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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एसआईआर के तहत भरा गणना प्रपत्र, लोकतंत्र मजबूती का दिया संदेश

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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एसआईआर के तहत भरा गणना प्रपत्र, लोकतंत्र मजबूती का दिया संदेश

सारांश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने स्वयं एसआईआर गणना प्रपत्र भरकर एक स्पष्ट संदेश दिया — लोकतंत्र की मजबूती हर नागरिक की जिम्मेदारी है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उपराष्ट्रपति भवन पहुँचे और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों से इस अभियान को नैतिक बल मिला।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 5 जुलाई 2025 को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अपना गणना प्रपत्र जमा किया।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने उपराष्ट्रपति भवन में जाकर गणना प्रक्रिया में सहायता की।
राधाकृष्णन ने कहा — हर वास्तविक मतदाता का पंजीकरण हो, डुप्लीकेट और दिवंगत मतदाताओं के नाम सूची से हटें।
उन्होंने सभी नागरिकों से चुनाव आयोग के साथ सहयोग और निर्धारित प्रपत्र भरने की अपील की।
यह अभियान मतदाता सूची की शुद्धता और लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 5 जुलाई 2025 को मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत अपना गणना प्रपत्र विधिवत रूप से जमा किया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर के नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आग्रह करते हुए कहा कि भारत के जीवंत लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए सटीक और अद्यतन मतदाता सूची अनिवार्य है।

उपराष्ट्रपति भवन में हुई गणना प्रक्रिया

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने निर्वाचन अधिकारियों की टीम के साथ उपराष्ट्रपति भवन पहुँचकर गणना प्रक्रिया में सहायता प्रदान की। यह कदम एसआईआर अभियान को सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की सहभागिता से जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

उपराष्ट्रपति का संदेश: लोकतंत्र को मजबूत करना लक्ष्य

राधाकृष्णन ने स्पष्ट किया कि एसआईआर का उद्देश्य लोकतंत्र को कमज़ोर करना नहीं, बल्कि उसे और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा, 'एसआईआर चुनाव आयोग की ओर से लोकतंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा एक बड़ा अभियान है। हर वास्तविक मतदाता का पंजीकरण होना चाहिए और डुप्लीकेट नामों को समाप्त किया जाना चाहिए। जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है, उनके नाम भी मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए।'

नागरिकों से सहयोग की अपील

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा, 'यह एक अच्छा सुधार है और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी भी है। हमारे देश के प्रत्येक नागरिक को चुनाव आयोग के साथ समन्वय और सहयोग करना चाहिए।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का पूर्ण अधिकार है और इसके लिए निर्धारित प्रपत्र उपलब्ध हैं।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत देशभर में मतदाता सूचियों की सफाई और अद्यतनीकरण की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान का सीधा असर करोड़ों मतदाताओं पर पड़ेगा — विशेषकर उन लोगों पर जिनके नाम सूची में अभी तक दर्ज नहीं हैं या जो स्थान परिवर्तन के कारण अपना नाम अद्यतन कराना चाहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच मतदाता सूची की शुद्धता एक केंद्रीय मुद्दा बनी हुई है।

क्या होगा आगे

चुनाव आयोग द्वारा संचालित यह अभियान निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उपराष्ट्रपति की सहभागिता से यह संकेत मिलता है कि संवैधानिक संस्थाएँ इस प्रक्रिया को व्यापक जन-समर्थन दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित प्रपत्र भरकर निकटतम चुनाव अधिकारी को जमा करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एसआईआर अभियान ज़मीनी स्तर पर कितना प्रभावी होगा — विशेषकर उन वंचित और प्रवासी मतदाताओं के लिए जो अक्सर इस प्रक्रिया से छूट जाते हैं। मतदाता सूची से डुप्लीकेट और दिवंगत नामों को हटाना ज़रूरी है, किंतु आलोचक यह भी रेखांकित करते हैं कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम गलती से न कटें, इसके लिए पुख्ता सुरक्षा उपाय होने चाहिए। संवैधानिक पदों की भागीदारी अभियान को वैधता देती है, पर क्रियान्वयन की जवाबदेही अंततः जिला स्तर के अधिकारियों पर निर्भर करती है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चुनाव आयोग द्वारा संचालित एक अभियान है जिसके तहत मतदाता सूचियों को अद्यतन किया जाता है — नए पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ा जाता है, डुप्लीकेट नाम हटाए जाते हैं और दिवंगत मतदाताओं के नाम सूची से निकाले जाते हैं। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एसआईआर में भाग क्यों लिया?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने स्वयं गणना प्रपत्र भरकर नागरिकों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सटीक मतदाता सूची भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अनिवार्य है।
एसआईआर के तहत गणना प्रपत्र कैसे भरें?
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रपत्र निकटतम चुनाव कार्यालय या बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) से प्राप्त किए जा सकते हैं। प्रपत्र भरकर संबंधित चुनाव अधिकारी को जमा करना होता है। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए चुनाव आयोग का मतदाता पोर्टल भी उपलब्ध है।
दिल्ली में एसआईआर की प्रक्रिया की निगरानी कौन कर रहा है?
दिल्ली में एसआईआर की प्रक्रिया की निगरानी मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार कर रहे हैं, जिन्होंने उपराष्ट्रपति भवन में जाकर स्वयं गणना प्रक्रिया में सहायता प्रदान की।
एसआईआर अभियान से आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
एसआईआर से मतदाता सूची शुद्ध और अद्यतन होगी, जिससे हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित होगा। फर्जी या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटने से चुनावी प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बनेगी।
राष्ट्र प्रेस
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