13 सितंबर 2026
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ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026: RBI गवर्नर मल्होत्रा ने लॉन्च कीं कई डिजिटल वित्तीय पहलें

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ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026: RBI गवर्नर मल्होत्रा ने लॉन्च कीं कई डिजिटल वित्तीय पहलें

सारांश

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में RBI ने भारत का पहला टोकनाइज़्ड कॉरपोरेट बॉन्ड पायलट, ओपन-सोर्स ATM और क्रेडिट लाइन ऑन UPI जैसी पहलें लॉन्च कीं। गवर्नर मल्होत्रा ने फिनटेक को वित्तीय समावेशन का अहम भागीदार बताते हुए डिजिटल सुरक्षा और ग्राहक-केंद्रितता को प्राथमिकता बताया।

मुख्य बातें

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने GFF 2026 में कई डिजिटल वित्तीय नवाचार लॉन्च किए।
भारत का पहला टोकनाइज़्ड कॉरपोरेट बॉन्ड पायलट शुरू — ब्लॉकचेन और CBDC आधारित निपटान की दिशा में अहम क़दम।
ओपन-सोर्स (एंड्रॉइड) ATM से इंस्टेंट RuPay कार्ड और मर्चेंट UPI QR जारी करने की सुविधा शुरू।
चुनिंदा सरकारी ऋण योजनाओं के लिए 'क्रेडिट लाइन ऑन UPI' की सुविधा दी गई।
AePS के तहत थ्री-पार्टी कैश डिपॉज़िट की शुरुआत हुई।
RBI ने वित्तीय समावेशन , ग्राहक-केंद्रितता और डिजिटल सुरक्षा को तीन प्रमुख प्राथमिकताएँ बताया।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 के दौरान कई अहम डिजिटल वित्तीय नवाचारों की शुरुआत की, जिनमें भारत का पहला टोकनाइज़्ड कॉरपोरेट बॉन्ड पायलट, ओपन-सोर्स ATM और 'क्रेडिट लाइन ऑन UPI' जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। RBI ने शनिवार, 12 सितंबर को कहा कि इन पहलों से एक अधिक भरोसेमंद, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार वित्तीय व्यवस्था के निर्माण के भारत के दृष्टिकोण को ठोस बल मिला है।

GFF 2026 में क्या-क्या लॉन्च हुआ

इस वर्ष के फिनटेक फेस्ट की थीम 'एजेंटिक AI, टोकनाइज़ेशन, क्वांटम — समावेशी वित्त के लिए भरोसेमंद, कनेक्टेड और ग्लोबल सिस्टम' रही। इस मंच पर RBI ने कई उल्लेखनीय इनोवेशन पेश किए। इनमें भारत का पहला टोकनाइज़्ड कॉरपोरेट बॉन्ड पायलट सबसे प्रमुख रहा, जो प्रतिभूतियों और परिसंपत्तियों के निपटान में ब्लॉकचेन और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के व्यावहारिक उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इसके अलावा इंस्टेंट RuPay कार्ड और मर्चेंट UPI QR जारी करने के लिए ओपन-सोर्स (एंड्रॉइड) ATM, चुनिंदा सरकार समर्थित ऋण योजनाओं हेतु 'क्रेडिट लाइन ऑन UPI' की सुविधा, तथा आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) के तहत थ्री-पार्टी कैश डिपॉज़िट की भी शुरुआत की गई।

RBI गवर्नर का फिनटेक पर दृष्टिकोण

संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि फिनटेक कंपनियाँ भारत के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में अहम भागीदार के रूप में उभरी हैं और देशभर में वित्तीय समावेशन बढ़ाने में उनकी भूमिका आगे और निर्णायक होगी। उन्होंने कहा — 'फिनटेक हमारे लिए एक बहुत महत्वपूर्ण भागीदार है।' मल्होत्रा ने फिनटेक कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के बीच अधिक सहयोग की ज़रूरत पर बल दिया ताकि ग्राहक-केंद्रित सेवाओं को मज़बूत किया जा सके।

वित्तीय समावेशन और सुरक्षा पर ज़ोर

गवर्नर मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि RBI तीन प्राथमिकताओं पर केंद्रित है — वित्तीय समावेशन, ग्राहक-केंद्रितता और सुरक्षित डिजिटल वित्तीय प्रणाली का विकास। उन्होंने कहा कि तकनीक पारंपरिक बैंकिंग चैनलों से आगे बढ़कर वित्तीय सेवाओं को गाँवों और घर-परिवारों के और क़रीब ला सकती है। गौरतलब है कि भारत का UPI नेटवर्क पहले ही मासिक अरबों लेनदेन संभाल रहा है, और इन नई पहलों से इस ढाँचे में और परतें जुड़ने की उम्मीद है।

RBI की डिजिटल रणनीति का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय बैंक डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने और बैंकिंग सेवाओं की लागत घटाने पर समानांतर रूप से काम कर रहा है। RBI फिनटेक कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि सेवाएँ अधिक लोगों तक पहुँचें। टोकनाइज़्ड बॉन्ड पायलट और CBDC का एकीकरण दर्शाता है कि भारत ब्लॉकचेन तकनीक के नियंत्रित उपयोग में आगे बढ़ रहा है — जो वैश्विक स्तर पर अभी भी अधिकांश केंद्रीय बैंकों के लिए प्रायोगिक चरण में है।

आगे की राह

GFF 2026 में लॉन्च की गई पहलों के क्षेत्रीय क्रियान्वयन दिशानिर्देश आने वाले हफ़्तों में अपेक्षित हैं। ओपन-सोर्स ATM और AePS थ्री-पार्टी कैश डिपॉज़िट जैसी सुविधाएँ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में वित्तीय पहुँच का विस्तार कर सकती हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नवाचार ज़मीनी स्तर पर डिजिटल वित्तीय समावेशन की खाई को कितना पाट पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — टोकनाइज़्ड बॉन्ड पायलट और ओपन-सोर्स ATM जैसे इनोवेशन तभी सार्थक होंगे जब ये प्रयोगशाला से निकलकर ज़मीनी स्तर तक पहुँचें। भारत का डिजिटल भुगतान ढाँचा विश्वस्तरीय है, पर वित्तीय समावेशन की ज़मीनी हक़ीक़त अभी भी असमान है — ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट कनेक्टिविटी की चुनौतियाँ बनी हुई हैं। CBDC और ब्लॉकचेन का नियंत्रित प्रयोग सही दिशा है, लेकिन बिना स्पष्ट समयसीमा और मापन ढाँचे के ये पायलट प्रोजेक्ट अनिश्चितकाल तक 'पायलट' ही बने रहने का जोखिम रखते हैं।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 में RBI ने क्या-क्या लॉन्च किया?
RBI ने भारत का पहला टोकनाइज़्ड कॉरपोरेट बॉन्ड पायलट, ओपन-सोर्स (एंड्रॉइड) ATM, क्रेडिट लाइन ऑन UPI, तथा AePS के तहत थ्री-पार्टी कैश डिपॉज़िट जैसी कई डिजिटल वित्तीय पहलें लॉन्च कीं।
टोकनाइज़्ड कॉरपोरेट बॉन्ड पायलट क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह ब्लॉकचेन और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) का उपयोग करके प्रतिभूतियों के निपटान का पायलट प्रोजेक्ट है। यह भारत में डिजिटल परिसंपत्ति निपटान की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है।
क्रेडिट लाइन ऑन UPI क्या है?
यह एक सुविधा है जिसके तहत चुनिंदा सरकार समर्थित ऋण योजनाओं के लिए UPI प्लेटफ़ॉर्म पर क्रेडिट लाइन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पात्र उपभोक्ता सीधे UPI के ज़रिये ऋण सुविधा का लाभ उठा सकें।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फिनटेक को लेकर क्या कहा?
मल्होत्रा ने कहा कि फिनटेक कंपनियाँ भारत के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र की महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उन्होंने वित्तीय समावेशन, ग्राहक-केंद्रितता और सुरक्षित डिजिटल वित्तीय प्रणाली को RBI की प्रमुख प्राथमिकताएँ बताया।
इन नई पहलों से आम लोगों को क्या फ़ायदा होगा?
ओपन-सोर्स ATM और AePS थ्री-पार्टी कैश डिपॉज़िट से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुँच बढ़ेगी। क्रेडिट लाइन ऑन UPI से सरकारी ऋण योजनाओं का लाभ UPI के ज़रिये सीधे मिल सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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