विश्व निद्रा दिवस: अनिद्रा से मुक्ति के लिए अपनाएं ये प्रभावी योगासन
सारांश
Key Takeaways
- अनिद्रा से छुटकारा पाने के लिए योगासन मददगार हैं।
- योग से तनाव कम होता है और गहरी नींद आती है।
- भद्रासन और हस्तोत्तानासन जैसे आसन लाभदायक हैं।
- नियमित प्राणायाम से मन की शांति बढ़ती है।
- योग का अभ्यास सुबह या शाम किया जा सकता है।
नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। क्या आप भी रात में बार-बार करवटें बदलते हैं या एक बार नींद टूटने पर फिर से सोना आपके लिए कठिनाई पैदा करता है? यदि हाँ, तो आप अनिद्रा (इंसोम्निया) की समस्या का सामना कर रहे हैं, जो आजकल की जीवनशैली में एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। पर्याप्त नींद की कमी के कारण अगले दिन थकान, ऊर्जा की कमी, शरीर में दर्द और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, जिससे दैनिक कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अनिद्रा के प्रमुख कारणों में मानसिक तनाव, अस्वस्थ आहार, चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी शामिल हैं। इसी विषय पर, हर वर्ष १३ मार्च को 'विश्व निद्रा दिवस' मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य के लिए नींद के महत्व को उजागर करना और निद्रा संबंधी विकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
योग का नियमित अभ्यास अनिद्रा को दूर करने में अत्यंत प्रभावी होता है। ये आसन शरीर को शांत करते हैं, तनाव को कम करते हैं और गहरी नींद लाने में सहायता करते हैं। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा कुछ महत्वपूर्ण योगासनों के बारे में जानकारी प्रदान करता है-
हस्तोत्तानासन के अभ्यास के लिए पैर में दो इंच का फासला रखते हुए सीधे खड़े हों। साँस लेते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाएं, कोहनियाँ सीधी रखें, गर्दन को पीछे झुकाएं और शरीर को पीछे खींचें। सामान्य साँस के साथ कुछ सेकंड रुकें, फिर साँस छोड़ते हुए वापस आएं। यह पीठ और कंधों को खोलता है और तनाव को दूर करता है।
पादहस्तासन करने के लिए पैरों में दो इंच फासला रखकर खड़े हों। साँस भरते हुए हाथ ऊपर उठाएं। साँस छोड़ते हुए कमर से झुकें, हथेलियाँ जमीन पर रखें और गर्दन को नीचे लटकाएं। सामान्य साँस के साथ कुछ देर रुकें। यह सिर में रक्त संचार को बढ़ाता है और मन को शांत करता है।
भद्रासन के लिए दंडासन की स्थिति में बैठें। घुटने मोड़कर दोनों तलवों को मिलाएं, और हाथों से पैर की उंगलियाँ पकड़ें। एड़ियों को शरीर के करीब लाएं और कमर-गर्दन को सीधा रखें। सामान्य साँस के साथ इस आसन में रहें। यह जांघों और कमर को मजबूत बनाता है, और मन को स्थिर करता है।
योग मुद्रासन भी बेहतर नींद के लिए एक प्रभावी आसन है। इसके लिए पद्मासन या अर्धपद्मासन में बैठें। कमर और गर्दन को सीधा रखें। दाहिने हाथ की मुट्ठी कमर के नीचे रखें, बाएँ हाथ से दाएँ कलाई को पकड़ें और आगे झुकें। यह पेट और पीठ पर दबाव डालता है, तनाव को मुक्त करता है और नींद लाने में मददगार होता है।
इसके अलावा, भुजंगासन रीढ़ को मजबूत बनाता है, फेफड़ों को खोलता है और थकान को दूर करता है। नाड़ी शोधन प्राणायाम नाड़ियों को शुद्ध करता है, मन को शांत करता है और अनिद्रा में बहुत लाभदायक होता है। ध्यान का अभ्यास मन की चंचलता को कम करता है और गहरी नींद देता है। इन आसनों का अभ्यास रोजाना सुबह या शाम को करें। शुरुआत में योग विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास करना उत्तम होता है।