वलसाड में प्राकृतिक कृषि उपज के 10 कियोस्क: सीएम भूपेंद्र पटेल ने पहले 'प्रभा' केंद्र का किया उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 3 नवंबर 2026 को वलसाड जिले में 'प्रभा प्राकृतिक कृषि उपज बिक्री केंद्र' का उद्घाटन किया। यह केंद्र जिले में प्रस्तावित 10 कियोस्कों के नेटवर्क की पहली कड़ी है, जिसका मकसद प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को उपभोक्ताओं से सीधे जोड़ना और मध्यस्थों की भूमिका घटाकर किसानों को बेहतर आय दिलाना है।
मुख्य घटनाक्रम
उद्घाटन समारोह में वित्त, शहरी विकास एवं शहरी आवास मंत्री कनू देसाई, लोकसभा सांसद एवं व्हिप धवल पटेल, वलसाड विधायक भरत पटेल, जिला विकास अधिकारी अतिराग चपलॉट और पुलिस अधीक्षक युवराजसिंह जडेजा उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री पटेल ने केंद्र का निरीक्षण किया और बिक्री के लिए उपलब्ध उत्पादों की जानकारी ली।
केंद्र में क्या मिलेगा
इस बिक्री केंद्र पर प्राकृतिक रूप से उगाई गई सब्जियाँ, फल, अनाज और शहद उपलब्ध हैं। इसके अलावा प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले इनपुट — जैसे घन जीवामृत, गोमूत्र, बीजामृत और जीवामृत — भी किसान यहाँ से खरीद सकते हैं। यह व्यवस्था एक ही स्थान पर उत्पाद बिक्री और कृषि-इनपुट दोनों को संभव बनाती है।
सरकार की प्राकृतिक कृषि नीति
गुजरात सरकार वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिये प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देती आई है। 2020 में राज्य ने गाय-आधारित प्राकृतिक खेती करने वाले पात्र किसानों को एक देसी गाय के रखरखाव के लिए प्रति माह ₹900 की सहायता राशि देने की घोषणा की थी, साथ ही जीवामृत जैसे इनपुट तैयार करने के लिए उपकरण-किट खरीदने में भी आर्थिक मदद का प्रावधान किया था।
राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार ने नवंबर 2024 में प्राकृतिक कृषि पर राष्ट्रीय मिशन को मंजूरी दी थी। इस मिशन का ध्येय पशुधन-एकीकृत पद्धतियों और विविध फसल प्रणालियों पर आधारित रासायनिक-मुक्त खेती को प्रोत्साहित करना है, जिससे मृदा स्वास्थ्य में सुधार, खेती की लागत में कमी और पारिस्थितिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
आम जनता और किसानों पर असर
प्रस्तावित 10 कियोस्क वलसाड जिले में खेत से उपभोक्ता तक की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब देश में प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की माँग लगातार बढ़ रही है। उपभोक्ताओं को रासायनिक-मुक्त खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध होंगे, जबकि किसानों को उचित मूल्य और संगठित बाज़ार का लाभ मिलेगा।
क्या होगा आगे
वलसाड जिले में शेष 9 कियोस्क चरणबद्ध तरीके से खोले जाने की योजना है। यह नेटवर्क जिले भर के प्राकृतिक किसानों को एक साझा विपणन मंच देगा और उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने में भी भूमिका निभाएगा। गुजरात का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी संदर्भ बिंदु बन सकता है, जहाँ प्राकृतिक कृषि के विस्तार की कोशिश हो रही है।