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असम के CM हिमंता ने चंद्रपुर में ISTRAC की एडवांस्ड रडार रिसर्च फैसिलिटी की आधारशिला रखी

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असम के CM हिमंता ने चंद्रपुर में ISTRAC की एडवांस्ड रडार रिसर्च फैसिलिटी की आधारशिला रखी

सारांश

चंद्रपुर में ISTRAC की एडवांस्ड रडार रिसर्च फैसिलिटी की आधारशिला — प्रोजेक्ट नेत्रा के तहत भारत की अंतरिक्ष निगरानी क्षमता को नई धार। यह असम के लिए बड़ा पड़ाव है: जो राज्य कभी प्रमुख तकनीकी केंद्रों से दूर माना जाता था, वह अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष अवसंरचना का हिस्सा बन रहा है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चंद्रपुर में ISTRAC की एडवांस्ड रडार रिसर्च फैसिलिटी का 21 सितंबर 2026 को भूमि पूजन किया।
यह सुविधा प्रोजेक्ट नेत्रा के तहत बनेगी, जो भारत का अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता कार्यक्रम है।
रडार केंद्र अंतरिक्ष में वस्तुओं की ट्रैकिंग और उपग्रह सुरक्षा में भारत की क्षमता को बेहतर बनाएगा।
मुख्यमंत्री सरमा ने इसे पूर्वोत्तर भारत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया और प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।
परियोजना भारत की उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अवसंरचना के विकेंद्रीकरण की नीति का हिस्सा है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 22 सितंबर 2026 को चंद्रपुर में इसरो के ISTRAC (ISRO Telemetry, Tracking and Command Network) की एडवांस्ड रडार रिसर्च फैसिलिटी का भूमि पूजन किया। यह सुविधा 'प्रोजेक्ट नेत्रा' (NETRA) के तहत विकसित की जाएगी — भारत की एक रणनीतिक पहल जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष में वस्तुओं की निगरानी और ट्रैकिंग क्षमता को सुदृढ़ करना है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को असम के उन्नत तकनीकी अवसंरचना के केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव बताया।

प्रोजेक्ट नेत्रा और रडार केंद्र का महत्व

प्रोजेक्ट नेत्रा भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता (Space Situational Awareness) कार्यक्रम है, जो पृथ्वी की कक्षा में उपग्रहों, अंतरिक्ष मलबे और अन्य वस्तुओं को ट्रैक करने के लिए बनाया गया है। चंद्रपुर में प्रस्तावित रडार रिसर्च सेंटर इस कार्यक्रम की निगरानी क्षमता में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, यह केंद्र महत्वपूर्ण अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा, संचार तथा वैज्ञानिक अनुसंधान में अंतरिक्ष अवसंरचना की बढ़ती भूमिका को देखते हुए अत्यंत प्रासंगिक है। गौरतलब है कि पृथ्वी की कक्षा में वस्तुओं की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, जिससे ऐसी निगरानी क्षमताओं की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदर्भ

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "एक ऐसे राज्य के लिए जिसे कभी भारत के प्रमुख टेक्नोलॉजी सेंटरों से दूर माना जाता था, यह देखना बहुत संतोषजनक है कि आज असम ऐसे अत्याधुनिक राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर का केंद्र बन रहा है।" उन्होंने इस रणनीतिक परियोजना के लिए असम को चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य को राष्ट्रीय अनुसंधान और तकनीकी पहलों के साथ अधिक जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है। पारंपरिक रूप से पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी अवसंरचना परियोजनाओं से बाहर रखा जाता था; इस परियोजना को उस रुझान में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

असम के लिए व्यापक निहितार्थ

यह परियोजना भारत के उच्च स्तरीय वैज्ञानिक और तकनीकी अवसंरचना को पारंपरिक मेट्रो शहरों से बाहर विकेंद्रीकृत करने की नीति का हिस्सा है। असम के लिए, यह रडार रिसर्च फैसिलिटी न केवल राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में राज्य की भूमिका को स्थापित करती है, बल्कि क्षेत्र में उच्च कुशल तकनीकी रोज़गार और शोध अवसरों की संभावनाएँ भी खोलती है।

यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में केंद्र सरकार की अवसंरचना परियोजनाओं की गति पिछले कुछ वर्षों में तेज़ हुई है — सड़क, रेल और अब अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र में भी।

आगे क्या होगा

भूमि पूजन के बाद निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत होगी। ISTRAC द्वारा निर्मित यह रडार रिसर्च सेंटर भारत के अंतरिक्ष निगरानी नेटवर्क को और मज़बूत करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी सुविधाएँ भारत को वैश्विक स्तर पर अंतरिक्ष क्षमता में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगी। परियोजना की समयसीमा और कुल लागत का विवरण अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परियोजना की समयसीमा, कुल बजट और रोज़गार सृजन के लक्ष्य अभी तक स्पष्ट नहीं किए गए हैं, जो पारदर्शिता की दृष्टि से आवश्यक हैं। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में पूर्वोत्तर की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में यह सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता निर्माण की गति और परिचालन तत्परता पर निर्भर करेगी — केवल भूमि पूजन पर नहीं।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रपुर में बनने वाली ISTRAC रडार रिसर्च फैसिलिटी क्या है?
यह इसरो के ISTRAC नेटवर्क के तहत असम के चंद्रपुर में स्थापित होने वाला एक एडवांस्ड रडार अनुसंधान केंद्र है। इसे 'प्रोजेक्ट नेत्रा' के अंतर्गत विकसित किया जाएगा, जो भारत का अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता कार्यक्रम है।
प्रोजेक्ट नेत्रा क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
प्रोजेक्ट नेत्रा भारत की एक राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य पृथ्वी की कक्षा में उपग्रहों, अंतरिक्ष मलबे और अन्य वस्तुओं की निगरानी और ट्रैकिंग को सुदृढ़ करना है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
इस परियोजना से असम को क्या फायदा होगा?
इस रडार रिसर्च सेंटर से असम को राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में सीधी भागीदारी मिलेगी। यह राज्य में उच्च कुशल तकनीकी रोज़गार और शोध के अवसर पैदा कर सकता है तथा पूर्वोत्तर को प्रमुख वैज्ञानिक अवसंरचना के नक्शे पर स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री हिमंता सरमा ने इस परियोजना के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह परियोजना असम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि जो राज्य कभी भारत के प्रमुख टेक्नोलॉजी केंद्रों से दूर माना जाता था, वह आज अत्याधुनिक राष्ट्रीय अवसंरचना का केंद्र बन रहा है।
क्या इस परियोजना की लागत और समयसीमा घोषित की गई है?
अभी तक परियोजना की कुल लागत और पूर्णता की आधिकारिक समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है। भूमि पूजन के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन विस्तृत ब्यौरा बाद में जारी किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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