क्या योग निद्रा खुद को रिचार्ज करने का बेहतरीन उपाय है?
सारांश
Key Takeaways
- योग निद्रा का अभ्यास तनाव और चिंता को कम करता है।
- यह मानसिक शांति प्रदान करता है।
- नींद की समस्याओं में राहत देता है।
- एकाग्रता और याददाश्त को बढ़ाता है।
- कोई भी व्यक्ति इसे आसानी से कर सकता है।
नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और थकान एक सामान्य समस्या बन गई है। ऐसे में योग निद्रा एक सरल और प्रभावी तरीका है जो न केवल खुद को रिचार्ज करने का उपाय प्रदान करता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, योग निद्रा का नियमित अभ्यास शरीर और मन दोनों को तरोताजा कर देता है। इसे 'योगिक नींद' कहा जाता है। यह एक विशेष प्रकार की गहरी विश्राम की अवस्था है जो पूरी नींद और जागने की स्थिति के बीच होती है। इसमें शरीर आराम की मुद्रा में होता है, जैसे सोया हुआ हो, लेकिन मन पूरी तरह जागरूक और सतर्क रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, योग निद्रा आमतौर पर शवासन में की जाती है। यानी पीठ के बल सीधा लेटना, हाथ-पैर ढीले छोड़ना। इसमें एक प्रशिक्षक या ऑडियो गाइड की मदद से शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, सांस पर फोकस किया जाता है और मन को शांत किया जाता है। यह प्रक्रिया 20-40 मिनट तक चल सकती है।
योग निद्रा अभ्यास के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। सबसे बड़ा फायदा है तनाव और चिंता का कम होना। नियमित अभ्यास से मानसिक शांति मिलती है, नींद की समस्या दूर होती है और अनिद्रा में राहत मिलती है। इससे एकाग्रता और फोकस बढ़ता है, और याददाश्त मजबूत होती है। इससे शरीर में तनाव हार्मोन कम होते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
योग निद्रा कोई कठिन योग आसन नहीं है, बल्कि कोई भी व्यक्ति, किसी भी उम्र का हो, वह घर पर आसानी से इसका अभ्यास कर सकता है। इसके लिए बस एक शांत, आरामदायक जगह पर लेटकर गाइडेड ऑडियो सुनना काफी है। आजकल कई ऐप्स और यूट्यूब पर हिंदी में योग निद्रा सत्र उपलब्ध हैं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शुरुआत में प्रशिक्षित व्यक्ति की देखरेख में सीखें। योग निद्रा न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करती है, बल्कि भावनात्मक संतुलन भी बनाए रखती है। इसके नियमित अभ्यास से जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।