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वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 50% महंगा, भारत में सिर्फ 7% बढ़े दाम: भाजपा नेता गौरव वल्लभ

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वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 50% महंगा, भारत में सिर्फ 7% बढ़े दाम: भाजपा नेता गौरव वल्लभ

सारांश

भाजपा नेता गौरव वल्लभ का दावा — वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 50% बढ़ीं, लेकिन केंद्र सरकार ने भारत में सिर्फ 7% बढ़ाने दिए। साथ ही UCC को जनआकांक्षा और TMC को संगठनात्मक संकट में घिरी पार्टी बताया।

मुख्य बातें

भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा — पिछले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 50% से अधिक बढ़ीं।
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में केवल 7 से 7.5% की वृद्धि हुई; सरकार ने शेष बोझ स्वयं वहन किया।
भारत अपनी जरूरत का 87% कच्चा तेल आयात करता है, जिससे वैश्विक कीमतों का सीधा असर पड़ता है।
अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान, कनाडा में ईंधन कीमतें 40–100% तक बढ़ीं — वल्लभ का दावा।
असम में पेश UCC विधेयक को भाजपा ने जनआकांक्षा बताया; डॉ.
आंबेडकर के समर्थन का हवाला दिया।
TMC पर निशाना — सांसदों के इस्तीफे और संगठनात्मक कमजोरी को लेकर ममता बनर्जी पर तीखा हमला।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने 25 मई 2026 को कहा कि पिछले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी हैं, जबकि केंद्र सरकार ने घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में केवल 7 से 7.5 प्रतिशत की वृद्धि की है। उन्होंने इसे आम जनता के हित में सरकार के सचेत हस्तक्षेप का प्रमाण बताया।

ईंधन कीमतों पर सरकार का पक्ष

गौरव वल्लभ ने बताया कि भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिससे वैश्विक कीमतों का सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। उनके अनुसार, सरकार ने मूल्य वृद्धि का बड़ा हिस्सा स्वयं वहन किया है ताकि उपभोक्ताओं पर अत्यधिक बोझ न पड़े।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान और कनाडा जैसे देशों में ईंधन की कीमतें 40 से 100 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला के दबाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर निशाना

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि TMC के सांसद लगातार इस्तीफा दे रहे हैं और पार्टी का संगठन कमजोर पड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी पहले अपनी पार्टी को संभालें। अगर यही स्थिति रही तो पार्टी में केवल वे और उनके भतीजे ही रह जाएंगे।"

गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि TMC के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है और विपक्षी दलों को दूसरों की राजनीति पर टिप्पणी करने से पहले अपने संगठन की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

यूसीसी पर भाजपा का रुख

असम विधानसभा में पेश किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक पर गौरव वल्लभ ने कहा कि भाजपा अपने संकल्प पत्र में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एक देश में अलग-अलग कानून नहीं हो सकते और समान नागरिक संहिता पूरे राष्ट्र की आकांक्षा है।

गौरव वल्लभ ने दावा किया कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर भी यूनिफॉर्म सिविल कोड के पक्षधर थे, लेकिन उनके अनुसार पूर्ववर्ती सरकारों ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाया। गौरतलब है कि उत्तराखंड के बाद असम यूसीसी विधेयक पेश करने वाला दूसरा राज्य बन गया है, जो भाजपा शासित राज्यों में इस एजेंडे को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और आगे की राह

भाजपा नेता के इन बयानों पर विपक्षी दलों की ओर से तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि ईंधन कीमतों पर सरकारी आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना आवश्यक है। UCC और पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भाजपा का आक्रामक रुख आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है — 'सरकार ने बोझ खुद उठाया' का दावा तब तक अधूरा है जब तक यह स्पष्ट न हो कि यह सब्सिडी किस मद से आई और इसका राजकोषीय असर क्या है। UCC को 'जनआकांक्षा' बताना भाजपा का परीक्षित चुनावी फ्रेम है, लेकिन अल्पसंख्यक समुदायों की चिंताओं को इस बयान में जगह नहीं मिली। TMC पर हमला चुनावी मौसम की आहट है — पर असली सवाल यह है कि क्या भाजपा पश्चिम बंगाल में संगठनात्मक रूप से उतनी मजबूत है जितना वह दिखाना चाहती है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौरव वल्लभ ने कच्चे तेल की कीमतों पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 50% से अधिक बढ़ी हैं, जबकि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें केवल 7 से 7.5% बढ़ाई गई हैं। उनके अनुसार केंद्र सरकार ने शेष मूल्य वृद्धि का बोझ स्वयं वहन किया।
भारत में ईंधन कीमतें अन्य देशों की तुलना में कितनी बढ़ीं?
गौरव वल्लभ के दावे के अनुसार अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान और कनाडा में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 40 से 100% तक बढ़ीं, जबकि भारत में यह वृद्धि केवल 7 से 7.5% रही। हालांकि, इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक पर भाजपा का क्या रुख है?
भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने UCC को देश की जनता की आकांक्षा बताया और कहा कि एक देश में अलग-अलग कानून नहीं हो सकते। उन्होंने दावा किया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर भी UCC के पक्षधर थे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने तुष्टीकरण के कारण इसे लागू नहीं किया।
गौरव वल्लभ ने ममता बनर्जी और TMC पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि TMC के सांसद लगातार इस्तीफा दे रहे हैं और पार्टी का संगठन कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपनी पार्टी की स्थिति सुधारनी चाहिए।
भारत कितना कच्चा तेल आयात करता है और इसका क्या असर होता है?
गौरव वल्लभ के अनुसार भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। इसी कारण वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू ईंधन दरों और आम जनता की जेब पर पड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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