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वडोदरा की कवि दुला काग सरकारी प्राथमिक शाला: प्रवेशोत्सव से पहले ही सभी सीटें फुल, हर साल लंबी वेटिंग लिस्ट

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वडोदरा की कवि दुला काग सरकारी प्राथमिक शाला: प्रवेशोत्सव से पहले ही सभी सीटें फुल, हर साल लंबी वेटिंग लिस्ट

सारांश

वडोदरा की कवि दुला काग सरकारी प्राथमिक शाला में इस बार शाला प्रवेशोत्सव शुरू होने से पहले ही सभी सीटें भर गईं और 'नो एडमिशन' का बोर्ड लग गया। 1,700 से अधिक विद्यार्थियों वाली यह शाला पीएम श्री योजना में शामिल है और सरकारी शिक्षा में उत्कृष्टता की मिसाल बन चुकी है।

मुख्य बातें

वडोदरा की कवि दुला काग सरकारी प्राथमिक शाला में शाला प्रवेशोत्सव (23–25 जून) शुरू होने से पहले ही सभी प्रवेश सीटें भर गईं।
विद्यालय में 3 भवन , 24 कक्षाएँ और 1,700 से अधिक विद्यार्थी ; 9 अतिरिक्त कक्षाएँ मिलने के बाद क्षमता 2,000+ होगी।
शाला को केंद्र सरकार की पीएम श्री (PM SHRI) योजना में शामिल किया गया है।
NMMS, PSE, CET और ज्ञान साधना परीक्षाओं में विद्यार्थियों का उल्लेखनीय प्रदर्शन; सरकारी मूल्यांकन में नियमित उच्च ग्रेड।
कला महाकुंभ में 2018 से 2025 तक छात्राओं ने रास-गरबा में राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किए।
अनूठी 'बाल संसद' पहल के ज़रिए विद्यार्थी विद्यालय प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं।

वडोदरा की कवि दुला काग सरकारी प्राथमिक शाला में इस वर्ष शाला प्रवेशोत्सव (23–25 जून) शुरू होने से पहले ही प्रवेश की समस्त सीटें भर गईं और विद्यालय के मुख्य द्वार पर 'नो एडमिशन' का बोर्ड लग गया। नगर प्राथमिक शिक्षा समिति द्वारा संचालित यह सरकारी स्कूल हर वर्ष लंबी वेटिंग लिस्ट के साथ अभिभावकों की पहली पसंद बना रहता है — एक ऐसी स्थिति जो आमतौर पर केवल अग्रणी निजी विद्यालयों के साथ जुड़ी होती है।

शाला की पृष्ठभूमि और उपलब्धियाँ

वर्ष 2010 में स्थापित इस विद्यालय ने डेढ़ दशक में सरकारी शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्टता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। तीन भवनों और 24 कक्षाओं में फैली इस शाला में फिलहाल 1,700 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शाला को हाल ही में केंद्र सरकार की पीएम श्री (प्राइम मिनिस्टर्स स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना में शामिल किया गया है, जिससे इसे नए संसाधन और अवसर मिलने की संभावना है। साथ ही, नौ अतिरिक्त कक्षाएँ आवंटित होने के बाद विद्यार्थी क्षमता 2,000 से अधिक होने की अपेक्षा है।

आधुनिक ढाँचागत सुविधाएँ

इस सरकारी शाला में एयर-कंडीशंड कंप्यूटर एवं विज्ञान प्रयोगशालाएँ, इंटरेक्टिव पैनल से सुसज्जित स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय, खेल का मैदान, औषधीय वनस्पति उद्यान और हरित कैम्पस जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं — जो अग्रणी निजी विद्यालयों के समकक्ष मानी जाती हैं। पीएम श्री का दर्जा मिलने के बाद इन सुविधाओं में और वृद्धि अपेक्षित है।

शैक्षणिक और खेल उपलब्धियाँ

शैक्षणिक दृष्टि से इस विद्यालय के विद्यार्थियों ने नेशनल मीन्स-कम-मैरिट स्कॉलरशिप (NMMS), PSE, CET और ज्ञान साधना जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। सरकारी मूल्यांकन में शाला को नियमित रूप से उच्च ग्रेड प्राप्त होते रहे हैं।

खेल के क्षेत्र में, खो-खो, लंगड़ी और रोप मल्लखंभ में विद्यार्थियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर गुजरात का प्रतिनिधित्व करते हुए अनेक पदक जीते हैं। पीएम श्री योजना के अंतर्गत अब शाला को एक अलग स्पोर्ट्स शिक्षक मिलेगा, और तीरंदाजी (आर्चरी) व एथलेटिक्स में भी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की तैयारी की जाएगी।

बाल संसद और सर्वांगीण विकास

शाला की अनूठी 'बाल संसद' पहल विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्य, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करती है। विद्यार्थी मध्याह्न भोजन, स्वच्छता, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य और बुलेटिन बोर्ड जैसी विभिन्न समितियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली समिति को सर्वाधिक स्टार्स दिए जाते हैं, जिससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पनपती है।

कला महाकुंभ में वर्ष 2018 से 2025 तक शाला की छात्राओं ने रास-गरबा प्रतियोगिता में तहसील, जिला और राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। पीएम श्री के अंतर्गत अब शाला को संगीत शिक्षक का आवंटन भी होगा।

राजनीतिक संज्ञान और आगे की राह

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, शिक्षा राज्य मंत्री रिवाबा जाडेजा, पूर्व शिक्षा मंत्री प्रफुलभाई पानशेरिया एवं कुबेर डिंडोर सहित वरिष्ठ नेता समय-समय पर इस विद्यालय का दौरा कर शिक्षकों व विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते रहे हैं। हाल ही में ब्रिक्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी शाला का दौरा किया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2003 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में शाला प्रवेशोत्सव और कन्या केलवणी रथयात्रा कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा के अधिकार से एक भी बच्चे को वंचित न रहने देना था। पीएम श्री योजना के नए संसाधनों के साथ कवि दुला काग प्राथमिक शाला आने वाले वर्षों में और अधिक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान देने के लिए तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस व्यापक धारणा को चुनौती है जो सरकारी शिक्षा को दोयम दर्जे का मानती है। सवाल यह है कि अगर एक सरकारी स्कूल निजी विद्यालयों जैसी सुविधाएँ और परिणाम दे सकता है, तो यह मॉडल गुजरात के बाकी हज़ारों सरकारी स्कूलों तक क्यों नहीं पहुँच पाया। पीएम श्री योजना में शामिल होना सकारात्मक कदम है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि यह उत्कृष्टता चुनिंदा 'शोकेस स्कूलों' तक सीमित रहती है या व्यापक सरकारी शिक्षा तंत्र में संस्थागत रूप ले पाती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कवि दुला काग सरकारी प्राथमिक शाला वडोदरा में प्रवेश क्यों नहीं मिल रहा?
शाला प्रवेशोत्सव (23–25 जून) शुरू होने से पहले ही सभी उपलब्ध सीटें भर गईं और विद्यालय के मुख्य द्वार पर 'नो एडमिशन' का बोर्ड लगा दिया गया। हर वर्ष भारी माँग के कारण लंबी वेटिंग लिस्ट बनती है।
कवि दुला काग प्राथमिक शाला की खासियत क्या है?
वर्ष 2010 में स्थापित यह शाला एयर-कंडीशंड प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय और बाल संसद जैसी सुविधाओं के लिए जानी जाती है। NMMS, PSE, CET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं और खेल-कला प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों का प्रदर्शन इसे सरकारी शिक्षा में उत्कृष्टता का उदाहरण बनाता है।
पीएम श्री योजना में शामिल होने से शाला को क्या फायदा होगा?
पीएम श्री (प्राइम मिनिस्टर्स स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के अंतर्गत शाला को अलग से स्पोर्ट्स शिक्षक और संगीत शिक्षक मिलेंगे, तथा 9 अतिरिक्त कक्षाएँ आवंटित होंगी जिससे विद्यार्थी क्षमता 2,000 से अधिक हो जाएगी। इससे सुविधाओं और प्रशिक्षण में और वृद्धि होगी।
शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?
शाला प्रवेशोत्सव गुजरात सरकार का वार्षिक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा के योग्य हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ना है। इसकी शुरुआत वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कन्या केलवणी रथयात्रा के साथ की थी।
कवि दुला काग शाला की 'बाल संसद' पहल कैसे काम करती है?
बाल संसद में विद्यार्थी मध्याह्न भोजन, स्वच्छता, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य और बुलेटिन बोर्ड जैसी विभिन्न समितियों में भाग लेते हैं और विद्यालय प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली समिति को सर्वाधिक स्टार्स दिए जाते हैं, जिससे विद्यार्थियों में नेतृत्व और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।
राष्ट्र प्रेस
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