डल झील के हाउसबोट में ठहरे 83 वर्षीय अमेरिकी पर्यटक जॉन डेविड एंडरसन की मौत
सारांश
मुख्य बातें
श्रीनगर में डल झील के एक हाउसबोट पर ठहरे 83 वर्षीय अमेरिकी पर्यटक जॉन डेविड एंडरसन की बुधवार, 6 मई को सीने में बेचैनी की शिकायत के बाद मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, उन्हें तुरंत नज़दीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटनाक्रम
एंडरसन अपनी पत्नी जुडिथ एनी मैकार्थी के साथ डल झील स्थित हाउसबोट में ठहरे हुए थे। पुलिस के बयान के अनुसार, सीने में तकलीफ होने पर उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है।
कश्मीर में हाउसबोट पर्यटन
डल झील और निगीन झील में स्थित हाउसबोट कश्मीर पर्यटन का एक प्रमुख आकर्षण हैं। लकड़ी से निर्मित ये आलीशान तैरते आवास आधुनिक सुविधाओं, स्थानीय खानपान और व्यक्तिगत सेवाओं के लिए जाने जाते हैं। मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ने के साथ ही देश-विदेश से पर्यटकों की आमद में तेज़ी आई है।
पहलगाम हमले के बाद पर्यटन पर असर
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 25 सैलानियों और एक स्थानीय टट्टू वाले समेत 26 लोगों की जान गई थी। इस हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ बताया गया। भारत ने इस हमले का जवाब ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिये दिया, जिसके तहत मुरीदके (लाहौर के निकट), बहावलपुर और मुजफ्फराबाद (पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर) में आतंकी ढाँचों को ध्वस्त किया गया। इसके चार दिन बाद 10 मई को पाकिस्तान के अनुरोध पर संघर्षविराम की घोषणा की गई।
पर्यटन पुनरुद्धार के प्रयास
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पर्यटन को पुनर्जीवित करने के लिए कई कदम उठाए। उन्होंने पहलगाम में कैबिनेट बैठक आयोजित की और पर्यटकों में विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से साइकिल यात्रा भी की। पर्यटन विभाग और स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक असर दिखने लगा है और बड़ी संख्या में पर्यटक फिर से कश्मीर का रुख कर रहे हैं।
आगे क्या
पुलिस मौत के सटीक कारणों की जाँच जारी रखे हुए है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कश्मीर पर्यटन उद्योग पहलगाम हमले के बाद पटरी पर लौटने की कोशिश कर रहा है — विदेशी पर्यटकों की वापसी को इस पुनरुद्धार का सकारात्मक संकेत माना जा रहा था।