सेमीकॉन इंडिया 2026: ओडिशा को ₹23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, नारज में 870 एकड़ की 'ओडिशा सिलिकॉन वैली' बनेगी
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा ने सेमीकॉन इंडिया 2026 में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाते हुए लगभग ₹23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं, जिनसे 6,100 से अधिक रोज़गार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्वयं वैश्विक कंपनियों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें आयोजित कीं। इस कार्यक्रम में राज्य ने कटक के निकट नारज में 870 एकड़ में विश्वस्तरीय 'ओडिशा सिलिकॉन वैली' विकसित करने का ऐलान भी किया।
वैश्विक भागीदारी और समझौते
सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान मुख्यमंत्री माझी ने जापान, स्वीडन और ताइवान के प्रतिनिधिमंडलों के साथ-साथ लैम रिसर्च, एप्लाइड मैटेरियल्स, 3डी ग्लास सॉल्यूशंस, साइएंट, लिंडे और होरिबा इंडिया जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
इस मौके पर क्वाडक्वांटम के साथ SiC सब्सट्रेट वेफर्स निर्माण हेतु एक सेमीकंडक्टर फैसिलिटी के लिए लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत घरेलू चिप-निर्माण क्षमता को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रही है।
नारज सिलिकॉन वैली: रणनीतिक महत्व
मुख्यमंत्री माझी ने घोषणा की कि कटक के पास नारज में 870 एकड़ भूमि पर 'ओडिशा सिलिकॉन वैली' विकसित की जाएगी, जिसे विश्वस्तरीय सेमीकंडक्टर हब के रूप में तैयार किया जाएगा। इस हब में बड़े सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी परियोजनाओं को स्थान दिया जाएगा।
नारज की भौगोलिक स्थिति इस परियोजना के लिए अत्यंत अनुकूल है — कटक-भुवनेश्वर अर्बन कॉरिडोर से निकटता, पारादीप और धामरा जैसे प्रमुख बंदरगाहों तथा राष्ट्रीय राजमार्गों से संपर्क। गौरतलब है कि महानदी के किनारे होने से सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्रक्रिया के लिए आवश्यक पर्याप्त जल-आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा, 'हम एक ऐसा ग्लोबल इकोसिस्टम बनाना चाहते हैं, जहां कंपनियां मैन्युफैक्चर, इनोवेट और ग्रो कर सकें।'
ओडिशा पवेलियन: रेत से सिलिकॉन तक
सेमीकॉन इंडिया 2026 में ओडिशा पवेलियन ने राज्य की 'रेत से सिलिकॉन' तक की यात्रा को प्रदर्शित किया। यहाँ RIR पावर, SICSem, 3DGS, ARF डिज़ाइन और NIT राउरकेला तथा PMEC ब्रह्मपुर जैसे संस्थानों द्वारा निर्मित 'मेड इन इंडिया' चिप्स के पहले बैच को प्रदर्शित किया गया।
यह प्रदर्शनी इस बात का प्रमाण है कि ओडिशा केवल निवेश आमंत्रित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुसंधान संस्थानों और स्थानीय उद्योग के सहयोग से एक स्वदेशी सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र भी खड़ा कर रहा है।
नीतिगत सुधार और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन से तालमेल
ओडिशा सरकार ने अपनी सेमीकंडक्टर नीति को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के साथ संरेखित किया है। तीसरे नीतिगत संशोधन के अंतर्गत राज्य ने सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माण, सेमीकंडक्टर-ग्रेड गैस और कच्चे माल के क्षेत्र में ISM-अनुमोदित परियोजनाओं को 25 प्रतिशत अतिरिक्त राजकोषीय सहायता देने का प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री माझी ने इस अवसर पर कहा, 'ओडिशा की सेमीकंडक्टर यात्रा इरादे से लागू करने की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। हम वैल्यू चेन के ज़रूरी क्षेत्रों में निवेश लाने में कामयाब रहे हैं और खास परियोजनाओं को ज़मीन पर उतार रहे हैं।'
आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ₹23,600 करोड़ के ये प्रस्ताव वास्तविक निवेश प्रतिबद्धताओं में कितनी तेज़ी से परिवर्तित होते हैं और नारज सिलिकॉन वैली की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया किस गति से आगे बढ़ती है।