योगी आदित्यनाथ की चकरौत जनसभा में गूंजे 'जय श्री राम' और 'बुलडोजर बाबा' के नारे
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 मई 2026 को बलरामपुर में मां पाटेश्वरी का पूजन करने के बाद गोंडा जिले के चकरौत स्थित सभास्थल पर आयोजित जनसभा में भाग लिया। कटरा और करनैलगंज विधानसभा क्षेत्रों की सीमा पर आयोजित इस सभा में दोनों क्षेत्रों के बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।
सुबह सात बजे से उमड़ी भीड़
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सुबह दस बजे प्रस्तावित था, लेकिन सुबह सात बजे से ही लोग सभास्थल पर पहुंचने लगे। दस बजे से पहले ही पंडाल खचाखच भर गया और चारों ओर भगवा झंडे लहराते दिखे। कटरा निवासी आशीष मिश्रा ने बताया कि वे मुख्यमंत्री को सुनने और देखने के लिए सुबह सात बजे ही पहुंच गए थे। उनके साथ आए मनीष, शिवम और अन्य लोगों ने भी मुख्यमंत्री के विकास मॉडल की सराहना की।
भगवान राम की प्रतिमा और गदा से हुआ स्वागत
जिले के जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने मुख्यमंत्री को भगवान राम की प्रतिमा और गदा भेंट कर उनका स्वागत किया। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें मां शक्ति की प्रतिमा शक्ति और सेवा के प्रतीक के रूप में भेंट की गई। कार्यक्रम में स्थानीय जनता, पार्टी कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
'बुलडोजर बाबा' का जयघोष, पंडाल में उत्साह का माहौल
स्वागत उद्बोधन में कैसरगंज लोकसभा सांसद करन भूषण सिंह ने मुख्यमंत्री को 'बुलडोजर बाबा' कहकर संबोधित किया। इतना कहते ही पंडाल में 'जय श्री राम' और 'बुलडोजर बाबा की जय' के उद्घोष गूंज उठे। लोग कुर्सियों पर खड़े होकर मुख्यमंत्री का भाषण सुनते नजर आए।
मुख्यमंत्री ने गोंडा को बताया 'ऊर्जावान जनपद'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि गोंडा ऊर्जावान जनपद है — यहाँ के युवा ऊर्जावान हैं, किसान परिश्रमी हैं, और बहनें व बेटियाँ प्रतिभाशाली हैं। करनैलगंज से पहुंचे आलोक मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह संदेश कि 'अच्छे जनप्रतिनिधि चुनें' एकदम सही है, क्योंकि सही जनप्रतिनिधि चुनने से ही विकास होता है।
समर्थकों ने सराहा विकास मॉडल
सभा में उपस्थित समर्थकों ने कहा कि 'बुलडोजर बाबा के राज में जितनी तेजी से बुलडोजर चलता है, उससे अधिक तेज गति से विकास का पहिया भी चलता है।' यह जनसभा आगामी विधानसभा चुनावी तैयारियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, और मुख्यमंत्री की क्षेत्रीय पकड़ को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखी जा रही है।