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विदेश में भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर चिंता: 350 मामले, रूस में सबसे अधिक 200 शिकायतें

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विदेश में भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर चिंता: 350 मामले, रूस में सबसे अधिक 200 शिकायतें

सारांश

विदेश में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। राज्यसभा में उठे इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने 350 मामलों का जिक्र किया, जिसमें 200 शिकायतें केवल रूस से हैं। क्या सरकार इस पर ध्यान देगी?

मुख्य बातें

विदेश में भारतीय छात्रों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है।
350 मामलों में से 200 शिकायतें रूस से आई हैं।
सरकार को शिक्षा के निजीकरण पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
विदेशों में शिक्षा सस्ती पड़ती है।
सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस) विदेश में भारतीय छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में चर्चा का विषय बना। कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने इसे सदन के समक्ष उठाया, यह कहते हुए कि यह एक महत्वपूर्ण विषय है। गोहिल ने कहा कि जब भी किसी भारतीय नागरिक का उत्पीड़न होता है या उन पर हमला किया जाता है, तो यह केवल उस व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे देश की इज्जत पर हमला माना जाता है।

उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसी घटनाओं से देश की इज्जत को नुकसान होता है। हमारे देश के छात्र 196 देशों में पढ़ाई और अभ्यास के लिए जाते हैं। हाल ही में रूस में भारतीय छात्रों पर चाकू से हमला हुआ, जिसमें चार छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन ने इस घटना के खिलाफ शिकायत दर्ज की है और विरोध भी किया है।

गोहिल ने बताया कि विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 350 छात्रों को किसी न किसी तरीके से दिक्कतें आई हैं। इन शिकायतों में से 200 शिकायतें केवल रूस से आई हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसा क्यों हो रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि वह सरकार से अनुरोध करना चाहते हैं। केंद्र सरकार ने देश में शिक्षा का बहुत अधिक निजीकरण कर दिया है, जिससे कई छात्रों को विदेशों में एमबीबीएस जैसे पाठ्यक्रम करना उचित लगता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि विदेशों में छात्र कम फीस में पढ़ाई कर पाते हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षा का खर्च कम करने की मांग की।

गोहिल ने कहा कि हमारे देश के नागरिक, चाहे वे किसी भी पार्टी या विचारधारा के हों, सरकार को सभी की चिंता करनी चाहिए। वर्तमान में पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण बड़े-बड़े देश अपने नागरिकों के लिए सुविधाएं देने में लगे हैं, जबकि भारत की ओर से ऐसी कोई सुविधा नहीं दी जा सकी है। उन्होंने कहा कि एयरलाइंस दुबई या किसी अन्य स्थान से लोगों को लाने में अधिक किराया ले रही हैं। केवल स्वदेश वापसी की टिकट के लिए ये एयरलाइंस लोगों को लूट रही हैं और हम केवल देख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश की प्रतिष्ठा के लिए भी महत्वपूर्ण है। सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश में भारतीय छात्रों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है, जिसमें छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय शामिल हैं।
क्यों भारतीय छात्र विदेशों में पढ़ाई करने के लिए जाते हैं?
विदेशों में शिक्षा का खर्च कम होने और उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के कारण भारतीय छात्र वहाँ पढ़ाई करने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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