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मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल लॉन्च: भारत की पहली 100% एथेनॉल कार, गडकरी ने किया अनावरण

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मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल लॉन्च: भारत की पहली 100% एथेनॉल कार, गडकरी ने किया अनावरण

सारांश

मारुति सुजुकी ने वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल के साथ भारत में एक नया अध्याय लिखा — देश का पहला यात्री वाहन जो 100% एथेनॉल पर चल सकता है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में हुए इस लॉन्च से स्पष्ट है कि सरकार और उद्योग दोनों पेट्रोल निर्भरता घटाने की दिशा में गंभीर हैं।

मुख्य बातें

मारुति सुजुकी ने 4 जून 2026 को वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल लॉन्च किया — भारत का पहला 100% एथेनॉल पर चलने वाला यात्री वाहन।
यह कार ई20 से ई100 तक किसी भी एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चलने में सक्षम है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लॉन्च में भाग लिया; सरकार 15% आइसोब्यूटेनॉल मिश्रित डीजल लाने की योजना बना रही है।
कंपनी के सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) और हाइड्रोजन ईंधन में निवेश की जानकारी दी।
पिछले वित्तीय वर्ष में उद्योग में बिके लगभग आधे ग्रीन वाहन मारुति सुजुकी के थे।

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने 4 जून 2026 को नई दिल्ली में वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल को लॉन्च किया — यह भारत का पहला यात्री वाहन है जो 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने में सक्षम है। यह लॉन्च ऐसे समय पर हुआ है जब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पेट्रोल-डीजल महँगे हो गए हैं और देश स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है।

वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल की खासियतें

यह नया मॉडल ई20 से लेकर ई100 तक के एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चलने में सक्षम है। इसका अर्थ है कि चालक अपनी सुविधा और उपलब्धता के अनुसार किसी भी अनुपात में एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण का उपयोग कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार, यह भारत के परिवहन क्षेत्र में जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

गडकरी की उपस्थिति और सरकार का रुख

लॉन्च कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने स्वच्छ परिवहन समाधानों को बढ़ावा देने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों की जानकारी दी। गडकरी ने बताया कि सरकार अपनी वैकल्पिक ईंधन रणनीति के तहत 15 प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिश्रित डीजल पेश करने की योजना बना रही है।

उन्होंने मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी ऑटोमोबाइल कंपनियों से आग्रह किया कि वे पुराने वाहनों को फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल में बदलें और उन्हें यूरो 6 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप बनाएँ। गडकरी के अनुसार, ऐसे कदम वायु प्रदूषण कम करने और वाहन स्क्रैपेज कार्यक्रम को गति देने में सहायक होंगे।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र और भारतीय अर्थव्यवस्था

गडकरी ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र को भारतीय अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख विकास चालक बताया और कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल उद्योग बन चुका है, जो जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देता है। गौरतलब है कि यह मील का पत्थर ऐसे समय पर आया है जब वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन वाहनों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

कंपनी की हरित ऊर्जा रणनीति

मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने बताया कि कंपनी कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) परियोजनाओं में निवेश कर रही है और हाइड्रोजन ईंधन सहित अन्य स्वच्छ तकनीकों की भी खोज जारी है। कंपनी के विपणन और बिक्री के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में उद्योग में बिकने वाले लगभग आधे ग्रीन वाहन मारुति सुजुकी के थे।

आगे की राह

वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल का यह लॉन्च भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम पड़ाव है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की व्यापक स्वीकृति एथेनॉल आपूर्ति श्रृंखला और ईंधन स्टेशन नेटवर्क के विस्तार पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीन पर होगी — क्योंकि भारत में एथेनॉल पंप नेटवर्क अभी भी सीमित है और ई100 की उपलब्धता बड़े शहरों तक ही सिमटी है। गडकरी का 15% आइसोब्यूटेनॉल डीजल का प्रस्ताव महत्वाकांक्षी है, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला की तैयारी पर सवाल बने हुए हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारत का 2025 तक 20% एथेनॉल मिश्रण लक्ष्य अभी पूरी तरह हासिल नहीं हुआ है — ऐसे में 100% एथेनॉल वाहन की व्यावहारिक सफलता नीति और बुनियादी ढाँचे दोनों पर एक साथ निर्भर करेगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल क्या है?
वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल भारत का पहला यात्री वाहन है जो ई20 से ई100 तक — यानी 100 प्रतिशत एथेनॉल तक — किसी भी एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चल सकता है। इसे मारुति सुजुकी ने 4 जून 2026 को नई दिल्ली में लॉन्च किया।
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन पारंपरिक पेट्रोल कार से कैसे अलग है?
पारंपरिक पेट्रोल कार केवल निर्धारित एथेनॉल मिश्रण (जैसे ई10 या ई20) पर चल सकती है, जबकि फ्लेक्स-फ्यूल वाहन ई20 से ई100 तक किसी भी अनुपात में एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण का उपयोग कर सकता है। इससे चालक को ईंधन चुनाव में अधिक लचीलापन मिलता है और पेट्रोल पर निर्भरता घटती है।
इस लॉन्च में सरकार की क्या भूमिका रही?
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी लॉन्च कार्यक्रम में उपस्थित थे। उन्होंने ऑटोमोबाइल कंपनियों से पुराने वाहनों को फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल में बदलने और यूरो 6 मानकों के अनुरूप बनाने का आग्रह किया, साथ ही 15% आइसोब्यूटेनॉल मिश्रित डीजल लाने की योजना की जानकारी दी।
मारुति सुजुकी की हरित ऊर्जा में और क्या योजनाएँ हैं?
कंपनी के सीईओ हिसाशी ताकेउची के अनुसार, मारुति सुजुकी कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) परियोजनाओं में निवेश कर रही है और हाइड्रोजन ईंधन जैसी स्वच्छ तकनीकों की खोज भी जारी है। पिछले वित्तीय वर्ष में उद्योग में बिके लगभग आधे ग्रीन वाहन मारुति सुजुकी के थे।
वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल का आम उपभोक्ता पर क्या असर होगा?
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच यह वाहन उपभोक्ताओं को पेट्रोल के सस्ते विकल्प के रूप में एथेनॉल उपयोग करने का विकल्प देता है। हालाँकि, इसका व्यावहारिक लाभ एथेनॉल पंप नेटवर्क की उपलब्धता पर निर्भर करेगा, जो अभी देश के सभी हिस्सों में सुलभ नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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