वाराणसी साइबर सेल का बड़ा एक्शन: एक साल में 103 अपराधी जेल, ₹76 लाख पीड़ितों को वापस
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी साइबर सेल ने पिछले एक वर्ष में 103 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है — यह जानकारी एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने दी। इन अपराधियों का संबंध 8 अलग-अलग फर्जी कॉल सेंटर से था, जो इन्वेस्टमेंट स्कैम, फेक जॉब और पिरामिड स्कीम जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे थे। साइबर जागरूकता अभियान के चलते वाराणसी में साइबर फ्रॉड की कुल रकम पिछले वर्ष के ₹30 करोड़ से घटकर इस वर्ष जून तक ₹17 करोड़ रह गई है।
मुख्य घटनाक्रम
एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि साइबर सेल दो मोर्चों पर एक साथ काम करती है — जागरूकता अभियान और अपराध का पता लगाकर कार्रवाई। इस दोहरी रणनीति का असर अब आँकड़ों में साफ दिख रहा है। वाराणसी में साइबर फ्रॉड से जुड़े मुकदमों की संख्या में कमी आई है, चाहे वह एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायतें हों या एफआईआर पंजीकरण।
इसके अतिरिक्त, 5 अलग-अलग मामलों में 20 आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि वाराणसी, उत्तर प्रदेश का पहला जिला था जिसने 2024 में साइबर अपराध से जुड़े किसी मामले में गैंगस्टर एक्ट लागू किया।
रकम होल्ड और रिफंड की प्रक्रिया
साइबर सेल ने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से इस वर्ष करीब ₹70 करोड़ की धोखाधड़ी वाली रकम में से ₹5.5 करोड़ होल्ड करा दिए हैं। इसके अलावा, पीड़ितों को ₹76 लाख की राशि सफलतापूर्वक वापस दिलाई जा चुकी है।
सक्सेना ने बताया कि होल्ड की गई शेष रकम को भी जल्द रिलीज़ कराने की प्रक्रिया चल रही है। एनसीआरपी पोर्टल के ज़रिए रकम होल्ड कराने की गति में भी उल्लेखनीय तेज़ी आई है।
जागरूकता अभियान का असर
सक्सेना के अनुसार, साइबर जागरूकता कार्यक्रमों का सीधा असर फ्रॉड की रकम में आई गिरावट के रूप में सामने आया है। पिछले एक वर्ष में वाराणसी में साइबर फ्रॉड की कुल राशि ₹30 करोड़ से घटकर ₹17 करोड़ हो गई — यानी करीब 43% की कमी। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
साइबर सेल हाई-टेक टूल्स का इस्तेमाल करते हुए अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी करती है। फर्जी कॉल सेंटर, जो अक्सर निवेश के नाम पर या नौकरी का झाँसा देकर लोगों को ठगते हैं, अब सेल के निशाने पर हैं।
क्या होगा आगे
होल्ड की गई रकम की रिलीज़ प्रक्रिया जारी है और पीड़ितों को अधिक धनराशि वापस मिलने की संभावना है। साइबर सेल का लक्ष्य जागरूकता और कार्रवाई दोनों मोर्चों पर और अधिक सक्रियता बनाए रखना है, ताकि वाराणसी में साइबर अपराध की दर को और नीचे लाया जा सके।