके लिए बजट में धनराशि का प्रावधान कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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