गोड़धोइया नाला परियोजना: CM योगी ने किया निरीक्षण, सपा पर भूमाफिया संरक्षण का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जुलाई को गोरखपुर में ₹495 करोड़ की गोड़धोइया नाला परियोजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया — फातिमा हॉस्पिटल के निकट और जेल बाईपास के समीप दो स्थानों पर। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में भूमाफियाओं ने सरकारी ज़मीनों पर गलत इंदराज कराकर आम नागरिकों को ठगा, और भाजपा सरकार ने उन प्रभावितों को सम्मानजनक मुआवज़ा दिया है।
मुख्यमंत्री के आरोप और मुआवज़े का दावा
जेल बाईपास पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार के दौरान भूमाफियाओं ने गोड़धोइया नाले के आसपास की सरकारी ज़मीनों पर फर्जी कागज़ात तैयार कर लोगों को बेचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार ने जब यह परियोजना शुरू की, तो जिन लोगों के नाम ज़मीन के कागज़ों पर दर्ज थे, उन सभी को मुआवज़ा प्रदान किया गया।
परियोजना की विशेषताएँ और उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोड़धोइया नाला अब 9.50 किलोमीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा बन चुका है। इसके साथ 18 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा रही है ताकि नाले में सीवर का पानी न गिरे। परियोजना के तहत 36 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), 14 पुल और 61 एमएलडी का मास्टर पंप स्टेशन (एमपीएस) का कार्य पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि नाले पर दोनों ओर सड़क, रेलिंग, फुटपाथ और प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही नाले के दोनों किनारों पर सघन पौधरोपण का भी आह्वान किया गया। उनकी योजना है कि नाले पर यातायात व्यवस्था हो और सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित किए जाएँ।
जलभराव से राहत और भविष्य की संभावनाएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नाले के पुनरोद्धार से पहले गोरखपुर महानगर के उत्तरी क्षेत्र के 17 वार्ड बारिश में जलमग्न हो जाते थे। हाल ही में 15 घंटे की मूसलाधार बारिश में भी उत्तरी क्षेत्र में जलभराव नहीं हुआ, क्योंकि नाले ने सारा पानी सोख लिया। उन्होंने कहा कि जब सभी नालों का पुनरोद्धार पूरा होगा, तो महानगर में कहीं भी पानी नहीं रुकेगा।
यह पानी गोड़धोइया नाले से होते हुए रामगढ़ताल और तरकुलानी से गुज़रकर राप्ती नदी तक पहुँचेगा। उन्होंने चेताया कि यदि नाले में कूड़ा डाला गया या अतिक्रमण हुआ, तो जलभराव, बदबू और बीमारी की समस्याएँ फिर लौट सकती हैं। परियोजना से गोरखपुर उत्तर क्षेत्र की लगभग 3 लाख आबादी को लाभ मिल रहा है।
विकास कार्यों और संपत्ति मूल्य पर असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरलेन सड़कों — मोहद्दीपुर से बाईपास, स्पोर्ट्स कॉलेज से बरगदवा, असुरन से मेडिकल कॉलेज और असुरन से पिपराइच — के निर्माण से क्षेत्र की संपत्तियों का मूल्य बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि पहले जो संपत्ति ₹1 लाख की थी, वह अब ₹5 लाख की हो गई है। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और रोज़गार के नए अवसर भी बन रहे हैं।
जनसभा में अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
जनसभा के दौरान बारिश शुरू हो जाने पर मुख्यमंत्री ने पंडाल से बाहर खड़े नागरिकों को तुरंत जर्मन हैंगर में बुला लिया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि योगी सरकार के विकास कार्यों को देखकर विरोधियों के पास कुछ बोलने को नहीं बचा। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने गोड़धोइया नाला परियोजना को मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का मॉडल बताया और कहा कि इससे महानगर को जलभराव से स्थायी राहत मिलेगी। आगे सीवर लाइन का कार्य अंतिम चरण में है और शेष बुनियादी ढाँचा जल्द पूरा होने की उम्मीद है।