वंदे मातरम में संशोधन नहीं होना चाहिए था: रामगोपाल यादव, दंड प्रावधान पर जताई सहमति
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव ने 31 जुलाई 2026 को 'वंदे मातरम' विधेयक पारित होने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रगीत में संशोधन नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधेयक में जोड़े गए दंड के प्रावधान से उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन वंदे मातरम के मूल स्वरूप में बदलाव उचित नहीं था।
वंदे मातरम पर रामगोपाल यादव का पक्ष
रामगोपाल यादव ने कहा, 'वंदे मातरम पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम का नारा लगाकर लोग जेल गए, सीने पर गोलियां खाई।' उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम जितना शुरुआत में था — जिसे सभी पढ़ और याद कर सकते थे — उसे पूरा करके जो जोड़ा गया है, वह न लाने वालों को याद है, न सुनने वालों को।
सपा सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वंदे मातरम में संशोधन नहीं करना चाहिए था। हालाँकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि विधेयक में जो दंड की व्यवस्था की गई है, उससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन पर बयान
रामगोपाल यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित तौर पर हुई गड़बड़ी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ उत्तर प्रदेश का मुद्दा नहीं है। यह पूरे देश और दुनिया भर के उन श्रद्धालुओं की भावनाओं और आस्था से जुड़ा है जो भगवान राम को मानते हैं। जो भयानक चोरी और गड़बड़ी हुई है, वो मामूली नहीं है। अभी जो दिख रहा है, वह तो बस एक छोटी सी झलक है।'
एंटी-पेपर लीक बिल और प्रधानमंत्री की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एंटी-पेपर लीक बिल की प्रशंसा किए जाने पर रामगोपाल यादव ने कहा, 'अगर प्रधानमंत्री ने ऐसा कहा है, तो यह अच्छी बात है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।' यह टिप्पणी उल्लेखनीय है क्योंकि सपा आमतौर पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करती रही है।
तेलंगाना सीएम के बयान पर आपत्ति
रामगोपाल यादव ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि 'इंजीनियरिंग ग्रेजुएट क्रिमिनल वेस्ट हैं।' सपा सांसद ने कहा, 'उन्हें यह बात नहीं करनी चाहिए थी। यह आपत्तिजनक है।' गौरतलब है कि दोनों नेता विपक्षी गठबंधन के घटक दलों से हैं, जिससे यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण हो जाती है।
आगे क्या
वंदे मातरम विधेयक के पारित होने के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ आनी जारी हैं। रामगोपाल यादव की यह टिप्पणी दर्शाती है कि विपक्ष के भीतर भी राष्ट्रगीत के मूल स्वरूप को लेकर एकमत है, भले ही संशोधन की प्रक्रिया पर मतभेद हों।