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कोलकाता में कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का 5 अगस्त को लालबाजार मार्च, पुलिस आयुक्त को सौंपा जाएगा ज्ञापन

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कोलकाता में कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का 5 अगस्त को लालबाजार मार्च, पुलिस आयुक्त को सौंपा जाएगा ज्ञापन

सारांश

पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पर बढ़ते तनाव के बीच कांग्रेस ने 5 अगस्त को लालबाजार मार्च का ऐलान किया है। 21 जुलाई के शहीद दिवस पर कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों और फर्जी मामलों के बाद यह कदम उठाया गया है — राज्य में विपक्षी राजनीति की बढ़ती बेचैनी का सीधा संकेत।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस ने 5 अगस्त 2026 को लालबाजार तक शांतिपूर्ण मार्च की घोषणा की है।
मार्च दोपहर 12 बजे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सामने से शुरू होगा; कोलकाता पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने 21 जुलाई को शहीद दिवस कार्यक्रम में आ रहे कार्यकर्ताओं पर हमलों और अस्पताल में भर्ती होने का आरोप लगाया।
माँगों में कानून-व्यवस्था सुधार, कथित फर्जी मामलों की वापसी और प्रशासन की निष्पक्ष भूमिका शामिल हैं।
कांग्रेस ने पत्रकारों पर हमलों और छात्र आंदोलन में पार्टी कार्यकर्ताओं की कथित गलत गिरफ्तारियों पर भी चिंता जताई।

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस ने 5 अगस्त 2026 को कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है। राज्य में कथित तौर पर बिगड़ती कानून-व्यवस्था, विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमलों और उनके खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मामलों के विरोध में यह कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने मंगलवार, 28 जुलाई को इस मार्च की औपचारिक घोषणा की।

मार्च का कार्यक्रम और मार्ग

5 अगस्त को दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता और लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था रखने वाले नागरिक कलकत्ता विश्वविद्यालय के सामने एकत्र होंगे। वहाँ से शांतिपूर्ण जुलूस निकालकर लालबाजार तक पहुँचा जाएगा, जहाँ कोलकाता पुलिस आयुक्त को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा जाएगा। शुभंकर सरकार ने बताया कि पार्टी मूल रूप से विभिन्न थानों का घेराव करने की योजना बना रही थी, परंतु राज्य की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लालबाजार मार्च का निर्णय लिया गया।

21 जुलाई की घटनाओं का हवाला

शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि 21 जुलाई को शहीद मीनार में आयोजित कांग्रेस के शहीद दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विभिन्न जिलों से कोलकाता आ रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोका गया और उन पर हमले किए गए। उनके अनुसार, कई कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई, वे घायल हुए और कुछ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, ऐसा उनका आरोप है।

भाजपा पर हमलों का आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा समर्थकों ने कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया, उनके साथ मारपीट की और खाने-पीने का सामान तक लूट लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के बावजूद पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। यह उल्लेखनीय है कि ये आरोप एकपक्षीय हैं और भाजपा तथा पुलिस की ओर से इन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।

छात्र आंदोलन और पत्रकारों पर हमले की चिंता

शुभंकर सरकार ने हाल ही में कोलकाता में हुए छात्र आंदोलन और पत्रकारों पर हुए हमलों को लेकर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने पत्रकारों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि इन घटनाओं में कांग्रेस के छात्र और युवा विंग के कार्यकर्ता शामिल नहीं थे। इसके बावजूद, उनके अनुसार, आंदोलन में भाग लेने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी मामले दर्ज किए गए और उन्हें गिरफ्तार किया गया।

मार्च की प्रमुख माँगें

लालबाजार मार्च के दौरान कांग्रेस तीन प्रमुख माँगें रखेगी — राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार, विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मामलों की वापसी, और राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में प्रशासन की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित करना। यह मार्च पश्चिम बंगाल में विपक्षी राजनीति की बढ़ती बेचैनी का प्रतीक है, जो आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सत्तारूढ़ दल पर बार-बार प्रशासन का दुरुपयोग करने के आरोप लगते रहे हैं। 21 जुलाई की घटनाएँ — यदि सत्यापित होती हैं — तो यह दर्शाती हैं कि राज्य में विपक्षी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा एक गंभीर प्रश्न बन चुकी है। हालाँकि, पुलिस और भाजपा दोनों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है, जो इस पूरी तस्वीर को एकतरफा बनाती है। असली सवाल यह है कि क्या यह मार्च केवल प्रतीकात्मक दबाव बनाएगा, या राज्य सरकार को ठोस जवाब देने पर मजबूर करेगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस का लालबाजार मार्च क्यों निकाला जा रहा है?
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस राज्य में कथित तौर पर बिगड़ती कानून-व्यवस्था, विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमलों और उनके खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मामलों के विरोध में यह मार्च निकाल रही है। 21 जुलाई को शहीद दिवस कार्यक्रम में आ रहे कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले इस मार्च की तत्काल वजह बने हैं।
लालबाजार मार्च कब और कहाँ से शुरू होगा?
मार्च 5 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच कलकत्ता विश्वविद्यालय के सामने से शुरू होगा और कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार तक जाएगा। वहाँ कोलकाता पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
कांग्रेस की प्रमुख माँगें क्या हैं?
कांग्रेस तीन प्रमुख माँगें रखेगी — राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार, विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मामलों की वापसी, और राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित करना।
21 जुलाई को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ क्या हुआ था?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के अनुसार, शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न जिलों से कोलकाता आ रहे कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोका गया, उन पर हमले किए गए और कई को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, यह उनका आरोप है।
पत्रकारों पर हमलों में कांग्रेस की क्या भूमिका बताई जा रही है?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि पत्रकारों पर हुए हमलों में कांग्रेस के छात्र और युवा विंग के कार्यकर्ता शामिल नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद आंदोलन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी मामले दर्ज किए गए और गिरफ्तारियाँ की गईं।
राष्ट्र प्रेस
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