वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 50% महंगा, भारत में सिर्फ 7% बढ़े दाम: भाजपा नेता गौरव वल्लभ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने 25 मई 2026 को कहा कि पिछले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी हैं, जबकि केंद्र सरकार ने घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में केवल 7 से 7.5 प्रतिशत की वृद्धि की है। उन्होंने इसे आम जनता के हित में सरकार के सचेत हस्तक्षेप का प्रमाण बताया।
ईंधन कीमतों पर सरकार का पक्ष
गौरव वल्लभ ने बताया कि भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिससे वैश्विक कीमतों का सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। उनके अनुसार, सरकार ने मूल्य वृद्धि का बड़ा हिस्सा स्वयं वहन किया है ताकि उपभोक्ताओं पर अत्यधिक बोझ न पड़े।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान और कनाडा जैसे देशों में ईंधन की कीमतें 40 से 100 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला के दबाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर निशाना
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि TMC के सांसद लगातार इस्तीफा दे रहे हैं और पार्टी का संगठन कमजोर पड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी पहले अपनी पार्टी को संभालें। अगर यही स्थिति रही तो पार्टी में केवल वे और उनके भतीजे ही रह जाएंगे।"
गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि TMC के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है और विपक्षी दलों को दूसरों की राजनीति पर टिप्पणी करने से पहले अपने संगठन की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
यूसीसी पर भाजपा का रुख
असम विधानसभा में पेश किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक पर गौरव वल्लभ ने कहा कि भाजपा अपने संकल्प पत्र में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एक देश में अलग-अलग कानून नहीं हो सकते और समान नागरिक संहिता पूरे राष्ट्र की आकांक्षा है।
गौरव वल्लभ ने दावा किया कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर भी यूनिफॉर्म सिविल कोड के पक्षधर थे, लेकिन उनके अनुसार पूर्ववर्ती सरकारों ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाया। गौरतलब है कि उत्तराखंड के बाद असम यूसीसी विधेयक पेश करने वाला दूसरा राज्य बन गया है, जो भाजपा शासित राज्यों में इस एजेंडे को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और आगे की राह
भाजपा नेता के इन बयानों पर विपक्षी दलों की ओर से तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि ईंधन कीमतों पर सरकारी आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना आवश्यक है। UCC और पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भाजपा का आक्रामक रुख आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।