27 अक्टूबर 2026
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वीना जॉर्ज हमला मामला: मेडिकल रिपोर्ट में बाहरी चोट के निशान नहीं, एसआईटी जांच में नए खुलासे

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वीना जॉर्ज हमला मामला: मेडिकल रिपोर्ट में बाहरी चोट के निशान नहीं, एसआईटी जांच में नए खुलासे

सारांश

केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज पर कथित हमले की एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा — मेडिकल रिपोर्ट में बाहरी चोट नहीं, पूर्व गनमैन का बयान पलटा, और एक महिला इंस्पेक्टर के नाम पर फर्जी गवाही का दावा। पाँच केएसयू कार्यकर्ताओं ने 16 दिन हिरासत में बिताए।

मुख्य बातें

परियारम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने एसआईटी को बताया कि वीना जॉर्ज के शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं थे; उन्हें गर्दन में सूजन के कारण आईसीयू में भर्ती किया गया था।
पूर्व गनमैन अभिलाष ने स्वीकार किया कि उन्होंने केएसयू कार्यकर्ताओं के खिलाफ शुरुआती बयान जॉर्ज के निर्देश पर दिया था और हथियार से हमला खुद नहीं देखा था।
एक महिला इंस्पेक्टर ने कहा कि उन्होंने कोई बयान नहीं दिया, फिर भी उनके नाम से एक बयान दर्ज था।
पाँच केएसयू कार्यकर्ताओं ने हत्या के प्रयास सहित गंभीर आरोपों में 16 दिन न्यायिक हिरासत में बिताए।
एसआईटी डीजीपी को रिपोर्ट सौंपने की तैयारी कर रही है, जिसमें अभिलाष के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
कन्नूर रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज और मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान भी हथियार से हमले के दावे पर सवाल उठाते हैं।

केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज पर केरल छात्र संघ (केएसयू) कार्यकर्ताओं द्वारा कथित हमले की जांच 27 अक्टूबर 2026 को एक नए मोड़ पर पहुँच गई, जब परियारम मेडिकल कॉलेज, कन्नूर के डॉक्टरों ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को बताया कि जॉर्ज के शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए थे। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें गर्दन में सूजन के कारण आईसीयू में भर्ती किया गया था, न कि किसी हथियार से हुई चोट के चलते।

मेडिकल साक्ष्य और एसआईटी की कार्रवाई

एसआईटी ने परियारम मेडिकल कॉलेज के उपचारकर्ता डॉक्टरों के बयान दर्ज किए हैं और अस्पताल से वीना जॉर्ज का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड भी हासिल कर लिया है। चिकित्सकों के इस बयान ने मूल शिकायत में लगाए गए हथियार से हमले के आरोप को कमज़ोर करने का काम किया है। गौरतलब है कि कन्नूर रेलवे स्टेशन पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज ने भी पहले से इस आरोप पर सवाल खड़े किए थे।

पूर्व गनमैन अभिलाष का पलटा बयान

यह खुलासे वीना जॉर्ज के पूर्व गनमैन अभिलाष के हालिया बयान के कुछ दिन बाद सामने आए हैं। अभिलाष ने एसआईटी को बताया कि उन्होंने केएसयू कार्यकर्ताओं के खिलाफ अपना शुरुआती बयान जॉर्ज के निर्देश पर दिया था और उन्होंने हथियार से हमले की घटना को स्वयं नहीं देखा था। इससे पहले अभिलाष ने ही आरोप लगाया था कि कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन मंत्री पर हथियारों से हमला किया, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित पाँच केएसयू कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

एक महिला इंस्पेक्टर की हैरान करने वाली गवाही

एक अन्य महिला इंस्पेक्टर ने भी एसआईटी को बताया है कि उन्होंने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया था, लेकिन उन्हें अपने नाम से जारी एक बयान देखकर हैरानी हुई। यह गवाही मूल जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाती है और यह संकेत देती है कि कथित तौर पर दस्तावेज़ी प्रक्रिया में अनियमितताएँ हो सकती हैं।

आरोपी कार्यकर्ताओं पर असर

मूल शिकायत के आधार पर पाँचों केएसयू कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था और जमानत मिलने से पहले उन्होंने 16 दिन न्यायिक हिरासत में बिताए। अब अभिलाष के पलटे बयान और मेडिकल रिपोर्ट के नए तथ्यों के बाद उन पर लगाए गए गंभीर आपराधिक आरोपों की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला 25 फरवरी को कन्नूर रेलवे स्टेशन पर केएसयू के काले झंडे वाले विरोध-प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ था।

आगे क्या होगा

एसआईटी अब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को एक रिपोर्ट सौंपने की तैयारी कर रही है, जिसमें कथित तौर पर झूठा बयान देने के लिए अभिलाष के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। यह ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान एसआईटी का गठन कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद आगे की जांच का आदेश देने पर हुआ था। यह मामला केरल में एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है, जिसमें पूर्व सीपीआई(एम) सरकार के कार्यकाल की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट के बाद इस मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई की दिशा तय होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सीसीटीवी फुटेज और गनमैन के पलटे बयान एक ही दिशा में इशारा कर रहे हैं, तो यह पूछना ज़रूरी है कि पाँच युवाओं को 16 दिन जेल में रखने वाली शिकायत किस आधार पर दर्ज हुई। एक महिला इंस्पेक्टर के नाम पर बिना उनकी जानकारी के बयान दर्ज होना — अगर यह साबित होता है — तो यह पुलिस दस्तावेज़ीकरण में गंभीर संस्थागत विफलता को दर्शाता है। मुख्यधारा की कवरेज जो 'राजनीतिक विवाद' के खाँचे में इसे देख रही है, वह इस तथ्य को नज़रअंदाज़ कर रही है कि असली मुद्दा जवाबदेही का है — चाहे अभियुक्त किसी भी पार्टी से क्यों न हों।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीना जॉर्ज हमला मामले में मेडिकल रिपोर्ट से क्या नया खुलासा हुआ है?
परियारम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने एसआईटी को बताया कि वीना जॉर्ज के शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं थे और उन्हें गर्दन की सूजन के कारण आईसीयू में भर्ती किया गया था। यह मूल शिकायत में लगाए गए हथियार से हमले के आरोप से मेल नहीं खाता।
पूर्व गनमैन अभिलाष ने अपना बयान क्यों पलटा?
अभिलाष ने एसआईटी को बताया कि उन्होंने केएसयू कार्यकर्ताओं के खिलाफ शुरुआती बयान वीना जॉर्ज के निर्देश पर दिया था और हथियार से हमले की घटना उन्होंने स्वयं नहीं देखी थी। उनके इस नए बयान से मूल शिकायत की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं।
केएसयू के पाँच कार्यकर्ताओं पर क्या आरोप लगे थे और उनका क्या हुआ?
अभिलाष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पाँच केएसयू कार्यकर्ताओं के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया था। उन्हें गिरफ्तार किया गया और जमानत मिलने से पहले 16 दिन न्यायिक हिरासत में बिताने पड़े।
वीना जॉर्ज मामले में एसआईटी का गठन क्यों हुआ और आगे क्या होगा?
कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद मामले में आगे जांच का आदेश देने पर एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी अब डीजीपी को एक रिपोर्ट सौंपने की तैयारी कर रही है, जिसमें कथित झूठा बयान देने के लिए अभिलाष के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
यह घटना मूल रूप से कब और कहाँ हुई थी?
यह घटना 25 फरवरी को कन्नूर रेलवे स्टेशन पर हुई थी, जब केएसयू कार्यकर्ताओं ने वीना जॉर्ज के खिलाफ काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया था। वह उस समय सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थीं।
राष्ट्र प्रेस
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