क्या भारत का फॉर्मल जॉब मार्केट वैश्विक भर्ती की धीमी गति के बावजूद मजबूत है?

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क्या भारत का फॉर्मल जॉब मार्केट वैश्विक भर्ती की धीमी गति के बावजूद मजबूत है?

सारांश

भारत का फॉर्मल जॉब मार्केट वैश्विक भर्ती की धीमी गति के बावजूद मजबूत हो रहा है। हाल की रिपोर्ट में बताया गया है कि विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती मांग के चलते जॉब पोस्टिंग में 8.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जानिए इस विकास के पीछे के कारण और भारत के जॉब मार्केट के भविष्य के बारे में।

मुख्य बातें

भारत का जॉब मार्केट महामारी के पहले के स्तर से लगभग 80 प्रतिशत ऊपर है।
फॉर्मल सेक्टर में नौकरी सृजन समग्र रोजगार वृद्धि से आगे निकल रहा है।
जनरेटिव एआई भूमिकाओं की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
कर्नाटक और तेलंगाना जनरेटिव एआई के लिए प्रमुख केंद्र बन गए हैं।
सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेक्टर का बाजार पर हावी होना।

बेंगलुरु, 13 जून (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक स्तर पर भर्ती की धीमी गति के बावजूद, भारत का फॉर्मल जॉब मार्केट विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती मांग के चलते एक मजबूत पुनरुत्थान का अनुभव कर रहा है। यह जानकारी शुक्रवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई।

ग्लोबल जॉब प्लेटफॉर्म इंडीड द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, मई में भारत में जॉब पोस्टिंग में 8.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो थोड़े समय के ठहराव के बाद एक मजबूत वापसी का संकेत है।

यह वृद्धि भारत के जॉब मार्केट की मजबूती और गति को उजागर करती है, जो कि महामारी से पहले के स्तर से लगभग 80 प्रतिशत ऊपर है।

भारत में नौकरियों की वृद्धि एक अधिक स्ट्रक्चर्ड और फॉर्मल इकोनॉमी की ओर इसके बदलाव से प्रेरित है।

इंडीड के एपीएसी वरिष्ठ अर्थशास्त्री कैलम पिकरिंग ने कहा, "जैसे-जैसे देश बदल रहा है, वैसे-वैसे फॉर्मल सेक्टर में नौकरी सृजन समग्र रोजगार वृद्धि से आगे निकल रहा है। यह लगातार ऊपर की ओर रुझान भारत को कई अन्य वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं से आगे रखता है।"

रिपोर्ट में पाया गया कि पिछले तीन महीनों में लगभग 80 प्रतिशत व्यवसायों में जॉब पोस्टिंग में वृद्धि हुई है।

जॉब पोस्टिंग में चाइल्डकेयर में 27 प्रतिशत, पर्सनल केयर और होम हेल्थ में 25 प्रतिशत, शिक्षा में 24 प्रतिशत, और प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग में 22 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि सामाजिक और औद्योगिक सेवाओं में बढ़ती मांग को दर्शाता है।

सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेक्टर भारत के फॉर्मल हायरिंग स्पेस पर हावी है, इंडीड पर हर पांच में से लगभग एक जॉब पोस्टिंग इसी सेक्टर में होती है।

रिपोर्ट का एक और मुख्य आकर्षण जनरेटिव एआई में कुशल प्रतिभाओं की मांग में वृद्धि थी।

इस वर्ष मई तक भारत में सभी जॉब पोस्टिंग के 1.5 प्रतिशत में जनरेटिव एआई का जिक्र था, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना से भी अधिक है।

जनरेटिव एआई से संबंधित भूमिकाएं न केवल टेक और डेटा एनालिटिक्स में केंद्रित हैं, बल्कि साइंटिफिक रिसर्च, मार्केटिंग और मैनेजमेंट में भी उभर रही हैं।

कर्नाटक और तेलंगाना जैसे रिजनल हब जनरेटिव एआई अवसरों के लिए प्रमुख केंद्र बन गए हैं, जबकि महाराष्ट्र कुल नौकरी की मात्रा में सबसे आगे है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत का फॉर्मल जॉब मार्केट वैश्विक स्तर पर चुनौतियों के बावजूद एक नया मुकाम प्राप्त कर रहा है। यह न केवल रोजगार के अवसरों को बढ़ा रहा है, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। उपयुक्त नीतियों और बाजार की मांग के साथ, भारत इस दिशा में निरंतर प्रगति कर सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में जॉब पोस्टिंग में कितनी वृद्धि हुई है?
भारत में जॉब पोस्टिंग में 8.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
जनरेटिव एआई में कितनी मांग बढ़ी है?
जनरेटिव एआई से संबंधित सभी जॉब पोस्टिंग में 1.5 प्रतिशत का जिक्र है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना है।
कौन से क्षेत्रों में जॉब पोस्टिंग में सबसे अधिक वृद्धि हुई है?
चाइल्डकेयर, पर्सनल केयर और होम हेल्थ, शिक्षा, और प्रोडक्शन एवं मैन्युफैक्चरिंग में सबसे अधिक वृद्धि हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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