राम मंदिर चंदा विवाद: भूपेश बघेल का BJP पर हमला — 'वोट के बाद अब चढ़ावा भी चुरा रहे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने 13 जुलाई को रायपुर में अयोध्या श्री राम मंदिर के चंदा विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP पहले वोटों की चोरी करती थी और अब धार्मिक चढ़ावे की चोरी पर उतर आई है। बघेल ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
मुख्य आरोप और विवाद का केंद्र
बघेल ने दावा किया कि राम मंदिर निर्माण के लिए दान में दी गई भूमि का एक मामला सामने आया है जिसमें कथित तौर पर ₹2 करोड़ की जमीन को मात्र 10 मिनट में ₹18 करोड़ में बेचा गया। उन्होंने कहा, 'यह पैसा छत्तीसगढ़ की जनता का भी था — देश और दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं ने चंदा दिया था।' उन्होंने स्वयं 12 फरवरी 2021 को ₹1,21,000 का दान देने की बात कही और कहा कि इसकी जाँच की जा सकती है।
बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में कथित तौर पर 40 प्रतिशत कमीशन लिया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लाखों लोगों ने करोड़ों रुपए का दान दिया, जिसका पारदर्शी हिसाब अब तक नहीं दिया गया।
अन्य धार्मिक स्थलों पर भी उठाए सवाल
बघेल ने अयोध्या तक सीमित न रहते हुए बद्रीनाथ और मथुरा में भी अनियमितताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि काशी में सैकड़ों साल पुराने मंदिर तोड़े गए और इन सभी धार्मिक स्थलों पर गुजरात के लोगों का कब्जा बताया जा रहा है। उन्होंने इसे अयोध्या में BJP की हार और वाराणसी में मामूली जीत के अंतर से जोड़ते हुए कहा कि 'अब मथुरा की बारी है।'
विधानसभा में चर्चा की मांग
कांग्रेस नेता डॉ. चरण दास महंत ने अयोध्या राम तीर्थ क्षेत्र में दान और चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में स्थगन प्रस्ताव पेश किया। बघेल ने तर्क दिया कि जब राम मंदिर निर्माण पर विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पेश हो सकता है, तो दान के कथित दुरुपयोग और जमीन की खरीद-बिक्री के आरोपों पर चर्चा क्यों नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने 'रामशिला पूजा' अभियान का भी उल्लेख किया, जिसमें BJP और संघ के सदस्यों ने देशभर के गाँवों से करोड़ों रुपए इकट्ठा किए थे। बघेल ने आरोप लगाया कि उस राशि का आज तक कोई हिसाब नहीं दिया गया।
मोदी की चुप्पी पर सवाल
बघेल ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने की थी और मंदिर के सभी प्रमुख उद्घाटन कार्यक्रमों में वे शामिल रहे। उन्होंने पूछा कि जब ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लग रहे हैं, तो प्रधानमंत्री अब चुप क्यों हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार करने से सच सामने नहीं आएगा, क्योंकि 'बड़े-बड़े लोग खुले घूम रहे हैं।'
डॉ. महंत की प्रतिक्रिया
डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि राम मंदिर के खजाने की कथित लूट की खबरों से वे आहत हैं। उनके अनुसार, हर घर से इकट्ठा की गई दान राशि, सोना, चांदी और आभूषण गायब होने के आरोप सीधे चंपत राय पर लग रहे हैं, लेकिन सरकार छोटे कर्मचारियों को पकड़कर मुख्य आरोपियों को बचा रही है। उन्होंने कहा, 'आस्था के नाम पर खिलवाड़ और लूट बंद होनी चाहिए।'
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राम मंदिर राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील विषय बना हुआ है और 2024 के लोकसभा चुनावों में अयोध्या सीट पर BJP की हार अभी भी चर्चा में है। आने वाले दिनों में विधानसभा की कार्यवाही और संभावित न्यायिक हस्तक्षेप इस मामले की दिशा तय करेंगे।